
प्राचीन भारत का इतिहास भाग-47 MCQ-2026
16 महाजनपद MCQ | ये 25 सवाल नहीं आए तो कुछ नहीं आएगा (100% Exam Target)
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प्रश्न 1: विदेह की राजधानी क्या थी?
(A) वैशाली
(B) मिथिला
(C) राजगृह
(D) श्रावस्ती
✅ उत्तर: B) मिथिला
📝 विदेहों की राजधानी मिथिला थी, जो कनिंघम महोदय के अनुसार वर्तमान नेपाल की सीमा में जनकपुर नामक कस्बे के रूप में आज भी विद्यमान है। विदेह (आधुनिक तिरहुत, बिहार) पूर्व काल में एक साम्राज्य था, जो कि अपने दार्शनिक सम्राट जनक के समय अत्यन्त शक्तिशाली व सुप्रसिद्ध हो गया। यह राजर्षि जनक और याज्ञवत्वय के नेतृत्व में वैदिक संस्कृति का महान् केन्द्र बना। विदेह का अन्तिम सम्राट कराल या कलार था।
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प्रश्न 2: मल्ल महाजनपद के किन दो शाखाओं के मल्ल प्रसिद्ध थे?
(A) राजगृह और पाटलिपुत्र
(B) कुशीनगर और पावा
(C) वैशाली और मिथिला
(D) श्रावस्ती और साकेत
✅ उत्तर: B) कुशीनगर और पावा
📝 मल्ल महाजनपद 8 राज्यों का एक संघ था, जिसमें ‘कुशीनगर’ व ‘पावा’ के मल्ल काफी प्रसिद्ध थे। कुशीनगर की पहचान गोरखपुर जिले के कसिया नामक गांव से की जाती है। कनिंघम महोदय ने पावा की पहचान आधुनिक उ.प्र. के देवरिया जिले में स्थित पडरौना नामक स्थान से की है। मल्लों का राज्य पहले राजतांत्रिक था परन्तु बुद्ध के समय में गणतंत्र में परिवर्तित हो गया। ये मल्ल वीर तथा युद्ध प्रिय थे।
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प्रश्न 3: महात्मा बुद्ध के दो प्रिय शिष्य कौन थे जो मल्ल थे?
(A) सारिपुत्र और मोग्गलान
(B) आनन्द और उपालि
(C) देवदत्त और राहुल
(D) कश्यप और अनिरुद्ध
✅ उत्तर: B) आनन्द और उपालि
📝 महात्मा बुद्ध के दो प्रिय शिष्य आनन्द व उपालि मल्ल ही थे। उपालि पहले जैन धर्म को मानने वाला था, बाद में वह बौद्ध धर्म का उपासक बना। ये मल्ल जैन तथा बौद्ध मतों के अनुयायी और समर्थक थे। 5वीं शताब्दी ई.पू. में मगध नरेश ‘अजातशत्रु’ ने मल्ल को पराजित कर उसे अपने साम्राज्य का अंग बना लिया क्योंकि मल्ल राज्य ने वज्जि संघ को अजातशत्रु के आक्रमण के समय सहायता की थी।
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प्रश्न 4: मगध की आरंभिक राजधानी क्या थी?
(A) पाटलिपुत्र
(B) गिरिव्रज (राजगृह)
(C) वैशाली
(D) कौशांबी
✅ उत्तर: B) गिरिव्रज (राजगृह)
📝 मगध महाजनपद की आरंभिक राजधानी गिरिव्रज थी। रामायण में इसे वसुमती कहा गया है। प्रकृति द्वारा संरक्षित और पर्याप्त जल की विद्यमानता के कारण इसे राजधानी बनाया गया। इस पर राजगृह नगर था जो पांच पहाड़ियों से घिरा था – वैहार, वराह, वृषभ, ऋषिगिरि और चैतयक। प्रसिद्ध सप्तपर्णि की गुहा वैहार पर्वत पर ही थी जहां प्रथम बौद्ध संगीति आयोजित हुई थी। राजगृह का नगरमापन करनेवाला सूत्रधार महागोविन्द था।
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प्रश्न 5: राजगृह को कितनी पहाड़ियों ने घेरा था?
(A) तीन
(B) चार
(C) पांच
(D) सात
✅ उत्तर: C) पांच
📝 राजगृह पांच पहाड़ियों से घिरा था – वैहार, वराह, वृषभ, ऋषिगिरि और चैतयक। प्रसिद्ध सप्तपर्णि की गुहा वैहार पर्वत पर ही थी, जहां प्रथम बौद्ध संगीति आयोजित हुई थी। राजगृह प्राकृतिक रूप से सुरक्षित स्थान था जो मगध की प्रारंभिक राजधानी थी। बिंबिसार और अजातशत्रु के शासनकाल में राजगृह मगध की राजधानी रही। बाद में इसे पाटलिपुत्र में स्थानांतरित किया गया जो गंगा के किनारे व्यापारिक दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण था।
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प्रश्न 6: मगध शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?
(A) ऋग्वेद
(B) यजुर्वेद
(C) अथर्ववेद
(D) सामवेद
✅ उत्तर: C) अथर्ववेद
📝 मगध शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है। मगध महाजनपद में दक्षिणी बिहार के पटना और गया जिलों के क्षेत्र सम्मिलित थे। इस राज्य के उत्तर में गंगा नदी और पश्चिम में सोन नदी प्रवाहित होती थी। मगध 16 महाजनपदों में सर्वाधिक शक्तिशाली था और इसने अन्य महाजनपदों की तुलना में अपनी श्रेष्ठता साबित कर अपने को एक विशाल साम्राज्य के रूप में तब्दील कर लिया।
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प्रश्न 7: हर्यक वंश को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
(A) नाग वंश
(B) पितृहन्ता वंश
(C) सूर्यवंश
(D) चन्द्रवंश
✅ उत्तर: B) पितृहन्ता वंश
📝 हर्यक वंश को ‘पितृहन्ता वंश’ भी कहकर पुकारा जाता है, क्योंकि इसके हर परवर्तीकालीन शासक ने अपने पूर्ववर्ती पिता की हत्या कर सत्ता प्राप्त की थी। हर्यक कुल का तात्पर्य होता है – वह कुल जिसका चिन्ह हरा है। दूसरे शब्दों में, यह हर्यक वंश नाग कुल से उत्पन्न हुआ था। इस वंश का संस्थापक बिम्बसार था। अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार की हत्या करके सत्ता प्राप्त की थी।
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प्रश्न 8: बिम्बिसार की उपाधि क्या थी?
(A) देवानांप्रिय
(B) श्रेणिय
(C) महासेन
(D) चक्रवर्ती
✅ उत्तर: B) श्रेणिय
📝 बिम्बसार एक सामान्य सामंत भट्टिय का पुत्र था और उसकी उपाधि ‘श्रेणिय’ या ‘सेणिय’ थी। इसके आधार पर डी.आर. भंडारकर ने यह अनुमान लगाया है कि बिम्बसार प्रारंभ में संभवतः वज्जियों के सेनापति के रूप में मगध में कार्य कर रहा था और अंततः उसने स्वयं को मगध नरेश बना लिया। इसका दूसरा नाम कुमारसेन था। बिंबिसार एक शक्तिशाली राजा था जिसकी अधीनता में लगभग 80000 ग्राम थे।
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प्रश्न 9: बिम्बिसार ने अपने साम्राज्य विस्तार के लिए कितनी नीतियों का पालन किया?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पांच
✅ उत्तर: B) तीन
📝 बिम्बसार ने अपने साम्राज्य के विस्तार हेतु कुल तीन प्रकार की नीतियों का पालन किया – वैवाहिक नीति, कूटनयिक नीति तथा आक्रामक नीति। वैवाहिक नीति के अन्तर्गत उसने कुछ शक्तिशाली राज्यों के साथ वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किये। ‘महावग्ग’ नामक बौद्ध साहित्य के अनुसार बिम्बसार की 500 पत्नियां थीं। उसने अपनी कूटनयिक नीति के अन्तर्गत गांधार व अवन्ति का विश्वास जीता।
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प्रश्न 10: बिम्बिसार ने किस महाजनपद की राजकुमारी महाकोसला देवी से विवाह किया?
(A) वत्स
(B) कोसल
(C) अवन्ति
(D) गांधार
✅ उत्तर: B) कोसल
📝 बिम्बसार ने कोसल महाजनपद के साथ दोहरा वैवाहिक संबंध स्थापित किया। उसने अपनी बहन की शादी प्रसेनजित के साथ की और प्रसेनजित की बहन तथा कोसल नरेश महाकोसल की पुत्री महाकोसला देवी के साथ स्वयं शादी की। कोसला देवी को कोसल नरेश ने एक लाख कार्षापण की वार्षिक आय वाली काशी का एक ग्राम नहानचुनमुन या स्नानचूर्ण या यौतुक रूप में दहेज़ में प्रदान किया। इससे मगध को पश्चिम से कोई भय नहीं रहा।
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प्रश्न 11: बिम्बिसार की दूसरी पत्नी कौन थी?
(A) महाकोसला देवी
(B) चेल्लना
(C) खेमा
(D) वासवी
✅ उत्तर: B) चेल्लना
📝 बिम्बसार की दूसरी पत्नी लिच्छवियों के प्रधान ‘चेटक’ की पुत्री ‘चेल्लना’ या ‘छलना’ थी। तीसरी पत्नी मद्र (पंजाब) देश की राजकुमारी ‘खेमा या क्षेमा’ थी। इनमें खेमा या क्षेमा बिम्बसार की पटरानी थी। उसकी एक अन्य पत्नी वैदेही वासवी थी। वैशाली के साथ वैवाहिक संबंध की स्थापना से मगध की उत्तरी सीमा सुरक्षित हो गई। इस प्रकार बिम्बिसार ने वैवाहिक नीति द्वारा शक्तिशाली राज्यों को मित्र बनाया।
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प्रश्न 12: बिम्बिसार की पटरानी कौन थी?
(A) महाकोसला
(B) चेल्लना
(C) खेमा
(D) वजिरा
✅ उत्तर: C) खेमा
📝 बिम्बिसार की तीन पत्नियों में से मद्र (पंजाब) देश की राजकुमारी ‘खेमा या क्षेमा’ उसकी पटरानी (मुख्य रानी) थी। बिम्बसार ने कूटनीतिक रूप से कई वैवाहिक संबंध स्थापित किए जिनमें कोसल की महाकोसला देवी और लिच्छवियों के प्रधान चेटक की पुत्री चेल्लना प्रमुख थीं। इन वैवाहिक संबंधों के माध्यम से बिम्बिसार ने अपने साम्राज्य की सीमाओं को सुरक्षित किया और शक्तिशाली राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए।
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प्रश्न 13: ‘महावग्ग’ के अनुसार बिम्बिसार की कितनी पत्नियां थीं?
(A) 100
(B) 300
(C) 500
(D) 1000
✅ उत्तर: C) 500
📝 ‘महावग्ग’ नामक बौद्ध साहित्य के अनुसार बिम्बसार की 500 पत्नियां थीं। यद्यपि इसमें अतिशयोक्ति हो सकती है, तथापि उसने ये वैवाहिक सम्बन्ध कुछ महत्वपूर्ण राज्यों के साथ अवश्य स्थापित किया होगा। इन वैवाहिक संबंधों का उद्देश्य राजनीतिक था। बिम्बिसार ने वैवाहिक नीति के माध्यम से कोसल, वैशाली और मद्र जैसे शक्तिशाली राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए जिससे मगध की सीमाएं सुरक्षित हो गईं।
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प्रश्न 14: जीवक ने किस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी?
(A) नालंदा
(B) तक्षशिला
(C) विक्रमशिला
(D) वल्लभी
✅ उत्तर: B) तक्षशिला
📝 जीवक ने तक्षशिला विश्वविद्यालय में आयुर्वेद शास्त्र की कौमारभृत्य शाखा में विशेष निपुणता प्राप्त की। जीवक राजगृह के एक प्रसिद्ध गणिका शालवती का पुत्र था, जिसे लोक लज्जावश उसकी माता ने उसका परित्याग कर दिया था। तब बिंबिसार का पुत्र राजकुमार अभय ने उसका पालन पोषण किया और उसे अत्यंत उच्च शिक्षा दी। जीवक के चिकित्सा संबंधी चमत्कारों का उल्लेख बौद्ध साहित्यों में अनेक स्थानों पर किया गया है।
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प्रश्न 15: जीवक किसका पुत्र था?
(A) शालवती
(B) आम्रपाली
(C) वासवी
(D) खेमा
✅ उत्तर: A) शालवती
📝 जीवक राजगृह की एक प्रसिद्ध गणिका ‘शालवती’ का पुत्र था। लोक लज्जावश उसकी माता ने उसका परित्याग कर दिया था। तब बिंबिसार के पुत्र राजकुमार अभय ने उसका पालन पोषण किया और उसे अत्यंत उच्च शिक्षा दी। जीवक ने तक्षशिला विश्वविद्यालय में आयुर्वेद की शिक्षा प्राप्त की और बाद में बिम्बिसार का राजवैद्य बना। बिम्बिसार ने जीवक को अवन्ति के शासक चण्डप्रद्योत के पीलिया रोग के उपचार के लिए भेजा था।
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प्रश्न 16: शतपथ ब्राह्मण में किन दो जनपदों को वैदिक सभ्यता का सर्वश्रेष्ठ केन्द्र बताया गया है?
(A) मगध और कोसल
(B) कुरु और पंचाल
(C) गांधार और कम्बोज
(D) वत्स और अवन्ति
✅ उत्तर: B) कुरु और पंचाल
📝 शतपथ ब्राह्मण में ‘कुरु’ व ‘पंचाल’ को वैदिक सभ्यता के दो सर्वश्रेष्ठ केन्द्र के रूप में दर्शाया गया है। पंचाल का अक्सर उल्लेख कुरु जनपद के साथ हुआ है। कुरु महाजनपद अपने आचार, विचार व सदाचार के लिए प्रसिद्ध था। पंचाल राज्य में उत्तर प्रदेश के बरेली, बदायूं तथा फर्रुखाबाद जिले शामिल थे। महाभारत युद्ध के बाद पंचाल में दार्शनिक अध्ययन को प्रोत्साहन मिला।
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प्रश्न 17: प्रवाहण जैबलि किस महाजनपद से संबंधित थे?
(A) मगध
(B) पंचाल
(C) कोसल
(D) वत्स
✅ उत्तर: B) पंचाल
📝 महाभारत युद्ध के बाद पंचाल में दार्शनिक अध्ययन को प्रोत्साहन मिला। प्रवाहण जैबलि संभवतः इसी समय हुये। इनका उल्लेख वृहदारण्यक और छांदोग्योपनिषद् में मिलता है। उद्दालक आरुणि का पुत्र श्वेतकेतु यहां की सभा में अपने ज्ञान की परीक्षा देने आया था। वैदिक साहित्य में वर्णित पंचाल राजाओं में एक ‘प्रवाहण जैबलि’ अपने समय के एक महान् विद्वान थे। पंचाल वैदिक संस्कृति और दर्शन का प्रमुख केंद्र था।
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प्रश्न 18: उत्तरी और दक्षिणी पंचाल के बीच कौन सी नदी विभाजक रेखा थी?
(A) यमुना
(B) गंगा
(C) सरस्वती
(D) सरयू
✅ उत्तर: B) गंगा
📝 पंचाल दो भागों में विभाजित था – उत्तरी पंचाल और दक्षिणी पंचाल। महाभारत के अनुसार गंगा नदी दोनों भागों की विभाजक रेखा थी। उत्तरी पंचाल की राजधानी ‘अहिच्छत्र’ थी जिसे अब बरेली जिले में स्थित ‘रामनगर’ कहते हैं। दक्षिण पंचाल की राजधानी ‘कांपिल्य’ थी जो वर्तमान फर्रुखाबाद जिले के काम्पिल्य नामक स्थान पर स्थित था। पंचाल राज्य में उत्तर प्रदेश के बरेली, बदायूं तथा फर्रुखाबाद जिले शामिल थे।
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प्रश्न 19: दक्षिण पंचाल की राजधानी क्या थी?
(A) अहिच्छत्र
(B) कांपिल्य
(C) हस्तिनापुर
(D) इन्द्रप्रस्थ
✅ उत्तर: B) कांपिल्य
📝 दक्षिण पंचाल की राजधानी ‘कांपिल्य’ थी। कांपिल्य वर्तमान फर्रुखाबाद जिले के काम्पिल्य नामक स्थान पर स्थित था। पंचाल दो भागों में विभाजित था – उत्तरी पंचाल और दक्षिणी पंचाल। महाभारत के अनुसार गंगा नदी दोनों भागों की विभाजक रेखा थी। उत्तरी पंचाल की राजधानी अहिच्छत्र थी। पूर्व वैदिक कालीन तुर्वश व क्रीवि जन ने मिलकर उत्तर वैदिक काल में ‘पंचाल’ जनपद का निर्माण किया।
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प्रश्न 20: वाराणसी किन दो नदियों के बीच स्थित थी?
(A) गंगा और यमुना
(B) वरुणा और असि
(C) सोन और गंडक
(D) गोमती और घाघरा
✅ उत्तर: B) वरुणा और असि
📝 काशी महाजनपद की राजधानी वाराणसी थी, जो वरुणा और असि नदियों से घिरे होने के कारण इस नाम से विख्यात हुआ। वाराणसी की पहचान आधुनिक वाराणसी के ‘राजघाट’ से की जाती है। प्राचीन काल में यह व्यापार, वाणिज्य तथा शिक्षा का एक प्रसिद्ध केन्द्र था। यह ‘वाराणसेय्यक’ तथा ‘काशाय’ नाम से विख्यात बहुमूल्य वस्त्रों तथा चंदन के लिये प्रसिद्ध था। यहाँ साधु-संन्यासी द्वारा धारण किये जाने वाले गेरुए वस्त्र तैयार किए जाते थे।
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प्रश्न 21: ‘काशाय वस्त्र’ किसे कहा जाता था?
(A) रेशमी वस्त्र
(B) गेरुए वस्त्र
(C) सफेद वस्त्र
(D) नीले वस्त्र
✅ उत्तर: B) गेरुए वस्त्र
📝 वाराणसी में साधु-संन्यासी के द्वारा धारण किये जाने वाले गेरुए वस्त्र तैयार किए जाते थे। इसलिये ऐसे वस्त्रों को ‘काशय वस्त्र’ कहकर पुकारा गया। काशी ‘वाराणसेय्यक’ तथा ‘काशाय’ नाम से विख्यात बहुमूल्य वस्त्रों तथा चंदन के लिये प्रसिद्ध था। प्राचीन काल में वाराणसी व्यापार, वाणिज्य तथा शिक्षा का एक प्रसिद्ध केन्द्र था। काशी 16 महाजनपदों में एक शक्तिशाली महाजनपद था।
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प्रश्न 22: सूरसेन महाजनपद में शासन करने वाला वंश कौन सा था?
(A) इक्ष्वाकु वंश
(B) यदुवंश
(C) कुरुवंश
(D) पांडव वंश
✅ उत्तर: B) यदुवंश
📝 महाभारत में मथुरा में शासन करने वाले वंश को ‘यदुवंश’ बतलाया गया है। इसकी दो शाखाएं सात्वत व वितिहोत्र थीं। सात्वत दो कुटुम्बों में बंटा था – अंधक व वृष्णि। कृष्ण इसमें से वृष्णि कबीले से सम्बन्धित थे। सूरसेन महाजनपद की राजधानी मथुरा थी। यह आधुनिक उत्तर प्रदेश के मथुरा व उसके आस-पास के क्षेत्र विस्तार को कहा गया था। इसका अभिज्ञान आधुनिक ब्रजमंडल से किया जा सकता है।
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प्रश्न 23: कृष्ण किस कबीले से सम्बन्धित थे?
(A) अंधक
(B) वृष्णि
(C) सात्वत
(D) वितिहोत्र
✅ उत्तर: B) वृष्णि
📝 यदुवंश की दो शाखाएं सात्वत व वितिहोत्र थीं। सात्वत दो कुटुम्बों में बंटा था – अंधक व वृष्णि। कृष्ण इसमें से वृष्णि कबीले से सम्बन्धित थे। सूरसेन महाजनपद की राजधानी मथुरा थी जिसे आधुनिक ब्रजमंडल से पहचाना जाता है। महाभारत में मथुरा में शासन करने वाले वंश को यदुवंश बतलाया गया है। मथुरा के चारों ओर के चौरासी कोस का प्रदेश सूरसेन महाजनपद में सम्मिलित माना जाता है।
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प्रश्न 24: मत्स्य महाजनपद किन क्षेत्रों में विस्तृत था?
(A) उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिले
(B) राजस्थान के भरतपुर, जयपुर तथा अलवर
(C) मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग
(D) बिहार के दक्षिणी जिले
✅ उत्तर: B) राजस्थान के भरतपुर, जयपुर तथा अलवर
📝 मत्स्य महाजनपद आधुनिक राजस्थान के भरतपुर, जयपुर तथा अलवर में विस्तृत था, जिसकी राजधानी विराटनगर थी। यह महाजनपद कुरु जनपद के दक्षिण में और सुरसेन के पश्चिम में स्थित था। दक्षिण में इसका विस्तार संभवतः चंबल नदी तक और पश्चिम में सरस्वती नदी तक था। विराटनगर को ‘पाण्डवों के छिपने वाले स्थान या अज्ञातवास’ के रूप में प्रसिद्धि मिली। यह एक राजतंत्रात्मक राज्य था जो अंत तक राजतंत्र ही बना रहा।
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प्रश्न 25: महाभारत के अनुसार किसने हस्तिनापुर से कौशांबी स्थानांतरण किया?
(A) युधिष्ठिर
(B) अर्जुन
(C) नीच्क्षु के शासनकाल में पाण्डव वंश
(D) भीम
✅ उत्तर: C) नीच्क्षु के शासनकाल में पाण्डव वंश
📝 महाभारत के अनुसार, नीच्क्षु के शासनकाल में पाण्डव वंश की मुख्य शाखा हस्तिनापुर में बाढ़ आ जाने के कारण कौशांबी चली गई। कुरु महाजनपद के मुख्य नगर इन्द्रप्रस्थ और हस्तिनापुर थे, जिसमें इन्द्रप्रस्थ इसकी राजधानी थी। प्रारंभ में यहां राजतंत्रीय शासन प्रणाली थी जो कालांतर में गणतंत्र में परिवर्तित हो गई। कुरु महाजनपद अपने आचार, विचार व सदाचार के लिए प्रसिद्ध था।