प्राचीन भारत का इतिहास भाग-29 MCQ-2026
बौद्ध धर्म MCQ (1–25) | बुद्ध जीवन व संघ
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प्रश्न 1. महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति किस दिन हुई?
(A) माघ पूर्णिमा
(B) वैशाख पूर्णिमा
(C) कार्तिक पूर्णिमा
(D) आषाढ़ पूर्णिमा
✅ उत्तर: (B) वैशाख पूर्णिमा
📝 महात्मा बुद्ध को वैशाख पूर्णिमा के दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह एक खास संयोग है कि उनका जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण — तीनों घटनाएँ भी इसी दिन हुईं। इसलिए इस दिन को ‘बुद्ध पूर्णिमा’ कहा जाता है। बौद्ध धर्म में इसका बहुत अधिक महत्व है और इसे श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। पूरी दुनिया में इसे ‘वेसाक (Vesak)’ के नाम से जाना जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस दिन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है।
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प्रश्न 2. ‘बुद्ध पूर्णिमा’ किस कारण मनाई जाती है?
(A) केवल बुद्ध के जन्म के कारण
(B) केवल ज्ञान प्राप्ति के कारण
(C) जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों वैशाख पूर्णिमा को होने के कारण
(D) प्रथम उपदेश के कारण
✅ उत्तर: (C)
📝 महात्मा बुद्ध के जीवन की तीन सबसे खास घटनाएँ — जन्म, ज्ञान की प्राप्ति (संबोधि) और महापरिनिर्वाण — एक ही दिन, यानी वैशाख पूर्णिमा को हुई थीं। यही खास बात इस दिन को ‘बुद्ध पूर्णिमा’ बनाती है। बौद्ध ग्रंथों में भी इस बात का उल्लेख मिलता है।इस दिन को ‘वेसाक’ भी कहा जाता है, जो पालि शब्द ‘वेसाखा’ से आया है और संस्कृत में इसे ‘वैशाख’ कहा जाता है। यह पर्व श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार, कंबोडिया और नेपाल जैसे कई एशियाई देशों में बहुत श्रद्धा और शांति के साथ मनाया जाता है।
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प्रश्न 3. बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् महात्मा बुद्ध ने सर्वप्रथम किन्हें शिष्य बनाया?
(A) पंचवर्गीय ब्राह्मण भिक्खु
(B) तपस्सु और मल्लिक
(C) आनंद और उपालि
(D) सारिपुत्त और मोग्गलान
✅ उत्तर: (B) तपस्सु और मल्लिक
📝 बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के बाद महात्मा बुद्ध ने सबसे पहले तपस्सु और मल्लिक नामक दो व्यापारी को अपना शिष्य बनाया, जो वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने बुद्ध को भोजन कराया और उनकी शरण ग्रहण की, इसलिए वे बौद्ध धर्म के प्रथम उपासक (Lay devotees) माने जाते हैं। इसके बाद बुद्ध सारनाथ पहुंचे और वहां पंचवर्गीय भिक्षुओं को अपना पहला उपदेश दिया। तपस्सु और मल्लिक के शूद्र होने का उल्लेख बौद्ध धर्म में सामाजिक समानता और समान अधिकार के संदेश को दर्शाता है।
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प्रश्न 4. महात्मा बुद्ध का प्रथम उपदेश किसे दिया गया था?
(A) तपस्सु और मल्लिक को
(B) आनंद को
(C) पंचवर्गीय ब्राह्मण भिक्खुओं को
(D) बिम्बिसार को
✅ उत्तर: (C)
📝 महात्मा बुद्ध ने सारनाथ के ऋषिपत्तन (मृगदाव) में अपने पूर्व साथियों पंचवर्गीय भिक्षुओं को पहला उपदेश दिया, जो पहले उन्हें छोड़कर चले गए थे। इस घटना को ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ कहा जाता है। इस उपदेश में बुद्ध ने ‘चत्वारि आर्य सत्यानि’ यानी जीवन के चार प्रमुख सत्य बताए। इन पाँच भिक्षुओं के नाम कोण्डन्न, वप्प, भद्दिय, महानाम और अस्सजि थे, जिन्होंने बाद में बुद्ध के संदेश को आगे बढ़ाया और बौद्ध धर्म के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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प्रश्न 5. महात्मा बुद्ध का प्रथम उपदेश किस स्थान पर दिया गया था?
(A) बोधगया
(B) लुम्बिनी
(C) सारनाथ (ऋषिपत्तन/मृगदाव)
(D) कुशीनगर
✅ उत्तर: (C)
📝 महात्मा बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ के ऋषिपत्तन (मृगदाव) में दिया, जो वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के पास स्थित है। यह स्थान बौद्ध धर्म के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है। यहां सम्राट अशोक ने एक विशाल स्तंभ बनवाया था, जिसके ऊपर चार सिंहों की आकृति है, जो आज भारत का राष्ट्रीय चिह्न है। इसी स्थान पर ‘धर्म चक्र प्रवर्तन’ की महत्वपूर्ण घटना हुई और यहीं बौद्ध संघ की स्थापना भी की गई।
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प्रश्न 6. बौद्ध साहित्य में प्रथम उपदेश की घटना को क्या कहा जाता है?
(A) महाभिनिष्क्रमण
(B) संबोधि
(C) धर्मचक्र प्रवर्तन
(D) महापरिनिर्वाण
✅ उत्तर: (C) धर्मचक्र प्रवर्तन
📝 महात्मा बुद्ध के सारनाथ में दिए गए प्रथम उपदेश को ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है “धर्म के पहिये को गति देना”। यह पालि भाषा का शब्द है और इसी घटना से बौद्ध धर्म के प्रचार की शुरुआत मानी जाती है। धर्मचक्र का प्रतीक आज भारत के राष्ट्रीय ध्वज में नीले रंग के 24 तीलियों वाले चक्र के रूप में दिखाई देता है, जो अशोक के सारनाथ स्तंभ से लिया गया है।
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प्रश्न 7. बुद्ध के प्रथम उपदेश में किस सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया?
(A) अष्टांगिक मार्ग
(B) चत्वारि आर्य सत्यानि (Four Noble Truths)
(C) त्रिरत्न
(D) पंचशील
✅ उत्तर: (B) चत्वारि आर्य सत्यानि (Four Noble Truths)
📝 महात्मा बुद्ध के प्रथम उपदेश में ‘चत्वारि आर्य सत्यानि’ का सिद्धांत दिया गया, जो बौद्ध दर्शन का आधार है। इसमें बताया गया कि जीवन में दुःख है, दुःख का कारण तृष्णा है, दुःख का अंत संभव है और दुःख से मुक्ति का मार्ग अष्टांगिक मार्ग है। इन चार सत्यों पर ही बौद्ध धर्म की पूरी विचारधारा टिकी है।
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प्रश्न 8. महात्मा बुद्ध ने सर्वप्रथम बौद्ध संघ की स्थापना कहाँ की?
(A) बोधगया
(B) वैशाली
(C) सारनाथ
(D) राजगृह
✅ उत्तर: (C) सारनाथ
📝 महात्मा बुद्ध ने सारनाथ में ही बौद्ध संघ की स्थापना की, जो त्रिरत्न (बुद्ध, धम्म, संघ) का महत्वपूर्ण भाग है। यह संघ एक धार्मिक गणतंत्र था, जिसमें सभी सदस्यों को समान अधिकार प्राप्त थे। बुद्ध ने इसे गणतांत्रिक पद्धति पर संगठित किया। संघ के पहले सदस्य पंचवर्गीय भिक्षु थे, बाद में इसकी संख्या हजारों में बढ़ गई। इसके नियम ‘विनय पिटक’ में संकलित हैं, जो बौद्ध अनुशासन का मुख्य आधार है।
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प्रश्न 9. बौद्ध संघ में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति कहाँ दी गई?
(A) सारनाथ
(B) बोधगया
(C) वैशाली
(D) राजगृह
✅ उत्तर: (C) वैशाली
📝 शुरुआत में बौद्ध संघ में महिलाओं का प्रवेश निषिद्ध था, लेकिन आनंद के आग्रह और प्रजापति गौतमी के बार-बार अनुरोध पर महात्मा बुद्ध ने वैशाली में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी। यह एक क्रांतिकारी निर्णय था, क्योंकि इससे महिलाओं को भी धार्मिक जीवन में समान अवसर मिला। इसी के साथ ‘भिक्षुणी संघ’ की स्थापना हुई, जिसने बौद्ध धर्म में समानता और समावेश के विचार को और मजबूत बनाया।
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प्रश्न 10. बौद्ध संघ में प्रवेश पाने वाली प्रथम महिला कौन थी?
(A) यशोधरा
(B) अम्बपाली
(C) नंदा
(D) प्रजापति गौतमी
✅ उत्तर: (D) प्रजापति गौतमी
📝 बौद्ध संघ में प्रवेश पाने वाली पहली महिला प्रजापति गौतमी थीं, जो बुद्ध की मौसी और सौतेली माँ थीं और जिन्होंने उनका पालन-पोषण किया था। उनके बार-बार अनुरोध और आनंद के हस्तक्षेप के बाद बुद्ध ने उन्हें संघ में प्रवेश दिया। उनके बाद नंदा और यशोधरा को भी संघ में स्थान मिला। प्रजापति गौतमी को पहली भिक्षुणी माना जाता है और उनकी रचनाएँ ‘थेरीगाथा’ में संकलित हैं, जो उनकी आध्यात्मिक उपलब्धि को दर्शाती हैं।
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प्रश्न 11. बौद्ध संघ में महिलाओं के प्रवेश हेतु किसने आग्रह किया?
(A) सारिपुत्त
(B) उपालि
(C) आनंद
(D) मोग्गलान
✅ उत्तर: (C) आनंद
📝 आनंद, जो बुद्ध के चचेरे भाई और प्रिय शिष्य थे, ने महिलाओं को बौद्ध संघ में प्रवेश दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे बुद्ध के व्यक्तिगत परिचारक भी थे और उनकी स्मरणशक्ति बहुत तेज थी, जिससे उन्होंने अधिकांश उपदेश कंठस्थ कर लिए। प्रथम बौद्ध संगीति (राजगृह) में आनंद ने ही इन उपदेशों का वाचन किया, जो आगे चलकर ‘सुत्त पिटक’ बने। इसी कारण उन्हें ‘धम्म भंडागारी’ कहा जाता है।
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प्रश्न 12. महात्मा बुद्ध ने अपना प्रथम वर्षावास कहाँ किया था?
(A) वैशाली
(B) श्रावस्ती
(C) सारनाथ
(D) राजगृह
✅ उत्तर: (C) सारनाथ
📝 महात्मा बुद्ध ने अपना प्रथम वर्षावास सारनाथ में किया था, क्योंकि यहीं उन्होंने प्रथम उपदेश दिया और बौद्ध संघ की स्थापना हुई। वर्षावास का अर्थ है वर्षा ऋतु (आषाढ़ पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा) के दौरान एक ही स्थान पर रहकर धर्म का प्रचार करना। बुद्ध वर्षा ऋतु के अलावा पूरे वर्ष पालि भाषा में भ्रमण करते हुए उपदेश देते थे। उन्होंने सर्वाधिक 25 वर्षावास श्रावस्ती (कोसल की राजधानी) में किए, जो उनके प्रचार कार्य का प्रमुख केंद्र था।
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प्रश्न 13. महात्मा बुद्ध ने सर्वाधिक वर्षावास किस स्थान पर किए?
(A) राजगृह
(B) वैशाली
(C) श्रावस्ती
(D) कौशांबी
✅ उत्तर: (C) श्रावस्ती
📝 महात्मा बुद्ध ने सर्वाधिक 25 वर्षावास श्रावस्ती (कोसल की राजधानी) में किए, क्योंकि उनके सबसे अधिक अनुयायी यहीं थे। श्रावस्ती में स्थित जेतवन विहार का निर्माण सुदत्त (अनाथपिण्डक) ने कराया था। यह स्थान आज उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में है। बुद्ध ने अपने अनेक महत्वपूर्ण उपदेश यहीं आनंद को संबोधित कर दिए। साथ ही राजा प्रसेनजित भी बौद्ध धर्म के मुख्य संरक्षक थे।
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प्रश्न 14. जेतवन विहार की स्थापना किसने की थी?
(A) बिम्बिसार ने
(B) अजातशत्रु ने
(C) सुदत्त (अनाथपिण्डक) ने
(D) लिच्छवियों ने
✅ उत्तर: (C) सुदत्त (अनाथपिण्डक) ने
📝 जेतवन विहार की स्थापना श्रावस्ती में सुदत्त (अनाथपिण्डक) नामक धनी व्यापारी ने की थी, जिनका अर्थ है “अनाथों को भोजन देने वाला”। उन्होंने राजकुमार जेत से यह वन खरीदकर विहार बनवाया। कहा जाता है कि उन्होंने पूरी भूमि को सोने के सिक्कों से ढककर उसका मूल्य चुकाया था। यह विहार महात्मा बुद्ध का सबसे प्रिय निवास स्थान था, जहां उन्होंने अपने कई महत्वपूर्ण वर्षावास और उपदेश दिए।
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प्रश्न 15. वेलुवन विहार की स्थापना किसने की थी?
(A) अनाथपिण्डक ने
(B) बिम्बिसार ने
(C) घोषित ने
(D) लिच्छवियों ने
✅ उत्तर: (B) बिम्बिसार ने
📝 वेलुवन विहार (राजगृह) की स्थापना मगध के राजा बिम्बिसार ने की थी, जो बौद्ध धर्म के प्रमुख संरक्षक और बुद्ध के प्रिय शिष्य थे। यह बुद्ध को दान में दिया गया पहला विहार माना जाता है और बाँस के वन में स्थित था। बाद में उनके पुत्र अजातशत्रु ने उन्हें कारागार में डालकर मरवा दिया। बिम्बिसार, अजातशत्रु और उनका बौद्ध धर्म से संबंध परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है।
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प्रश्न 16. घोषिताराम विहार किस स्थान पर था?
(A) श्रावस्ती
(B) राजगृह
(C) कौशांबी
(D) वैशाली
✅ उत्तर: (C) कौशांबी
📝 घोषिताराम विहार कौशांबी (वत्स की राजधानी) में स्थित था, जिसे घोषित ने बनवाया और यहाँ महात्मा बुद्ध ने कई वर्षावास किए; इसी तरह परीक्षा में महत्वपूर्ण चार विहार हैं — जेतवन (श्रावस्ती — सुदत्त/अनाथपिण्डक), वेलुवन (राजगृह — बिम्बिसार), घोषिताराम (कौशांबी — घोषित) और कूटाग्रामशाला (वैशाली — लिच्छवि)।
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प्रश्न 17. कूटाग्रामशाला विहार किस स्थान पर था और किसने बनवाया?
(A) श्रावस्ती — सुदत्त
(B) वैशाली — लिच्छवि
(C) राजगृह — बिम्बिसार
(D) कौशांबी — घोषित
✅ उत्तर: (B) वैशाली — लिच्छवि
📝 कूटाग्रामशाला विहार वैशाली में स्थित था, जिसका निर्माण लिच्छवि गणराज्य ने कराया। वैशाली वज्जि संघ की राजधानी और भारत का पहला गणतंत्र माना जाता है। महात्मा बुद्ध को यह स्थान बहुत प्रिय था और यहीं उन्होंने महिलाओं को संघ में प्रवेश दिया। वैशाली में दूसरी बौद्ध संगीति (383 ई०पू०) भी हुई। लिच्छवि बौद्ध धर्म के प्रमुख समर्थक थे, इसलिए यह विषय परीक्षाओं में महत्वपूर्ण है।
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प्रश्न 18. महात्मा बुद्ध ने वर्षा ऋतु को छोड़कर अपने विचारों का प्रचार किस भाषा में किया?
(A) संस्कृत
(B) अर्द्धमागधी
(C) पालि
(D) प्राकृत
✅ उत्तर: (C) पालि
📝 महात्मा बुद्ध ने अपने विचारों का प्रचार पालि भाषा में किया, क्योंकि यह आम जनता की भाषा थी, जबकि संस्कृत विद्वानों की भाषा मानी जाती थी। बुद्ध ने जानबूझकर पालि को चुना ताकि उनका संदेश हर वर्ग तक आसानी से पहुँचे। बौद्ध धर्म का मूल ग्रंथ त्रिपिटक भी पालि में ही लिखा गया है। यह भाषा श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रचलित थेरवाद बौद्ध धर्म की पवित्र भाषा है, जबकि जैन धर्म का साहित्य अर्द्धमागधी में मिलता है।
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प्रश्न 19. बौद्ध संघ की सभा में प्रस्तुत प्रस्ताव को क्या कहते थे?
(A) कम्मवाचा
(B) वृत्ति
(C) अनुस्सावन
(D) भूमस्सिकम्
✅ उत्तर: (B) वृत्ति
📝 बौद्ध संघ की सभा में प्रस्ताव को ‘वृत्ति’ कहा जाता था और उसे पढ़कर सुनाना ‘अनुस्सावन/कम्मवाचा’ कहलाता था। मतदान दो प्रकार का होता था — ‘गुल्हक’ (गुप्त) और ‘विवतक’ (खुला)। निर्णय बहुमत से लिया जाता था, जिसे ‘भूमस्सिकम्/येभसीयम्’ कहा जाता था। सदस्यों को बैठाने की व्यवस्था ‘आसनप्रज्ञापक’ करता था, जो इसकी लोकतांत्रिक प्रणाली को दर्शाता है।
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प्रश्न 20. बौद्ध संघ में किस आयु में ‘प्रव्रज्या’ की शिक्षा दी जाती थी?
(A) 10 वर्ष
(B) 15 वर्ष
(C) 18 वर्ष
(D) 20 वर्ष
✅ उत्तर: (B) 15 वर्ष
📝 बौद्ध संघ में ‘प्रव्रज्या’ 15 वर्ष की आयु में और ‘उपसम्पदा’ 20 वर्ष की आयु में दी जाती थी। प्रव्रज्या से भिक्षु जीवन की शुरुआत होती थी, जबकि उपसम्पदा से उसकी पूर्णता मानी जाती थी। प्रव्रज्या का अर्थ है संन्यास ग्रहण करना। बौद्ध धर्म में उपसम्पदा का वही महत्व है, जो ब्राह्मण धर्म के ‘उपनयन संस्कार’ का होता है, इसलिए यह तुलनात्मक तथ्य परीक्षाओं में बहुत महत्वपूर्ण है।
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प्रश्न 21. बौद्ध धर्म में ‘उपसम्पदा’ का वही महत्व है जो ब्राह्मण धर्म में किसका है?
(A) विवाह संस्कार
(B) उपनयन संस्कार
(C) अंत्येष्टि संस्कार
(D) नामकरण संस्कार
✅ उत्तर: (B) उपनयन संस्कार
📝 बौद्ध धर्म में ‘उपसम्पदा’ का वही महत्व है जो ब्राह्मण धर्म के ‘उपनयन संस्कार’ का है, जिसमें व्यक्ति जनेऊ धारण कर गुरु के आश्रम में अध्ययन शुरू करता है; उसी तरह उपसम्पदा से भिक्षु जीवन की पूर्णता होती है। ‘प्रव्रज्या’ 15 वर्ष में (भिक्षु जीवन की शुरुआत) और ‘उपसम्पदा’ 20 वर्ष में (पूर्णता) दी जाती थी। ये दोनों दीक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण पद हैं, जो परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
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प्रश्न 22. बौद्ध संघ में गुप्त मतदान को क्या कहते थे?
(A) विवतक
(B) गुल्हक
(C) भूमस्सिकम्
(D) कम्मवाचा
✅ उत्तर: (B) गुल्हक
📝 बौद्ध संघ में मतदान दो प्रकार का होता था — ‘गुल्हक’ (गुप्त मतदान) और ‘विवतक’ (खुला मतदान)। किसी भी प्रस्ताव का निर्णय बहुमत से लिया जाता था, जो इसकी लोकतांत्रिक प्रणाली को दर्शाता है। यह व्यवस्था आधुनिक संसदीय लोकतंत्र से मिलती-जुलती थी। ध्यान देने योग्य है कि महात्मा बुद्ध का जन्म गणराज्य (शाक्य गण) में हुआ था, इसलिए उन्होंने अपने संघ को भी गणतांत्रिक आधार पर संगठित किया।
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प्रश्न 23. बौद्ध संघ में बहुमत से लिए गए निर्णय को क्या कहा जाता था?
(A) वृत्ति
(B) अनुस्सावन
(C) भूमस्सिकम् / येभसीयम्
(D) गुल्हक
✅ उत्तर: (C) भूमस्सिकम् / येभसीयम्
📝 बौद्ध संघ में किसी भी प्रस्ताव का निर्णय बहुमत से लिया जाता था, जिसे ‘भूमस्सिकम्’ या ‘येभसीयम्’ कहा जाता था। सभी सदस्यों को समान अधिकार प्राप्त थे, न कोई छोटा न बड़ा। यह व्यवस्था उस समय की प्रगतिशील लोकतांत्रिक प्रणाली थी, जो आधुनिक संसद की कार्यप्रणाली से काफी मिलती-जुलती थी, इसलिए कई विद्वान इसकी जड़ें प्राचीन भारत के गणराज्यों और बौद्ध संघ में मानते हैं।
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प्रश्न 24. बौद्ध संघ में ‘आसनप्रज्ञापक’ का क्या कार्य था?
(A) मतगणना करना
(B) प्रस्ताव पढ़ना
(C) सभा में सदस्यों को बैठाने की व्यवस्था करना
(D) संघ के नियम बनाना
✅ उत्तर: (C) सभा में सदस्यों को बैठाने की व्यवस्था करना
📝 बौद्ध संघ की सभा में सदस्यों को बैठाने की व्यवस्था ‘आसनप्रज्ञापक’ करता था, जहाँ ‘आसन’ का अर्थ बैठने की जगह और ‘प्रज्ञापक’ का अर्थ व्यवस्था करने वाला है। यह पद संघ की सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रणाली को दर्शाता है। इसके अलावा भी संघ में कई पद थे, जो अलग-अलग कार्यों के लिए नियुक्त किए जाते थे।
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प्रश्न 25. महात्मा बुद्ध के सर्वाधिक अनुयायी किस महाजनपद में थे?
(A) मगध महाजनपद
(B) वज्जि महाजनपद
(C) कोसल महाजनपद
(D) अवंति महाजनपद
✅ उत्तर: (C) कोसल महाजनपद
📝 महात्मा बुद्ध के सर्वाधिक अनुयायी कोसल महाजनपद में थे, जिसकी राजधानी श्रावस्ती थी। इसी कारण उन्होंने सर्वाधिक 25 वर्षावास यहीं किए और अपने अधिकतर उपदेश भी कोसल में दिए। राजा प्रसेनजित बौद्ध धर्म के प्रमुख समर्थक थे और उनकी पुत्री वाजिरा का विवाह अजातशत्रु से हुआ था। जेतवन विहार के निर्माता सुदत्त (अनाथपिण्डक) भी यहीं के व्यापारी थे, इसलिए बुद्ध और कोसल का संबंध घनिष्ठ था।