बौद्ध धर्म MCQs: शिष्य, त्रिरत्न, तीर्थ, शब्दावली 2026

बौद्ध धर्म के त्रिरत्न – बुद्ध, धम्म और संघ, प्रतीकात्मक रूप में, प्रतियोगी परीक्षा शिक्षा हेतु

प्राचीन भारत का इतिहास भाग-30 MCQ-2026

बौद्ध धर्म MCQs: शिष्य, त्रिरत्न, तीर्थ, शब्दावली 2026

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प्रश्न 1. महात्मा बुद्ध के आजीवन साथी कौन थे?

(A) उपालि
(B) सारिपुत्त
(C) आनंद
(D) मोग्गलान

उत्तर: (C) आनंद

📝आनंद के आजीवन साथी और चचेरे भाई थे। उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक बुद्ध के व्यक्तिगत परिचारक के रूप में सेवा की। उनकी स्मरण शक्ति अत्यंत तीव्र थी, जिससे उन्होंने बुद्ध के सभी उपदेश कंठस्थ कर लिए। प्रथम बौद्ध संगीति (483 ई०पू०, राजगृह) में आनंद ने इन उपदेशों का वाचन किया, जो आगे चलकर ‘सुत्त पिटक’ के रूप में संकलित हुए। उन्होंने महिलाओं को संघ में प्रवेश दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आनंद को ‘धम्म भंडागारी’ कहा जाता है और वे बुद्ध के सबसे प्रिय शिष्यों में माने जाते हैं।
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प्रश्न 2. बौद्ध धर्म के ‘त्रिरत्न’ कौन-कौन से हैं?

(A) बुद्ध, धम्म, संघ
(B) बुद्ध, कर्म, निर्वाण
(C) अहिंसा, सत्य, अचौर्य
(D) प्रव्रज्या, उपसम्पदा, संबोधि

उत्तर: (A) बुद्ध, धम्म, संघ

📝 बौद्ध धर्म के ‘त्रिरत्न’बुद्ध, धम्म और संघ — इसके मूल आधार हैं। बुद्ध से अभिप्राय स्वयं महात्मा गौतम बुद्ध से है; धम्म उनकी शिक्षाओं को दर्शाता है; और संघ भिक्षुओं के समुदाय को कहा जाता है। बौद्ध धर्म अपनाने के लिए व्यक्ति “बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि” का उच्चारण करता है। यह त्रिरत्न आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। वहीं बौद्ध धर्म में त्रिरत्न — सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र — होते हैं, जो मोक्ष प्राप्ति का मार्ग दिखाते हैं।
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प्रश्न 3. गृह त्याग के बाद महात्मा बुद्ध किस गुरु के पास दूसरी बार गए?

(A) आलार कलाम
(B) रुद्रक रामपुत्र
(C) महाकश्यप
(D) देवदत्त

उत्तर: (B) रुद्रक रामपुत्र

📝 आलार कलाम से मिलने के बाद राजगृह में रुद्रक रामपुत्र (Uddaka Rāmaputta) के पास गए। वे एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे, जो ‘नैवसंज्ञानासंज्ञायतन’ (उच्चतम ध्यान अवस्था) की शिक्षा देते थे। सिद्धार्थ ने इस अवस्था को शीघ्र प्राप्त कर लिया, लेकिन इससे उन्हें स्थायी मुक्ति नहीं मिली। अंततः उन्होंने दोनों गुरुओं की शिक्षाओं को अपर्याप्त मानकर स्वतंत्र साधना का मार्ग अपनाया और गया में जाकर कठोर तपस्या की।
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प्रश्न 4. महात्मा बुद्ध की माता महामाया किस गण से संबंधित थीं?

(A) शाक्य गण
(B) लिच्छवि गण
(C) कोलिय गण
(D) मल्ल गण

उत्तर: (C) कोलिय गण

📝 महात्मा बुद्ध की माता महामाया का संबंध रामग्राम के कोलिय गण से था, जो शाक्य गण का पड़ोसी गणराज्य था। रोहिणी नदी इन दोनों के बीच सीमा बनाती थी, और सिंचाई के जल को लेकर अक्सर विवाद होते थे। बुद्ध ने एक बार इन दोनों गणों के बीच झगड़ा सुलझाकर शांति स्थापित की। साथ ही यशोधरा के पिता दण्डपाणि भी कोलिय वंश से थे। इस प्रकार बुद्ध का कोलिय गण से दोहरा संबंध था — मातृ पक्ष और पत्नी पक्ष दोनों से।
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प्रश्न 5. ‘संबोधि’ शब्द का क्या अर्थ है?

(A) गृह त्याग
(B) ज्ञान प्राप्ति (Enlightenment)
(C) महापरिनिर्वाण
(D) प्रथम उपदेश

उत्तर: (B) ज्ञान प्राप्ति (Enlightenment)

📝 ‘संबोधि’ (Sambodhi) का शाब्दिक अर्थ पूर्ण जागृति या ज्ञान प्राप्ति है। बुद्ध को बोधगया में पीपल वृक्ष के नीचे 49 दिनों की समाधि के बाद जो ज्ञान प्राप्त हुआ, वही संबोधि कहलाता है। इसके बाद ही वे ‘बुद्ध’ (जागृत पुरुष) कहलाए। बौद्ध धर्म में संबोधि अंतिम लक्ष्य नहीं है; इसके बाद निर्वाण और महापरिनिर्वाण की अवस्थाएँ आती हैं। महायान बौद्ध धर्म में ‘बोधिसत्व’ वह है, जो संबोधि प्राप्त करने में सक्षम होते हुए भी सभी प्राणियों के उद्धार हेतु पुनर्जन्म लेता है।

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प्रश्न 6. महात्मा बुद्ध का वास्तविक नाम क्या था?

(A) गौतम
(B) सिद्धार्थ
(C) राहुल
(D) शुद्धोधन

उत्तर: (B) सिद्धार्थ

📝 महात्मा बुद्ध का वास्तविक नाम ‘सिद्धार्थ’ था, जिसका अर्थ है “जिसका उद्देश्य सिद्ध हो गया हो”ज्ञान प्राप्ति के बाद वे ‘बुद्ध’ (जागृत), ‘तथागत’ (इस प्रकार आया/गया) और ‘शाक्यमुनि’ (शाक्य वंश के मुनि) नामों से प्रसिद्ध हुए। ‘गौतम’ नाम उनकी मौसी प्रजापति गौतमी के कारण पड़ा, इसलिए वे ‘गौतम बुद्ध’ भी कहलाते हैं। उनका पूरा नाम ‘सिद्धार्थ गौतम’ है। जन्म के समय ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि वे या तो चक्रवर्ती सम्राट बनेंगे या महान संन्यासी
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प्रश्न 7. ज्ञान प्राप्ति के बाद गया का नाम क्या पड़ा?

(A) धर्मगया
(B) बोधगया
(C) ज्ञानगया
(D) महागया

उत्तर: (B) बोधगया

📝 जब महात्मा बुद्ध को गया में पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान (बोधि) की प्राप्ति हुई, तब से उस स्थान का नाम ‘बोधगया’ पड़ गया। ‘बोधि’ का अर्थ ज्ञान या जागृति है, और वही वृक्ष ‘बोधि वृक्ष’ कहलाया। बोधगया (बिहार के गया जिले में) बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ है। यहाँ स्थित महाबोधि मंदिर UNESCO विश्व धरोहर स्थल है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं, और यहाँ विभिन्न देशों के बौद्ध मठ व मंदिर भी स्थित हैं।
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प्रश्न 8. ‘मृगदाव’ (Deer Park) किस नगर में स्थित था?

(A) राजगृह
(B) बोधगया
(C) सारनाथ
(D) कुशीनगर

उत्तर: (C) सारनाथ

📝 मृगदाव (Deer Park / मिगदाय) सारनाथ में स्थित था, जिसे ‘ऋषिपत्तन’ भी कहा जाता था। यहीं महात्मा गौतम बुद्ध ने पंचवर्गीय भिक्खुओं को प्रथम उपदेश दिया, जिसे धर्मचक्र प्रवर्तन कहा जाता है। मृगदाव का अर्थ है “हिरणों का वन”सारनाथ वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के निकट स्थित है। यहाँ सम्राट अशोक ने अशोक स्तंभ बनवाया, जिसके शीर्ष पर चार सिंह हैं — यही भारत का राजचिह्न है। इसी से 24 तीलियों वाला धर्मचक्र लिया गया, जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज में है।
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प्रश्न 9. निरंजना नदी का आधुनिक नाम क्या है?

(A) गंडक
(B) सोन
(C) फल्गू
(D) कोसी

उत्तर: (C) फल्गू

📝 निरंजना नदी का आधुनिक नाम ‘फल्गू नदी’ है, जो बोधगया (बिहार के गया जिले) के पास बहती है। बुद्ध ने इसी नदी के तट पर लगभग 6 वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। फल्गू नदी हिंदू धर्म में भी पवित्र मानी जाती है, जहाँ पितृपक्ष में तर्पण किया जाता है। मान्यता के अनुसार सीता माता ने यहीं दशरथ जी का पिंडदान किया और श्राप के कारण यह नदी बालू में बहती है। इस प्रकार बौद्ध व हिंदू दोनों परंपराओं में इसका विशेष महत्व है।
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प्रश्न 10. बौद्ध संघ में ‘प्रव्रज्या’ से भिक्षु जीवन का क्या होता है?

(A) समापन
(B) प्रारंभ
(C) निलंबन
(D) पूर्णता

उत्तर: (B) प्रारंभ

📝 बौद्ध धर्म में भिक्षु जीवन का प्रारंभ ‘प्रव्रज्या’ दीक्षा से होता है, जो सामान्यतः 15 वर्ष की आयु में दी जाती थी। प्रव्रज्या का अर्थ है गृहस्थ जीवन छोड़कर संन्यास ग्रहण करना। इसके बाद 20 वर्ष की आयु में ‘उपसम्पदा’ दी जाती थी, जिससे भिक्षु जीवन पूर्ण माना जाता था। बुद्ध की परंपरा में यह दीक्षा तीन बार“बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि” — का उच्चारण करके ली जाती थी। ‘प्रव्रज्या’ का शाब्दिक अर्थ है “बाहर चला जाना”, जो त्याग और साधना का प्रतीक है। यह प्रणाली बौद्ध शिक्षा का मूल आधार मानी जाती है।

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प्रश्न 11. महात्मा बुद्ध ने किस भाषा में उपदेश दिए?

(A) संस्कृत
(B) प्राकृत
(C) पालि
(D) अपभ्रंश

उत्तर: (C) पालि

📝 महात्मा बुद्ध का वास्तविक नाम सिद्धार्थ था, ज्ञान प्राप्ति के बाद उन्हें बुद्ध, तथागत, शाक्यमुनि कहा गया; आनंद, उनके आजीवन साथी और चचेरे भाई, ने 25 वर्ष तक सेवा की और सुत्त पिटक का वाचन किया; बौद्ध धर्म के त्रिरत्नबुद्ध, धम्म, संघ — इसके आधार हैं: “बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि”; उन्होंने आलार कलाम और रुद्रक रामपुत्र के पास साधना की, लेकिन स्थायी मुक्ति के लिए गया में तपस्या की; महामाया और दण्डपाणि दोनों कोलिय गण से थे; बोधगया में पीपल वृक्ष के नीचे 49 दिन की समाधि के बाद संबोधि प्राप्त हुई और वही बोधि वृक्ष कहलाया; सारनाथ में उन्होंने पंचवर्गीय भिक्खुओं को प्रथम उपदेश दिया; फल्गू नदी (निरंजना) के किनारे 6 वर्षों तक तपस्या की; भिक्षु दीक्षा प्रव्रज्या 15 वर्ष में और उपसम्पदा 20 वर्ष में दी जाती थी; उपदेश पालि भाषा में दिए गए और त्रिपिटक में विनय पिटक, सुत्त पिटक, अभिधम्म पिटक शामिल हैं।
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प्रश्न 12. बोधगया में तपस्सु और मल्लिक किस जाति/वर्ग के थे?

(A) ब्राह्मण
(B) क्षत्रिय
(C) वैश्य
(D) शूद्र बंजारे

उत्तर: (D) शूद्र बंजारे

📝 बोधगया में महात्मा बुद्ध ने अपने प्रथम शिष्य तपास्सु और मल्लिक को बनाया, जो शूद्र बंजारे/व्यापारी थे; उन्होंने जाति-व्यवस्था का विरोध किया और समाज के सभी वर्गों को बौद्ध संघ में प्रवेश का अधिकार दिया, जैसे उपालि नामक नाई को भी उच्च स्थान; यह बौद्ध धर्म की सामाजिक समानता और जाति विरोधी दृष्टि को दर्शाता है।
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प्रश्न 13. ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?

(A) बौद्ध संघ की स्थापना
(B) धर्म के पहिये को गति में लाना
(C) गृह त्याग
(D) निर्वाण प्राप्ति

उत्तर: (B) धर्म के पहिये को गति में लाना

📝 धर्मचक्र प्रवर्तन (Dhamma-Cakka-Ppavattana) का अर्थ है “धर्म के पहिये को गति में लाना”; यह वह घटना है जब बुद्ध ने सारनाथ के मृगदाव में पंचवर्गीय भिक्खुओं को अपना प्रथम उपदेश दिया; इसी से बौद्ध धर्म का प्रचार आरंभ हुआ और धर्मचक्र का प्रतीक, 24 तीलियों वाला चक्र, भारत के राष्ट्रीय ध्वज में शामिल है, जो अशोक स्तंभ, सारनाथ से लिया गया है।
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प्रश्न 14. पंचवर्गीय भिक्खु खीर खाने की घटना के बाद बुद्ध को क्या मानकर सारनाथ चले गए?

(A) ज्ञानी
(B) दिग्भ्रमित/भटका हुआ
(C) तपस्वी
(D) महात्मा

उत्तर: (B) दिग्भ्रमित/भटका हुआ

📝 जब बुद्ध ने सुजाता द्वारा दी गई खीर खाकर अपनी 6 वर्षों की कठोर तपस्या भंग की, तो पंचवर्गीय ब्राह्मण भिक्खु उन्हें दिग्भ्रमित (misguided) मानकर सारनाथ चले गए; परंतु बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के बाद जब उन्होंने उन्हीं भिक्खुओं को प्रथम उपदेश दिया, तो वे बुद्ध के शिष्य बन गए और यही पंचवर्गीय भिक्खु बौद्ध संघ के प्रथम पाँच सदस्य बने।
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प्रश्न 15. सुजाता किस स्थान की निवासी थी?

(A) राजगृह
(B) उरुवेला (बोधगया)
(C) सारनाथ
(D) श्रावस्ती

उत्तर: (B) उरुवेला (बोधगया)

📝 बुद्ध का वास्तविक नाम सिद्धार्थ था, ज्ञान प्राप्ति के बाद उन्हें बुद्ध, तथागत और शाक्यमुनि कहा गया। उन्होंने आनंद जैसे शिष्यों को साथ लिया। बौद्ध धर्म के त्रिरत्नबुद्ध, धम्म, संघ — इसके आधार हैं। बोधगया में पीपल वृक्ष के नीचे 49 दिनों की समाधि से संबोधि प्राप्त हुई। सारनाथ में उन्होंने पंचवर्गीय भिक्खुओं को प्रथम उपदेश दिया (धर्मचक्र प्रवर्तन)। सुजाता ने उन्हें खीर अर्पित की। फल्गू नदी किनारे 6 वर्ष तपस्या की। प्रव्रज्या और उपसम्पदा दीक्षा प्रणाली महत्वपूर्ण है। उपदेश पालि भाषा में और त्रिपिटक में लिखे गए।

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प्रश्न 16. महात्मा बुद्ध के अनुसार उनके सर्वाधिक प्रिय शिष्य कौन थे जिन्हें उन्होंने सर्वाधिक उपदेश दिए?

(A) सारिपुत्त
(B) मोग्गलान
(C) आनंद
(D) उपालि

उत्तर: (C) आनंद

📝 महात्मा बुद्ध ने अपने अधिकांश उपदेश प्रिय शिष्य आनंद को संबोधित करके कोसल महाजनपद में दिए। आनंद उनके आजीवन साथी और व्यक्तिगत परिचारक थे, जो 25 वर्षों तक साथ रहे। उनकी अद्वितीय स्मरणशक्ति से बुद्ध के उपदेश संरक्षित हुए। प्रथम बौद्ध संगीति में आनंद ने सुत्त पिटक का वाचन किया। बुद्ध के चार प्रमुख शिष्य थे — सारिपुत्त (प्रज्ञा में), मोग्गलान (अलौकिक शक्तियों में), उपालि (विनय में), और आनंद (बुद्ध वचनों की स्मृति में), प्रत्येक में सर्वश्रेष्ठ।
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प्रश्न 17. बौद्ध धर्म में ‘महापरिनिर्वाण’ का क्या अर्थ है?

(A) ज्ञान प्राप्ति
(B) गृह त्याग
(C) मृत्यु (निधन)
(D) प्रथम उपदेश

उत्तर: (C) मृत्यु (निधन)

📝

महापरिनिर्वाण (Mahaparinirvana) का अर्थ है “महान अंतिम निर्वाण”, अर्थात् बौद्ध की देह का त्याग। उनका महापरिनिर्वाण 483 ई.पू. में कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में हुआ, जब उनकी आयु 80 वर्ष थी। कुशीनगर उस समय मल्ल गणराज्य की राजधानी थी। महापरिनिर्वाण वैशाख पूर्णिमा को हुआ, जिस कारण जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण सभी वैशाख पूर्णिमा को होते हैं, और यही दिन बुद्ध पूर्णिमा कहलाता है। निर्वाण जीवित रहते प्राप्त होता है, जबकि महापरिनिर्वाण मृत्यु के साथ।

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प्रश्न 18. बोधगया के बोधि वृक्ष को काटने वाला शासक शशांक किस वंश से था?

(A) पाल वंश
(B) गौड़ वंश
(C) सेन वंश
(D) गुप्त वंश

उत्तर: (B) गौड़ वंश

📝

शशांक, बंगाल के गौड़ वंश का शासक, कट्टर शैव उपासक था और बौद्ध धर्म के प्रति विद्वेष रखता था; उसने बोधगया के पवित्र बोधि वृक्ष को कटवाया। शशांक 7वीं शताब्दी ई. में हर्षवर्धन का समकालीन था और उनके बीच राजनीतिक संघर्ष था। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने शशांक के बौद्ध धर्म के प्रति दुर्व्यवहार का वर्णन किया। गौड़ राज्य वर्तमान पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के क्षेत्र में था।

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प्रश्न 19. बौद्ध संघ की स्थापना के समय महात्मा बुद्ध का गणतांत्रिक पद्धति अपनाने का क्या कारण था?

(A) वे राजनीति में रुचि रखते थे
(B) वे एक गणतंत्रात्मक राज्य (शाक्य गण) में जन्मे थे
(C) उन्हें राजाओं से घृणा थी
(D) वेदों में यह विधि बताई गई थी

उत्तर: (B) वे एक गणतंत्रात्मक राज्य (शाक्य गण) में जन्मे थे

📝 महात्मा बुद्ध का जन्म शाक्य गण में हुआ, जो गणतांत्रिक राज्य था; इसी आधार पर उन्होंने अपने भिक्षु संघ को धार्मिक गणतंत्र के रूप में संगठित किया। संघ में सभी सदस्यों के अधिकार समान थे, निर्णय बहुमत से लिए जाते थे, और गुप्त व खुले मतदान की व्यवस्था थी। बौद्ध संघ भारत का सबसे पुराना लोकतांत्रिक संगठन माना जाता है, जो बौद्ध धर्म के सामाजिक महत्व को स्पष्ट करता है।
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प्रश्न 20. बोधगया में बुद्ध ने किस वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया?

(A) बरगद
(B) आम
(C) पीपल
(D) नीम

उत्तर: (C) पीपल

📝 महात्मा बुद्ध को बोधगया में निरंजना नदी के किनारे पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ; इस वृक्ष को बोधि वृक्ष (Bodhi Tree) कहा गया और इसका वानस्पतिक नाम Ficus religiosa है। महाबोधि मंदिर में आज भी इसका वंशज मौजूद है। श्रीलंका के अनुराधापुरा में भी इसका वंशज है, जिसे सम्राट अशोक की पुत्री संघमित्रा वहां ले गई। यह वृक्ष विश्व का सबसे पुराना ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित पेड़ माना जाता है और बौद्ध धर्म में अत्यंत पवित्र है।

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प्रश्न 21. महात्मा बुद्ध को ‘शाक्यमुनि’ क्यों कहा जाता है?

(A) क्योंकि वे मौन रहते थे
(B) क्योंकि वे शाक्य वंश/गण के मुनि थे
(C) क्योंकि उनकी माता का नाम शाक्यदेवी था
(D) क्योंकि वे शाका नगर में जन्मे थे

उत्तर: (B) क्योंकि वे शाक्य वंश/गण के मुनि थे

📝 शाक्यमुनि का अर्थ है “शाक्यों के मुनि”; बुद्ध का जन्म शाक्य गण (कपिलवस्तु) में हुआ, पिता शुद्धोधन शाक्य गण के मुखिया थे। चूंकि वे शाक्य वंश के थे और मुनि बने, उन्हें शाक्यमुनि कहा गया। उनके प्रमुख नाम हैं: सिद्धार्थ (जन्म नाम), बुद्ध (ज्ञान प्राप्ति के बाद), गौतम बुद्ध (मौसी गौतमी के कारण), शाक्यमुनि (वंश के कारण), तथागत (दर्शन में), सम्यक् सम्बुद्ध (पूर्ण जागृत)।
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प्रश्न 22. बौद्ध संघ में यशोधरा को किस क्रम में प्रवेश मिला?

(A) पहले
(B) दूसरे
(C) तीसरे
(D) चौथे

उत्तर: (C) तीसरे

📝

बौद्ध संघ में महिलाओं के प्रवेश का क्रम इस प्रकार था: पहले प्रजापति गौतमी (मौसी/सौतेली माँ), दूसरे नंदा (प्रजापति गौतमी की पुत्री), और तीसरे यशोधरा (बुद्ध की पत्नी)। यह क्रम बौद्ध साहित्य में स्पष्ट है और दर्शाता है कि बुद्ध ने पक्षपात नहीं किया; पत्नी से पहले अपनी मौसी और उनकी बेटी को संघ में प्रवेश दिया। यह ऐतिहासिक घटना वैशाली में हुई

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प्रश्न 23. आलार कलाम किस दर्शन के गुरु थे?

(A) वेदांत दर्शन
(B) सांख्य दर्शन
(C) न्याय दर्शन
(D) योग दर्शन

उत्तर: (B) सांख्य दर्शन

📝

वैशाली के आलार कलाम सांख्य दर्शन के गुरु थे। सांख्य दर्शन भारत के छः आस्तिक दर्शन में से एक है, जिसकी स्थापना कपिल मुनि ने की थी और इसमें प्रकृति और पुरुष के द्वंद्व का सिद्धांत है। आलार कलाम “आकिंचन्यायतन” नामक ध्यान अवस्था की शिक्षा देते थे। गृहत्याग के बाद बुद्ध सबसे पहले उनके पास गए और ध्यान सीखा, लेकिन संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद वे राजगृह के रुद्रक रामपुत्र के पास गए।

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प्रश्न 24. वेलुवन विहार किस नगर में स्थित था?

(A) श्रावस्ती
(B) कौशांबी
(C) वैशाली
(D) राजगृह

उत्तर: (D) राजगृह

📝 वेलुवन विहार (Veḷuvana) मगध की राजधानी राजगृह में स्थित था, जिसका निर्माण बिम्बिसार ने करवाया। ‘वेलु’ का अर्थ बाँस है, इसलिए यह बाँस के वन में बना था। राजगृह वर्तमान बिहार के राजगीर में है और इसे “पाँच पहाड़ियों की नगरी” कहा जाता है। यहीं प्रथम बौद्ध संगीति (483 ई.पू.) आयोजित हुई। बिम्बिसार महात्मा बुद्ध के घनिष्ठ मित्र और संरक्षक थे। बौद्ध साहित्य में उनके संवादों का उल्लेख मिलता है।
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प्रश्न 25. निम्नलिखित में से बौद्ध धर्म के चार तीर्थ स्थलों का सही समूह कौन-सा है?

(A) लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर
(B) वैशाली, राजगृह, श्रावस्ती, पाटलिपुत्र
(C) लुम्बिनी, सारनाथ, वैशाली, राजगृह
(D) बोधगया, सारनाथ, श्रावस्ती, वैशाली

उत्तर: (A) लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर

📝 बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थ स्थल हैं: (1) लुम्बिनी (जन्म स्थान, नेपाल), (2) बोधगया (ज्ञान प्राप्ति, बिहार, भारत), (3) सारनाथ (प्रथम उपदेश, उत्तर प्रदेश, भारत), और (4) कुशीनगर (महापरिनिर्वाण, उत्तर प्रदेश, भारत)। ये स्थल महात्मा बुद्ध के जीवन की चार महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़े हैं। सम्राट अशोक ने इन सभी स्थलों की यात्रा की और स्मारक बनवाए। बौद्ध तीर्थयात्री इन स्थलों की यात्रा को धम्म यात्रा कहते हैं।
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