
प्राचीन भारत का इतिहास भाग-33 MCQ-2026
बौद्ध स्तूप: राजा, विश्वविद्यालय, तीर्थ स्थल और प्रतीक का महत्व MCQ 2026
Q1. अशोक ने बौद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा किसके साथ की?
✅ उत्तर: (B) उपगुप्त बौद्ध भिक्षु के साथ
सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म ग्रहण करने के बाद उपगुप्त (Upagupta) नामक बौद्ध भिक्षु के साथ बौद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा की। उपगुप्त अशोक के धार्मिक गुरु थे।
अशोक ने निम्नलिखित चार प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा की और वहाँ स्तंभ, स्तूप और शिलालेख स्थापित किए:
- लुम्बिनी – यहाँ अशोक ने एक स्तंभ स्थापित किया जिस पर लिखा है कि बुद्ध का जन्म यहीं हुआ था। इस स्तंभ की खोज 1896 में हुई थी, जिससे लुम्बिनी की पहचान सुनिश्चित हुई।
- बोधगया
- सारनाथ
- कुशीनगर
अशोक की यह तीर्थयात्रा ‘धम्म यात्रा’ के नाम से जानी जाती थी, जो युद्ध यात्राओं के विपरीत शांतिपूर्ण और धार्मिक उद्देश्य की थी।
Q2. स्तूप की संरचना में ‘अण्ड’ क्या होता है?
✅ उत्तर: (B) स्तूप का गोलाकार केंद्रीय भाग (dome)
बौद्ध स्तूप की संरचना में कई भाग होते हैं — अण्ड (Anda) : गोलाकार केंद्रीय भाग जो अंडे जैसा दिखता है, हर्मिका : अण्ड के ऊपर चौकोर बाड़ेनुमा संरचना, यष्टि : हर्मिका से ऊपर उठता खंभा, छत्र : यष्टि के ऊपर छाते जैसी संरचना, मेधि : ऊँचा चबूतरा, प्रदक्षिणापथ : परिक्रमा मार्ग, वेदिका : रेलिंग/बाड़, तोरण द्वार : प्रवेश द्वार; और अण्ड के अंदर बुद्ध के अवशेष (रेलिक्स) रखे जाते थे।
Q3. पाल वंश के किस राजा ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की?
✅ उत्तर: (B) धर्मपाल
पाल वंश के राजा धर्मपाल (770-810 ई०) ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की और नालंदा व ओदंतपुरी विश्वविद्यालय को भी संरक्षण दिया; धर्मपाल बौद्ध धर्म के उत्साही संरक्षक थे और पाल वंश 8वीं से 12वीं शताब्दी तक बिहार और बंगाल में शासन करता रहा, इस दौरान विक्रमशिला में अतीश दीपंकर जैसे विद्वानों ने तिब्बत में बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान में योगदान दिया, जिससे यह काल बौद्ध धर्म के संरक्षण और शिक्षा के लिए यादगार बन गया।
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Q4. ‘भरहुत स्तूप’ किस राज्य में है?
✅ उत्तर: (C) मध्य प्रदेश
भरहुत स्तूप मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित है, इसका निर्माण अशोक काल (तीसरी शताब्दी ई०पू०) में हुआ और बाद में शुंग काल में विस्तृत किया गया; भरहुत की वेदिका (रेलिंग) पर उत्कीर्ण जातक कथाएँ और बौद्ध प्रतीक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, यहाँ बुद्ध को प्रतीकात्मक रूप में (न कि मानवीय रूप में) दर्शाया गया है, और भरहुत की मूर्तियाँ वर्तमान में कोलकाता के इंडियन म्यूजियम में सुरक्षित हैं, जिन्हें 19वीं शताब्दी में अलेक्जेंडर कनिंघम ने खोजा था।
Q5. ‘अमरावती स्तूप’ किस राज्य में स्थित है?
✅ उत्तर: (C) आंध्र प्रदेश
अमरावती स्तूप आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में कृष्णा नदी के तट पर स्थित है और यह दक्षिण भारत का सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल था; इसका निर्माण लगभग दूसरी-तीसरी शताब्दी ई०पू० में हुआ और सातवाहन काल में इसका विस्तार हुआ, अमरावती कला शैली की विशेषता है कि इसमें मानव आकृतियाँ अत्यंत गतिशील और जीवंत हैं, और इसकी मूर्तियाँ वर्तमान में चेन्नई के सरकारी संग्रहालय और लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित हैं; नागार्जुनकोण्डा भी एक महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल है, जहाँ सातवाहन काल में दक्षिण भारत में बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ।
Q6. ‘धमेख स्तूप’ कहाँ स्थित है?
✅ उत्तर: (B) सारनाथ
धमेख स्तूप (Dhamekh Stupa) उत्तर प्रदेश के सारनाथ में स्थित है और यह उसी स्थान पर है जहाँ महात्मा बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिया था; ‘धमेख’ शब्द धर्मचक्र का अपभ्रंश माना जाता है; यह स्तूप लगभग 43.6 मीटर ऊँचा और 28 मीटर व्यास का है और इसका निर्माण गुप्त काल (5वीं-6वीं शताब्दी ई०) में हुआ; सारनाथ में अशोक के सिंह-स्तंभ के अवशेष भी हैं और सारनाथ संग्रहालय में ‘अशोक स्तंभ शीर्ष’ रखा है जो भारत का राष्ट्रीय चिह्न है।
Q7. हर्षवर्धन के शासनकाल में किस स्थान पर बौद्ध धर्म सभा आयोजित हुई?
✅ उत्तर: (C) कन्नौज
हर्षवर्धन (606-647 ई०) के शासनकाल में कन्नौज में एक विशाल बौद्ध धर्म सभा आयोजित हुई जिसमें महायान बौद्ध धर्म का समर्थन किया गया; इस सभा में चीनी यात्री ह्वेनसांग भी सम्मिलित थे; हर्षवर्धन ने प्रयाग में प्रत्येक पाँच वर्षों में महामोक्ष परिषद आयोजित की जिसमें भारी दान-दक्षिणा दी जाती थी; हर्षवर्धन स्वयं बौद्ध धर्म के अनुयायी बन गए थे और ह्वेनसांग के यात्रा-वृत्तांत से उनके शासनकाल के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है।
Q8. कनिष्क ने बौद्ध धर्म की किस शाखा को संरक्षण दिया?
✅ उत्तर: (B) महायान
कुशाण शासक कनिष्क (लगभग 78-101 ई०) महायान बौद्ध धर्म का प्रमुख संरक्षक था; उसके शासनकाल में चतुर्थ बौद्ध संगीति हुई जिसमें महायान और हीनयान का औपचारिक विभाजन हुआ; कनिष्क ने मध्य एशिया, चीन और अन्य क्षेत्रों में धर्म-प्रचारक भेजे; उनके सिक्कों पर बुद्ध की आकृति मिलती है; गांधार कला शैली उनके काल में विकसित हुई; कनिष्क पेशावर (पुरुषपुर) से शासन करता था और वहाँ कनिष्क स्तूप बनवाया; अशोक के बाद बौद्ध धर्म का सबसे बड़ा संरक्षक कनिष्क माना जाता है।
Q9. बौद्ध धर्म में ‘संघ’ को ‘गणतंत्र’ क्यों कहा जा सकता है?
✅ उत्तर: (B) क्योंकि सभी सदस्यों के समान अधिकार, बहुमत से निर्णय और गुप्त मतदान की व्यवस्था थी
बौद्ध संघ को ‘धार्मिक गणतंत्र’ कहा जाता है क्योंकि इसमें सभी सदस्यों के अधिकार समान थे, निर्णय बहुमत से होते थे, गुप्त (गुल्हक) और खुले (विवतक) मतदान दोनों होते थे, और कोई भी जाति या वर्ग का व्यक्ति सदस्य बन सकता था; यह व्यवस्था आधुनिक संसदीय लोकतंत्र की अग्रदूत मानी जाती है; संघ की यह लोकतांत्रिक संरचना महात्मा बुद्ध के जन्मस्थान शाक्य गण की परंपरा से प्रेरित थी और इसे विश्व का प्राचीनतम लोकतांत्रिक संगठन माना जाता है।
Q10. ‘लुम्बिनी’ की पहचान किस अभिलेख से हुई?
✅ उत्तर: (B) रुम्मिनदेई अभिलेख (अशोक स्तंभ)
लुम्बिनी (बुद्ध का जन्मस्थान) की पहचान अशोक के ‘रुम्मिनदेई स्तंभ लेख’ से हुई; सम्राट अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 20वें वर्ष में लुम्बिनी की यात्रा की और वहाँ एक स्तंभ स्थापित किया, जिस पर ब्राह्मी लिपि में लिखा था कि यहाँ बुद्ध का जन्म हुआ और भूमि-कर माफ किया गया; 1896 में जर्मन पुरातत्वविद् एंटोन फ्यूरर ने इस स्तंभ को खोजा, जिससे लुम्बिनी की पहचान सुनिश्चित हुई; लुम्बिनी वर्तमान नेपाल के रूपन्देही जिले में है और 1997 से UNESCO विश्व धरोहर स्थल है।
Q11. ‘अतीश दीपंकर’ किस देश में बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान से जुड़े थे?
✅ उत्तर: (C) तिब्बत
अतीश दीपंकर श्रीज्ञान (982-1054 ई०) विक्रमशिला विश्वविद्यालय के प्रमुख बौद्ध विद्वान थे; वे बंगाल के थे और तिब्बत की यात्रा कर वहाँ बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई; तिब्बत में उन्हें जो-वो रिन-पो-छे के नाम से जाना जाता है; उन्होंने बोधिपथप्रदीप नामक ग्रंथ लिखा जो तिब्बती बौद्ध धर्म का आधार है; अतीश दीपंकर बांग्लादेश के मुंशीगंज जिले में जन्मे थे और इसलिए बांग्लादेश उन्हें अपना राष्ट्रीय नायक मानता है।
Q12. ‘कुशीनगर’ किस गणराज्य की राजधानी थी?
✅ उत्तर: (C) मल्ल गण
कुशीनगर (Kushinagar) मल्ल गणराज्य की एक प्रमुख राजधानी थी; मल्ल गण के दो मुख्य केंद्र कुशीनगर और पावा थे; यहाँ 483 ई०पू० में महात्मा बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ; उनकी मृत्यु के बाद उनके अवशेष को लेकर मल्लों और अन्य गणराज्यों में विवाद हुआ जिसे ब्राह्मण द्रोण ने सुलझाया और अवशेषों को आठ भागों में बाँटा गया, जिन पर स्तूप बनाए गए; कुशीनगर वर्तमान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में है और यह चार प्रमुख बौद्ध तीर्थों में से एक है।
Q13. महात्मा बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके अवशेष कितने भागों में बाँटे गए?
✅ उत्तर: (C) आठ
महात्मा बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके भौतिक अवशेष (relics) को लेकर आठ राज्यों/गणों में विवाद हुआ; ब्राह्मण द्रोण ने मध्यस्थता कर इन्हें आठ भागों में बाँटा, जिनके हिस्सेदार थे — मगध, वैशाली, कपिलवस्तु, अल्लकप्प, रामग्राम, वेठद्वीप, पावा और कुशीनगर; प्रत्येक ने अपने हिस्से पर स्तूप बनवाए; बाद में सम्राट अशोक ने इन स्तूपों को खोलकर अवशेषों को 84,000 टुकड़ों में बाँटकर पूरे भारत में स्तूप बनवाए; परीक्षाओं में ‘आठ’ की संख्या अक्सर पूछी जाती है।
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Q14. ‘संघमित्रा’ कौन थी और उसने क्या किया?
✅ उत्तर: (B) अशोक की पुत्री — उसने बोधि वृक्ष की शाखा श्रीलंका ले जाकर बौद्ध धर्म फैलाया
संघमित्रा सम्राट अशोक की पुत्री थी; तृतीय बौद्ध संगीति (250 ई०पू०) के बाद अशोक ने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका में बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए भेजा; संघमित्रा अपने साथ बोधि वृक्ष (पीपल) की एक शाखा लेकर गई, जो आज भी अनुराधापुरा में ‘श्री महाबोधि वृक्ष’ के रूप में जीवित है और इसे विश्व का सबसे पुराना ऐतिहासिक रूप से दस्तावेज़ीकृत पेड़ माना जाता है; संघमित्रा ने वहाँ भिक्षुणी संघ की स्थापना भी की।
Q15. बौद्ध धर्म में ‘चैत्य’ और ‘विहार’ में क्या अंतर है?
✅ उत्तर: (B) चैत्य पूजा-स्थल है, विहार भिक्षुओं का निवास स्थल है
बौद्ध स्थापत्य में चैत्य (Chaitya) और विहार (Vihara) दो अलग संरचनाएँ हैं; चैत्य एक प्रार्थना हॉल या पूजा स्थल है जिसमें स्तूप होता है और यहाँ बौद्ध अनुष्ठान होते हैं, जैसे अजंता की गुफाएँ; विहार बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थान है, जहाँ वे रहते, खाते और पढ़ते थे; बाद में ‘विहार’ शब्द से बिहार प्रांत का नाम पड़ा क्योंकि यह क्षेत्र बौद्ध विहारों से भरा था; अजंता की 30 गुफाओं में से 5 चैत्य और 25 विहार हैं।
Q16. ‘बिहार’ राज्य का नाम किससे पड़ा?
✅ उत्तर: (B) बौद्ध विहारों (मठों) के नाम से
‘बिहार’ राज्य का नाम ‘विहार’ शब्द से पड़ा क्योंकि प्राचीन काल में यह क्षेत्र बौद्ध विहारों (मठों) से भरा हुआ था, जैसे नालंदा, विक्रमशिला, ओदंतपुरी जैसे विश्वप्रसिद्ध बौद्ध विश्वविद्यालय; ‘विहार’ → ‘बिहार’ नामांतरण इस क्षेत्र की बौद्ध धरोहर का प्रमाण है; बिहार का बौद्ध धर्म से संबंध अत्यंत गहरा है — महात्मा बुद्ध को यहीं (बोधगया) ज्ञान मिला, यहीं प्रथम बौद्ध संगीति हुई (राजगृह), और यहीं के सबसे बड़े बौद्ध विश्वविद्यालय थे; बिहार के नाम की व्युत्पत्ति BPSC परीक्षा में अक्सर पूछी जाती है।
Q17. ‘एलोरा की गुफाएँ’ किस धर्म से संबंधित नहीं हैं?
✅ उत्तर: (D) इस्लाम
एलोरा की गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं और तीन धर्मों — बौद्ध, हिंदू और जैन — से संबंधित हैं; कुल 34 गुफाएँ हैं: गुफा 1-12 बौद्ध (5वीं-7वीं शताब्दी), गुफा 13-29 हिंदू (7वीं-9वीं शताब्दी), और गुफा 30-34 जैन (9वीं-11वीं शताब्दी); एलोरा की सबसे प्रसिद्ध गुफा ‘कैलाश मंदिर’ (गुफा 16) है, जिसे राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम ने बनवाया था; एलोरा UNESCO विश्व धरोहर स्थल है; अजंता केवल बौद्ध है जबकि एलोरा तीनों धर्मों का संगम है।
Q18. ‘देवनाम्पिय पियदस्सि’ किसकी उपाधि थी?
✅ उत्तर: (C) अशोक
‘देवनाम्पिय पियदस्सि’ (Devanampiya Piyadassi) सम्राट अशोक की उपाधि थी; ‘देवनाम्पिय’ का अर्थ है ‘देवताओं का प्रिय’ और ‘पियदस्सि’ का अर्थ है ‘दयालु दृष्टि वाला’; अशोक के शिलालेखों में उन्होंने स्वयं को इसी नाम से संबोधित किया है; 1837 में जेम्स प्रिंसेप ने अशोक के शिलालेखों की ब्राह्मी लिपि पढ़ी; लंबे समय तक विद्वानों को नहीं पता था कि ‘देवनाम्पिय पियदस्सि’ कौन था; 1915 में मास्की शिलालेख की खोज से स्पष्ट हुआ कि पियदस्सि और अशोक एक ही व्यक्ति हैं।
Q19. बौद्ध धर्म में ‘तृष्णा’ को दुःख का कारण क्यों माना गया?
✅ उत्तर: (B) क्योंकि तृष्णा (इच्छा/लालसा) ही पुनर्जन्म और दुःख का मूल कारण है
बौद्ध धर्म के द्वितीय आर्य सत्य (दुःख समुदाय) के अनुसार ‘तृष्णा’ (Tanha / craving / लालसा) दुःख का मूल कारण है; तृष्णा तीन प्रकार की होती है — कामतृष्णा (इंद्रिय सुख की लालसा), भवतृष्णा (अस्तित्व की लालसा), और विभवतृष्णा (न रहने की लालसा); तृष्णा के कारण व्यक्ति कर्म करता है, जिससे पुनर्जन्म होता और दुःख उत्पन्न होता; जब तृष्णा का पूर्ण नाश होता है, तब निर्वाण प्राप्त होता; बौद्ध धर्म का यह मनोवैज्ञानिक विश्लेषण आधुनिक मनोविज्ञान से आश्चर्यजनक रूप से मिलता है।
Q20. ‘ओदंतपुरी विश्वविद्यालय’ कहाँ था?
✅ उत्तर: (A) नालंदा के पास, बिहार
ओदंतपुरी (Odantapuri) विश्वविद्यालय बिहार में नालंदा के निकट स्थित था; इसकी स्थापना पाल राजा गोपाल (8वीं शताब्दी) ने की थी; यह बौद्ध शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र था जहाँ विशेषतः तांत्रिक बौद्ध धर्म (वज्रयान) की शिक्षा दी जाती थी; तिब्बत के प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान शांतरक्षित और कमलशील भी इसी विश्वविद्यालय से जुड़े थे; ओदंतपुरी को 1197 ई० के आसपास बख्तियार खिलजी ने नष्ट किया; इसे ओदंतपुरी, उदंतपुर या उदंतपुरी भी कहा जाता है।
Q21. महात्मा बुद्ध को ‘विष्णु का अवतार’ किस ग्रंथ में कहा गया?
✅ उत्तर: (C) पुराण (भागवत पुराण)
भागवत पुराण और अन्य पुराणों में महात्मा बुद्ध को विष्णु के 24 अवतारों में से एक बताया गया है; यह बौद्ध धर्म को हिंदू धर्म में समाहित करने का तरीका था ताकि बौद्ध अनुयायी धीरे-धीरे हिंदू परंपरा में लौट सकें; इस ‘अवतारवाद’ को बौद्ध धर्म के पतन के कारणों में से एक माना जाता है — जब बुद्ध हिंदू देवता के रूप में पूजे जाने लगे तो अलग बौद्ध धर्म की आवश्यकता कम हो गई; यह विचार 6वीं-7वीं शताब्दी में प्रचलित हुआ और बौद्ध धर्म के भारत से क्रमिक विलोपन का एक पहलू था।
Q22. ‘नवयान’ बौद्ध धर्म किससे संबंधित है?
✅ उत्तर: (B) डॉ. अंबेडकर के आधुनिक बौद्ध आंदोलन से
‘नवयान’ (Navayana) बौद्ध धर्म की वह शाखा है जिसकी नींव डॉ. भीमराव अंबेडकर ने रखी; ‘नव’ का अर्थ है ‘नया’ — यह हीनयान, महायान और वज्रयान के अतिरिक्त एक चौथी बौद्ध परंपरा मानी जाती है; अंबेडकर ने परंपरागत बौद्ध धर्म को सामाजिक न्याय और दलित मुक्ति के परिप्रेक्ष्य में पुनः व्याख्यायित किया; 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में लाखों दलित अनुयायियों के साथ उन्होंने बौद्ध दीक्षा ली; अपनी पुस्तक ‘द बुद्धा एंड हिज धम्मा’ में उन्होंने बौद्ध धर्म की सामाजिक-क्रांतिकारी व्याख्या प्रस्तुत की; भारत में अनुसूचित जातियों में बौद्ध धर्मावलंबियों की बड़ी संख्या नवयान आंदोलन का परिणाम है।
Q23. ‘पवा’ किस धर्म से संबंधित है?
✅ उत्तर: (C) दोनों — बौद्ध और जैन धर्म से
पावा (Pava) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के पास स्थित था और मल्ल गणराज्य का एक नगर था; बौद्ध धर्म के दृष्टि से महात्मा बुद्ध यहाँ रुके और चुंद (Cunda) के घर अपना अंतिम भोजन ( सूकरमद्दव ) किया, जिसके बाद वे बीमार पड़े और कुशीनगर पहुँचकर महापरिनिर्वाण प्राप्त किया; जैन धर्म के अनुसार महावीर का महापरिनिर्वाण (निर्वाण) भी पावा में हुआ; इस प्रकार पावा दोनों धर्मों के लिए पवित्र स्थान है।
Q24. बौद्ध धर्म में ‘उपासक’ और ‘भिक्षु’ में क्या अंतर है?
✅ उत्तर: (B) उपासक गृहस्थ अनुयायी है, भिक्षु संन्यासी अनुयायी है
बौद्ध धर्म में दो प्रकार के अनुयायी होते हैं — उपासक/उपासिका (Upasaka/Upasika) और भिक्षु/भिक्षुणी (Bhikkhu/Bhikkhuni); उपासक गृहस्थ अनुयायी हैं जो सांसारिक जीवन जीते हुए बौद्ध धर्म का पालन करते हैं और पंचशील का पालन करते हैं; भिक्षु वे हैं जो गृहस्थ जीवन त्यागकर संघ में प्रवेश करते और पूर्णकालिक धार्मिक जीवन व्यतीत करते हैं; बोधगया में जिन तपस्सु और मल्लिक को बुद्ध ने पहला शिष्य बनाया, वे उपासक थे; बौद्ध संघ की चतुर्विध (four-fold) व्यवस्था — भिक्षु, भिक्षुणी, उपासक, उपासिका — परीक्षाओं में अक्सर पूछी जाती है।
Q25. ‘सारनाथ संग्रहालय’ में क्या प्रमुख रखा है जो भारत का राष्ट्रीय चिह्न बना?
✅ उत्तर: (B) अशोक स्तंभ का सिंह-शीर्ष (Lion Capital)
सारनाथ संग्रहालय में अशोक स्तंभ का ‘सिंह-शीर्ष’ (Lion Capital) रखा है, जो भारत का राष्ट्रीय चिह्न (National Emblem) है; यह शीर्ष मूल रूप से सारनाथ में अशोक के स्तंभ के ऊपर था; इसमें चार सिंह पीठ सटाकर खड़े हैं जो चारों दिशाओं में बुद्ध के धर्मचक्र के प्रसार का प्रतीक हैं; नीचे घोड़ा, सिंह, हाथी और साँड़ भी हैं; भारत ने 26 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रीय चिह्न के रूप में अपनाया और इसके नीचे ‘सत्यमेव जयते’ लिखा है, जो मुंडकोपनिषद से लिया गया है।
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