कोशिका विज्ञान (Cytology) के महत्वपूर्ण MCQs 2025-26 के लिए यहां पढ़ें। ये प्रश्न UPSC, SSC, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहद उपयोगी हैं।

जीव विज्ञान-भाग-12 MCQ-2026
कोशिका विज्ञान MCQs 2025-26 | Cytology प्रश्नोत्तर और विवरण हिंदी में | UPSC, SSC, NEET
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Q1. कोशिका (Cell) शब्द सर्वप्रथम किसने दिया था?
(A) श्लाइडेन
(B) रॉबर्ट हुक
(C) श्वान
(D) ल्यूवेनहॉक
✅ उत्तर: (B) रॉबर्ट हुक
📝 रॉबर्ट हुक ने सन् 1665 में कॉर्क की पतली काट को सूक्ष्मदर्शी से देखा। उन्होंने उसमें दिखाई देने वाले छोटे-छोटे कक्षों को ‘Cell’ नाम दिया। यह शब्द लैटिन भाषा के ‘Cella’ से लिया गया है, जिसका अर्थ ‘छोटा कमरा’ होता है। इसी कारण रॉबर्ट हुक को कोशिका का खोजकर्ता कहा जाता है। उनकी यह खोज जीव विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई और इससे आधुनिक कोशिका विज्ञान की नींव पड़ी।
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Q2. कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) किसने और कब प्रस्तुत किया?
(A) रॉबर्ट हुक — 1665
(B) श्लाइडेन व श्वान — 1839
(C) विर्चो — 1858
(D) डार्विन — 1859
✅ उत्तर: (B) श्लाइडेन व श्वान — 1839
📝 वनस्पति विज्ञानशास्त्री श्लाइडेन (Schleiden) तथा जन्तु विज्ञानशास्त्री श्वान (Schwann) ने 1839 में मिलकर कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) प्रस्तुत किया। इस सिद्धांत के अनुसार सभी जीवों का शरीर कोशिकाओं से बना होता है और कोशिका जीवन की मूलभूत इकाई है। यह सिद्धांत जीव विज्ञान में एक महत्वपूर्ण खोज थी जिसने जीवों की संरचना को समझने का आधार दिया। बाद में विर्चो ने यह जोड़ा कि नई कोशिका पुरानी कोशिका से बनती है।
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Q3. मनुष्य के शरीर में सबसे बड़ी कोशिका कौन सी है?
(A) लाल रक्त कोशिका
(B) तंत्रिका कोशिका (Neuron)
(C) यकृत कोशिका
(D) अस्थि कोशिका
✅ उत्तर: (B) तंत्रिका कोशिका (Neuron)
📝 मनुष्य के शरीर में सबसे बड़ी कोशिका तंत्रिका कोशिका (Neuron) होती है। इसकी लंबाई कभी-कभी 1 मीटर से भी अधिक हो सकती है क्योंकि इसके अक्षतंतु (Axon) बहुत लंबे होते हैं। यह कोशिका मस्तिष्क से शरीर के विभिन्न अंगों तक संदेश पहुंचाने का कार्य करती है। तंत्रिका कोशिका सामान्यतः पुनः विभाजित नहीं होती और पूरे जीवनकाल सक्रिय रहती है, इसलिए इसका महत्व अत्यंत अधिक है।
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Q4. जीवों में कितने प्रकार की कोशाएं पाई जाती हैं?
(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार
✅ उत्तर: (B) दो
📝 जीवों में मुख्यतः दो प्रकार की कोशिकाएं पाई जाती हैं — (1) प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं (Prokaryotic Cells) जिनमें सुपरिभाषित केन्द्रक का अभाव होता है, जैसे जीवाणु और नीली-हरी शैवाल । (2) यूकैरियोटिक कोशिकाएं (Eukaryotic Cells) जिनमें सुपरिभाषित केन्द्रक और पूर्ण विकसित कोशिकांग पाए जाते हैं, जैसे सभी पौधे और जन्तु। यह वर्गीकरण कोशिका की आंतरिक संरचना पर आधारित है।
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Q5. यूकैरियोटिक कोशिकाओं में किस प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं?
(A) 60S
(B) 70S
(C) 80S
(D) 90S
✅ उत्तर: (C) 80S
📝 यूकैरियोटिक कोशिकाओं में 80S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं। राइबोसोम कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करते हैं। 80S राइबोसोम दो उपइकाइयों से मिलकर बना होता है — 60S (बड़ी उपइकाई) और 40S (छोटी उपइकाई)। इसके विपरीत प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में 70S राइबोसोम पाए जाते हैं। यहां ‘S’ का अर्थ सेडिमेंटेशन (Sedimentation) गुणांक है, जो कणों के जमने की दर को दर्शाता है।
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Q6. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं का उदाहरण कौन सा है?
(A) हरी शैवाल
(B) यीस्ट
(C) नीली-हरी शैवाल व जीवाणु
(D) कवक
✅ उत्तर: (C) नीली-हरी शैवाल व जीवाणु
📝 प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं वे होती हैं जिनमें सुपरिभाषित केन्द्रक का अभाव होता है। नीली-हरी शैवाल (Cyanobacteria) और जीवाणु (Bacteria) इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन कोशिकाओं में 70S राइबोसोम, हिस्टोन रहित DNA तथा कोशिकांगों का अभाव होता है। ये आकार में यूकैरियोटिक कोशिकाओं से छोटी होती हैं और पृथ्वी पर सबसे पहले विकसित होने वाले जीव माने जाते हैं।
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Q7. कोशिका भित्ति (Cell Wall) किसमें पाई जाती है?
(A) केवल जन्तु कोशिकाओं में
(B) केवल पादप कोशिकाओं में
(C) दोनों में
(D) किसी में नहीं
✅ उत्तर: (B) केवल पादप कोशिकाओं में
📝 कोशिका भित्ति (Cell Wall) केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है, जबकि जन्तु कोशिकाओं में इसका अभाव होता है। यह सबसे बाहरी पर्त होती है जो मोटी, मजबूत, छिद्रयुक्त और निर्जीव होती है। इसका निर्माण जीवद्रव्य के स्रावित पदार्थ से होता है। वहीं जन्तु कोशिकाओं में सबसे बाहरी पर्त प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) होती है।
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Q8. कोशिका भित्ति का निर्माण किन पदार्थों से होता है?
(A) केवल प्रोटीन से
(B) सेल्यूलोज, पेक्टिन, लिग्निन, हेमीसेल्यूलोज, काइटिन व क्यूटिन से
(C) केवल लिपिड से
(D) DNA और RNA से
✅ उत्तर: (B) सेल्यूलोज, पेक्टिन, लिग्निन, हेमीसेल्यूलोज, काइटिन व क्यूटिन से
📝 कोशिका भित्ति के निर्माण में अनेक पदार्थ शामिल होते हैं — सेल्यूलोज, पेक्टिन, लिग्निन, हेमीसेल्यूलोज, काइटिन एवं क्यूटिन। प्राथमिक कोशिका भित्ति मुख्यतः सेल्यूलोज की बनी होती है, जबकि द्वितीयक कोशिका भित्ति में सेल्यूलोज, पेक्टिन और लिग्निन पाए जाते हैं। कवकों और यीस्ट में कोशिका भित्ति काइटिन से बनी होती है। इन पदार्थों के अनुपात के अनुसार ही कोशिका भित्ति की कठोरता और लचक निर्धारित होती है।
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Q9. मध्य पटल (Middle Lamella) किसका बना होता है?
(A) सेल्यूलोज
(B) लिग्निन
(C) कैल्शियम व मैग्नीशियम पेक्टेट्स
(D) प्रोटीन
✅ उत्तर: (C) कैल्शियम व मैग्नीशियम पेक्टेट्स
📝 मध्य पटल (Middle Lamella) दो पास की कोशाओं की प्राथमिक भित्तियों के बीच पाया जाता है। यह कैल्शियम (Ca²⁺) और मैग्नीशियम (Mg²⁺) के पेक्टेट्स से बना होता है, जो विस्कस एवं जिलेटिनस पदार्थ के रूप में रहते हैं। यह ‘सीमेंट’ की भांति कार्य करते हुए दो कोशाओं को जोड़े रखता है। कोशाभित्तियों के विकास के दौरान सर्वप्रथम मध्य पटल का निर्माण होता है।
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Q10. पके हुए फल मुलायम क्यों हो जाते हैं?
(A) सेल्यूलोज बढ़ने से
(B) मध्य पटल के घुलने से
(C) लिग्निन के बढ़ने से
(D) प्रोटीन के विघटन से
✅ उत्तर: (B) मध्य पटल के घुलने से
📝 कच्चे (अपरिपक्व) फल कड़े रहते हैं क्योंकि मध्य पटल (Middle Lamella) कोशाओं को मजबूती से जोड़े रखता है। जब फल पकता है तो मध्य पटल घुल जाता है, जिससे कोशाएं एक-दूसरे से ढीली हो जाती हैं और फल मुलायम हो जाता है। मध्य पटल कैल्शियम एवं मैग्नीशियम के पेक्टेट्स से बना होता है। यह जैव-रासायनिक प्रक्रिया फल के पकने का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
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Q11. तृतीयक कोशिका भित्ति (Tertiary Cell Wall) किस पदार्थ की बनी होती है?
(A) सेल्यूलोज
(B) काइटिन
(C) जाइलन (Xylan)
(D) पेक्टिन
✅ उत्तर: (C) जाइलन (Xylan)
📝 तृतीयक कोशिका भित्ति जाइलन (Xylan) नामक पदार्थ से बनी होती है। यह केवल कुछ विशेष कोशिकाओं में पाई जाती है, जैसे अनावृतबीजी (Gymnosperms) पौधों की दारू वाहिनिकाओं (Xylem Tracheids) में। यह द्वितीयक कोशिका भित्ति के नीचे स्थित होती है। सभी कोशिकाओं में तृतीयक भित्ति नहीं होती, बल्कि यह विशिष्ट संरचनात्मक जरूरतों के अनुसार विकसित होती है।
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Q12. जीवद्रव्य तन्तु (Plasmodesmata) का क्या कार्य है?
(A) कोशिका को सुरक्षा देना
(B) दो कोशिकाओं के जीवद्रव्य को जोड़ना व पदार्थों का आवागमन
(C) प्रकाश संश्लेषण करना
(D) ऊर्जा उत्पादन करना
✅ उत्तर: (B) दो कोशिकाओं के जीवद्रव्य को जोड़ना व पदार्थों का आवागमन
📝 जीवद्रव्य तन्तु (Plasmodesmata) कोशिका भित्ति के छोटे-छोटे छिद्रों (Pits) से होकर गुजरने वाले महीन जीवद्रव्य सूत्र होते हैं। इनके द्वारा एक कोशिका का जीवद्रव्य संलग्न कोशिकाओं के जीवद्रव्य से जुड़ा रहता है। इनके माध्यम से निकटवर्ती कोशिकाओं में संबंध बना रहता है और विभिन्न पदार्थों का आवागमन भी होता है। यह पादप कोशिकाओं की महत्वपूर्ण विशेषता है।
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Q13. प्लाज्मा झिल्ली का दूसरा नाम क्या है?
(A) माइटोकॉन्ड्रिया
(B) प्लाज्मालेमा / जीवकला
(C) एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम
(D) गॉल्जीकाय
✅ उत्तर: (B) प्लाज्मालेमा / जीवकला
📝 प्लाज्मा झिल्ली को अनेक नामों से जाना जाता है — जीवकला (Cell-Membrane), बायोलॉजिकल मेम्ब्रेन (Biological Membrane), प्लाज्मालेमा (Plasmalemma) आदि। यह कोशिकाद्रव्य की बाहरी सीमा होती है जो अणुओं और आयनों के प्रवेश-निकास पर नियंत्रण रखती है। यह जन्तु और वनस्पति दोनों कोशिकाओं में पाई जाती है, जबकि जन्तु कोशिका में यह सबसे बाहरी पर्त होती है।
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Q14. प्लाज्मा झिल्ली का यूनिट मेम्ब्रेन मॉडल किसने दिया?
(A) रॉबर्ट हुक
(B) रावर्टसन (1959)
(C) श्लाइडेन
(D) विर्चो
✅ उत्तर: (B) रावर्टसन (1959)
📝 कोशिका झिल्ली (Plasma Membrane) की संरचना का यूनिट मेम्ब्रेन मॉडल (Unit Membrane Model) रावर्टसन (Robertson) ने 1959 में प्रस्तुत किया। इस मॉडल के अनुसार झिल्ली में दो प्रोटीन परतों के बीच एक लिपिड द्विपरत होती है। प्लाज्मा झिल्ली लाइपोप्रोटीन (Lipoprotein) की बनी होती है। यह अर्द्धपारगम्य (Semi-Permeable) प्रकृति की होती है, जो चुनिंदा पदार्थों को ही गुजरने देती है।
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Q15. कोशिका भित्ति की किस परत को ‘सीमेंट’ की तरह माना जाता है?
(A) प्राथमिक कोशिका भित्ति
(B) द्वितीयक कोशिका भित्ति
(C) मध्य पटल (Middle Lamella)
(D) तृतीयक कोशिका भित्ति
✅ उत्तर: (C) मध्य पटल (Middle Lamella)
📝 मध्य पटल (Middle Lamella) को ‘सीमेंट’ की तरह माना जाता है क्योंकि यह दो निकटवर्ती कोशाओं को आपस में जोड़े रखता है। यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के पेक्टेट्स से बना होता है। यह दो कोशिकाओं की प्राथमिक भित्तियों के बीच पाया जाता है। कोशिका भित्ति के विकास के दौरान यह सर्वप्रथम बनता है और जब यह घुल जाता है तो कोशिकाएं ढीली हो जाती हैं।
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Q16. शुतुर्मुर्ग का अण्डा किस दृष्टि से उल्लेखनीय है?
(A) सबसे छोटी कोशिका
(B) सबसे लंबी कोशिका
(C) सबसे भारी व बड़ी कोशिका
(D) सबसे तेज विभाजित होने वाली कोशिका
✅ उत्तर: (C) सबसे भारी व बड़ी कोशिका
📝 शुतुर्मुर्ग (Ostrich) का अण्डा जीव जगत की सबसे बड़ी एवं भारी कोशिका है। इसका वजन लगभग 1.5 किलोग्राम तक हो सकता है और इसका व्यास 15–20 सेमी तक होता है। यह एकल कोशिका का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके विपरीत मनुष्य के शरीर में सबसे बड़ी कोशिका तंत्रिका कोशिका (Neuron) होती है, जो लंबाई में बड़ी होती है। यह तथ्य कोशिका विज्ञान में अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है।
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Q17. अधिकांश कोशिकाओं का व्यास कितना होता है?
(A) 0.5μ से 20μ
(B) 50μ से 200μ
(C) 1mm से 2mm
(D) 1cm से 5cm
✅ उत्तर: (A) 0.5μ से 20μ
📝 अधिकांश कोशिकाएं 0.5 माइक्रोन (μ) से 20 माइक्रोन के व्यास की होती हैं। माइक्रोन मीटर का दस लाखवाँ भाग होता है। कोशिकाओं का आकार उनके प्रकार और कार्य के अनुसार बदलता है — कुछ जीवाणु कोशिकाएं मात्र 0.1–0.5 μm की होती हैं, जबकि कुछ विशेष कोशिकाएं इससे बड़ी होती हैं। इन्हें सूक्ष्मदर्शी (Microscope) के बिना देखना संभव नहीं है।
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Q18. यूकैरियोटिक कोशिकाओं में हिस्टोन प्रोटीन कहाँ पाई जाती है?
(A) माइटोकॉन्ड्रिया में
(B) कोशिका भित्ति में
(C) गुणसूत्रों (Chromosomes) में
(D) रिक्तिका में
✅ उत्तर: (C) गुणसूत्रों (Chromosomes) में
📝 यूकैरियोटिक कोशिकाओं के गुणसूत्रों (Chromosomes) में हिस्टोन प्रोटीन (Histone Protein) पाई जाती है। यह DNA के साथ जुड़कर ‘न्यूक्लियोसोम’ संरचना बनाती है और DNA की पैकेजिंग में मदद करती है। इसके विपरीत प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में हिस्टोन प्रोटीन का अभाव होता है, अर्थात उनका DNA हिस्टोन रहित होता है। यह यूकैरियोट और प्रोकैरियोट के बीच महत्वपूर्ण अंतर है।
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Q19. पादप कोशिका (Plant Cell) के मुख्य भाग कितने होते हैं?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
✅ उत्तर: (B) तीन
📝 पादप कोशिका (Plant Cell) के मुख्यतः तीन भाग होते हैं — (1) कोशिका भित्ति (Cell Wall), (2) जीवद्रव्य (Protoplasm), और (3) रसधानियाँ/रिक्तिकाएँ (Vacuoles)। जीवद्रव्य में प्लाज्मा झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केन्द्रक सम्मिलित होते हैं। कोशिका भित्ति पादप कोशिका की विशेष संरचना है जो जन्तु कोशिका में नहीं पाई जाती । रिक्तिका पादप कोशिकाओं में बड़ी और स्पष्ट होती है।
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Q20. कोशिका भित्ति का निर्माण कोशिका विभाजन की किस अवस्था में होता है?
(A) इंटरफेज
(B) प्रोफेज
(C) मेटाफेज
(D) अन्त्यावस्था (Telophase)
✅ उत्तर: (D) अन्त्यावस्था (Telophase)
📝 कोशिका भित्ति का निर्माण कोशिका विभाजन की अन्त्यावस्था (Telophase) के दौरान होता है। इस अवस्था में अन्तः प्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) की छोटी-छोटी नलिकाओं द्वारा भित्ति का निर्माण होता है। सबसे पहले मध्य पटल बनता है, इसके बाद प्राथमिक और फिर द्वितीयक कोशिका भित्ति बनती है। यह प्रक्रिया कोशिका विभाजन के अंतिम चरण में होती है जब दो नई कोशिकाएं बनती हैं।
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Q21. कवकों (Fungi) में कोशिका भित्ति किसकी बनी होती है?
(A) सेल्यूलोज
(B) लिग्निन
(C) काइटिन (Chitin)
(D) पेक्टिन
✅ उत्तर: (C) काइटिन (Chitin)
📝 कवकों (Fungi) तथा यीस्ट (Yeast) में कोशिका भित्ति काइटिन (Chitin) की बनी होती है, जो एक नाइट्रोजनयुक्त पॉलीसैकेराइड है। सामान्यतः पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति सेल्यूलोज से बनती है, जबकि कवकों में यह काइटिन से बनती है। काइटिन कीटों के बाह्यकंकाल में भी पाया जाता है। यह अंतर कवकों को पौधों से अलग करने का एक महत्वपूर्ण जैव-रासायनिक आधार है।
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Q22. प्लाज्मा झिल्ली किससे बनी होती है?
(A) केवल प्रोटीन
(B) लाइपोप्रोटीन (Lipoprotein)
(C) केवल कार्बोहाइड्रेट
(D) DNA और RNA
✅ उत्तर: (B) लाइपोप्रोटीन (Lipoprotein)
📝 प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) लाइपोप्रोटीन (Lipoprotein) की बनी होती है, अर्थात इसमें लिपिड (Lipid) और प्रोटीन (Protein) दोनों होते हैं। इसकी संरचना द्विस्तरीय लिपिड परत के बीच प्रोटीन अणुओं से मिलकर बनी होती है। सिंगर और निकोल्सन ने 1972 में ‘Fluid Mosaic Model’ प्रस्तुत किया, जो इसकी आधुनिक संरचना को समझाता है। यह झिल्ली अर्द्धपारगम्य (Semi-Permeable) होती है।
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Q23. कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) की एक प्रमुख बात क्या है?
(A) कोशिकाओं में केन्द्रक नहीं होता
(B) प्रत्येक कोशिका पूर्व-विद्यमान कोशिका से बनती है
(C) कोशिकाएं स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करतीं
(D) कोशिका भित्ति सभी में होती है
✅ उत्तर: (B) प्रत्येक कोशिका पूर्व-विद्यमान कोशिका से बनती है
📝 कोशिका सिद्धांत की प्रमुख बातें हैं — प्रत्येक जीव की उत्पत्ति एक कोशिका से होती है, प्रत्येक जीव का शरीर एक या अनेक कोशिकाओं से बना होता है, तथा प्रत्येक कोशिका एक स्वाधीन इकाई है। बाद में विर्चो (Virchow) ने 1858 में यह जोड़ा कि ‘नई कोशिका पुरानी कोशिका से ही बनती है’। यह सिद्धांत जीव विज्ञान का आधार स्तंभ माना जाता है।
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Q24. कोशिका निर्माण में मुख्य कार्यकर्ता कौन होता है?
(A) माइटोकॉन्ड्रिया
(B) केन्द्रक (Nucleus)
(C) राइबोसोम
(D) गॉल्जीकाय
✅ उत्तर: (B) केन्द्रक (Nucleus)
📝 कोशिका का निर्माण जिस क्रिया से होता है उसमें केन्द्रक (Nucleus) मुख्य कार्यकर्ता होता है। केन्द्रक में DNA होता है जो आनुवंशिक सूचनाएं संग्रहीत रखता है और कोशिका की सभी जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। यह कोशिका विभाजन, प्रोटीन संश्लेषण और वंशानुगत गुणों के संचरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए केन्द्रक को ‘कोशिका का मस्तिष्क’ कहा जाता है।
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Q25. प्राथमिक कोशिका भित्ति की प्रमुख विशेषता क्या है?
(A) मोटी, कठोर व अपारगम्य
(B) पतली, कोमल, लोचदार व पारगम्य
(C) जाइलन से बनी
(D) केवल जन्तु कोशिकाओं में पाई जाती है
✅ उत्तर: (B) पतली, कोमल, लोचदार व पारगम्य
📝 प्राथमिक कोशिका भित्ति (Primary Cell Wall) पतली, कोमल, लोचदार (Elastic) तथा पारगम्य (Permeable) होती है। यह मुख्यतः सेल्यूलोज की बनी होती है और सभी जीवित पादप कोशिकाओं में पाई जाती है। यह सबसे पहले स्रावित होती है। जो कोशिकाएं अपना विकास पूरा कर लेती हैं, उनमें इसके नीचे द्वितीयक कोशिका भित्ति बन जाती है। इसकी लोचदार प्रकृति कोशिका वृद्धि में सहायक होती है।
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Q26. यूकैरियोटिक कोशिका में केन्द्रक पदार्थ किसके सम्पर्क में रहता है?
(A) कोशिकाद्रव्य के
(B) केन्द्रक द्रव्य (Nucleoplasm) के
(C) कोशिका भित्ति के
(D) माइटोकॉन्ड्रिया के
✅ उत्तर: (B) केन्द्रक द्रव्य (Nucleoplasm) के
📝 यूकैरियोटिक कोशिकाओं में केन्द्रक पदार्थ (प्रोटीन, DNA तथा RNA) सीधे कोशिकाद्रव्य के सम्पर्क में नहीं रहते, बल्कि केन्द्रक द्रव्य (Nucleoplasm) के सम्पर्क में रहते हैं। इसका कारण यह है कि केन्द्रक केन्द्रक कला (Nuclear Membrane) से घिरा होता है, जो केन्द्रक और कोशिकाद्रव्य के बीच अवरोध बनाती है। यह प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं से प्रमुख संरचनात्मक अंतर है।
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Q27. कोशिकांग (Organelles) किसे कहते हैं?
(A) कोशिका के बाहरी आवरण को
(B) कोशिका के अंदर की विशेष संरचनाओं को
(C) केवल केन्द्रक को
(D) कोशिका भित्ति को
✅ उत्तर: (B) कोशिका के अंदर की विशेष संरचनाओं को
📝 कोशिका के अंदर पाई जाने वाली विभिन्न विशेष संरचनाओं को कोशिकांग (Organelles) कहते हैं, जैसे — माइटोकॉन्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट, एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम, गॉल्जीकाय , राइबोसोम, रिक्तिका आदि। प्रत्येक कोशिकांग का अपना विशिष्ट कार्य होता है। यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पूर्ण विकसित कोशिकांग पाए जाते हैं, जबकि प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में इनका अभाव होता है।
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Q28. कोशाभित्ति किस प्रकार की होती है?
(A) अपारगम्य
(B) अर्द्धपारगम्य
(C) पारगम्य
(D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (C) पारगम्य
📝 कोशाभित्ति (Cell Wall) पारगम्य (Permeable) प्रकृति की होती है, अर्थात इससे होकर पदार्थ आसानी से आ-जा सकते हैं। यह छिद्रयुक्त (Porous) होती है। इसके विपरीत प्लाज्मा झिल्ली अर्द्धपारगम्य (Semi-Permeable) होती है, जो चुनिंदा पदार्थों को ही गुजरने देती है। कोशाभित्ति की पारगम्यता के कारण पानी और खनिज तत्व आसानी से कोशिका में प्रवेश कर सकते हैं, जो पादप जल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है।
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Q29. कोशिका विज्ञान को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?
(A) Histology
(B) Cytology
(C) Ecology
(D) Physiology
✅ उत्तर: (B) Cytology
📝
कोशिका विज्ञान को अंग्रेजी में Cytology कहा जाता है। यह जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसमें कोशिकाओं की संरचना, कार्य, कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन का अध्ययन किया जाता है। ग्रीक भाषा में ‘Cyto‘ का अर्थ कोशिका और ‘Logy‘ का अर्थ विज्ञान होता है। आधुनिक Cytology में Molecular Biology के तत्व शामिल हो गए हैं और इसे Cell Biology भी कहा जाता है। यह विज्ञान जीवन की मूल इकाई की समझ बढ़ाने और रोगों के कारणों को जानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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Q30. प्लाज्मा झिल्ली कोशिकाद्रव्य में आयनों की सांद्रता के बारे में क्या करती है?
(A) घटाती है
(B) बढ़ाती है
(C) सांद्रता के अंतर को बनाए रखती है
(D) नष्ट कर देती है
✅ उत्तर: (C) सांद्रता के अंतर को बनाए रखती है
📝
प्लाज्मा झिल्ली कोशिकाद्रव्य में आयनों की सांद्रता (Ionic Concentration) के अंतर को बनाए रखने में मदद करती है। यह विभिन्न प्रकार के अणुओं और आयनों के प्रवेश और निकास पर नियंत्रण रखती है। इस प्रक्रिया में सक्रिय परिवहन (Active Transport) और निष्क्रिय परिवहन (Passive Transport) दोनों शामिल होते हैं। सोडियम-पोटेशियम पंप इसका उत्कृष्ट उदाहरण है, जो कोशिका के अंदर और बाहर आयनों के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
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Q31. कोशिका की सटीक परिभाषा में “विशिष्ट पारगम्य कला” से क्या तात्पर्य है?
(A) कोशिका भित्ति
(B) Differentially Permeable Membrane
(C) मध्य पटल
(D) तृतीयक भित्ति
✅ उत्तर: (B) Differentially Permeable Membrane
📝
कोशिका जैविक क्रियाओं की मौलिक इकाई है, जो विशिष्ट पारगम्य झिल्ली (Differentially Permeable Membrane) से घिरी होती है। इसका अर्थ है कि यह झिल्ली सभी पदार्थों को समान रूप से नहीं गुजरने देती, बल्कि चुनिंदा रूप से पदार्थों को अंदर-बाहर आने देती है। यह विशेषता कोशिका की आंतरिक रासायनिक संरचना को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यही गुण कोशिका को जीवित इकाई बनाता है और उसे जीव विज्ञान में अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण बनाता है। कोशिका के ये गुण जीवन की सभी क्रियाओं के लिए आधारशिला प्रदान करते हैं।
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Q32. कोशिका में स्वजनन (Self-Reproduction) की क्षमता का क्या अर्थ है?
(A) कोशिका भोजन बना सकती है
(B) कोशिका स्वयं अपनी जैसी नई कोशिका बना सकती है
(C) कोशिका गति कर सकती है
(D) कोशिका प्रकाश उत्पन्न कर सकती है
✅ उत्तर: (B) कोशिका स्वयं अपनी जैसी नई कोशिका बना सकती है
📝
स्वजनन (Self-Reproduction) का अर्थ है कि कोशिका में अपने जैसी नई कोशिका उत्पन्न करने की क्षमता होती है। यह क्षमता कोशिका को जीवन की मूलभूत इकाई बनाती है। कोशिका विभाजन की प्रक्रिया — माइटोसिस (Mitosis) और मेयोसिस (Meiosis) — के माध्यम से यह स्वजनन होता है। केंद्रक में उपस्थित DNA इस पूरी प्रक्रिया का नियंत्रण करता है और कोशिका के गुणसूत्रों की सही प्रतिलिपि सुनिश्चित करता है। यही गुण जीवन की निरंतरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जीव विज्ञान में अध्ययन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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Q33. जन्तु कोशिका में सबसे बाहरी पर्त कौन सी होती है?
(A) कोशिका भित्ति
(B) प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane)
(C) मध्य पटल
(D) द्वितीयक भित्ति
✅ उत्तर: (B) प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane)
📝
जन्तु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति (Cell Wall) नहीं पाई जाती, इसलिए इनमें सबसे बाहरी परत प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) होती है। यह झिल्ली कोशिका की सुरक्षा करती है और पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है। इसके विपरीत, पादप कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली कोशिका भित्ति के अंदर स्थित होती है। यह विशेषता जन्तु कोशिका को पादप कोशिका से अलग पहचान देती है। यही कारण है कि जन्तु कोशिकाएं लचीली और गतिशील होती हैं, जबकि पादप कोशिकाओं की भित्ति उन्हें कठोर बनाती है। यह अंतर जीव विज्ञान में कोशिका प्रकारों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
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Q34. प्राथमिक कोशिका भित्ति सर्वप्रथम किन कोशिकाओं में विकसित होती है?
(A) मृत कोशिकाओं में
(B) विभज्योतकी कोशिकाओं (Meristematic Cells) में
(C) तंत्रिका कोशिकाओं में
(D) रक्त कोशिकाओं में
✅ उत्तर: (B) विभज्योतकी कोशिकाओं (Meristematic Cells) में
📝
प्राथमिक कोशिका भित्ति सर्वप्रथम विभज्योतकी कोशिकाओं (Meristematic Cells) में विकसित होती है और बाद में मृदूतकी कोशिकाओं (Parenchymatous Cells) में भी पाई जाती है। विभज्योतकी कोशिकाएं वे होती हैं जो निरंतर विभाजित होती रहती हैं, जैसे पौधों की जड़ और तने के शीर्ष भाग। इन कोशिकाओं में पतली और लचीली प्राथमिक भित्ति होती है, जो कोशिका वृद्धि में सहायक होती है। यही भित्ति पौधों की विकासशील कोशिकाओं को आकार और लचीलापन प्रदान करती है, जिससे पौधे की वृद्धि और ऊंचाई सुनिश्चित होती है।
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Q35. यूकैरियोटिक कोशिका की प्रमुख विशेषता क्या है?
(A) केन्द्रक का अभाव
(B) केन्द्रक कला, केन्द्रक तथा पूर्ण विकसित कोशिकांग का होना
(C) 70S राइबोसोम
(D) हिस्टोन प्रोटीन का अभाव
✅ उत्तर: (B) केन्द्रक कला, केन्द्रक तथा पूर्ण विकसित कोशिकांग का होना
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यूकैरियोटिक कोशिकाएं वे कोशिकाएं हैं जिनमें केन्द्रक कला (Nuclear Membrane), सुपरिभाषित केन्द्रक (Nucleus) और पूर्ण विकसित कोशिकांग (Organelles) पाए जाते हैं। इनमें 80S राइबोसोम और गुणसूत्रों में हिस्टोन प्रोटीन पाई जाती है। सभी विकसित जन्तु और वनस्पति कोशिकाएं यूकैरियोटिक होती हैं। यह प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं से अधिक जटिल और विकसित होती हैं। यूकैरियोटिक कोशिकाओं की जटिल संरचना उन्हें विभिन्न जैविक क्रियाओं और जीवन प्रक्रियाओं को संचालित करने में सक्षम बनाती है, जिससे वे जीवन की मूलभूत इकाई के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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Q36. कोशिका भित्ति में पाए जाने वाले छोटे-छोटे छिद्रों (Pits) का क्या कार्य है?
(A) प्रकाश संश्लेषण
(B) Plasmodesmata के माध्यम से कोशिकाओं को जोड़ना
(C) पानी का भंडारण
(D) प्रोटीन निर्माण
✅ उत्तर: (B) Plasmodesmata के माध्यम से कोशिकाओं को जोड़ना
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कोशिका भित्ति में छोटे-छोटे गोल छिद्र (Pits) पाए जाते हैं। इन्हीं छिद्रों से जीवद्रव्य तन्तु (Plasmodesmata) गुजरते हैं, जो एक कोशिका के जीवद्रव्य को संलग्न कोशिकाओं के जीवद्रव्य से महीन सूत्रों द्वारा जोड़ते हैं। इनके माध्यम से निकटवर्ती कोशिकाओं में परस्पर जीवद्रव्य संबंध बना रहता है। साथ ही, विभिन्न पदार्थों का आवागमन एक कोशिका से दूसरी कोशिका में इन्हीं के द्वारा होता है। यह संरचना पौधों में कोशिका संचार और पोषक तत्वों के आदान-प्रदान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे कोशिकाओं के बीच सामंजस्य और विकास सुनिश्चित होता है।
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Q37. कोशिका की जैविक परिभाषा में कोशिका को किसकी इकाई कहा गया है?
(A) केवल संरचनात्मक इकाई
(B) जैविक क्रियाओं की रचनात्मक एवं मौलिक इकाई
(C) केवल प्रजनन इकाई
(D) केवल ऊर्जा उत्पादन इकाई
✅ उत्तर: (B) जैविक क्रियाओं की रचनात्मक एवं मौलिक इकाई
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कोशिका को जीवधारियों की जैविक क्रियाओं की मौलिक एवं रचनात्मक इकाई (Structural and Functional Unit) कहा जाता है। इसका अर्थ है कि कोशिका न केवल शरीर की संरचनात्मक इकाई है, बल्कि इसमें जीवन की समस्त जैविक क्रियाएं जैसे श्वसन, पाचन, उत्सर्जन, प्रजनन आदि भी होती हैं। यह परिभाषा कोशिका सिद्धांत का आधार है और सभी जीवों पर समान रूप से लागू होती है। कोशिका जीवन की मूलभूत इकाई होने के कारण जीव विज्ञान में अध्ययन और अनुसंधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे जीवों की संरचना और कार्य प्रणाली को समझा जा सकता है।
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Q38. द्वितीयक कोशिका भित्ति की विशेषता क्या है?
(A) पतली, लोचदार और अस्थायी
(B) अपेक्षाकृत मोटी, परिपक्व और स्थायी
(C) केवल सेल्यूलोज से बनी
(D) जन्तु कोशिका में पाई जाती है
✅ उत्तर: (B) अपेक्षाकृत मोटी, परिपक्व और स्थायी
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द्वितीयक कोशिका भित्ति (Secondary Cell Wall) प्राथमिक भित्ति के ठीक नीचे स्थित होती है और यह अपेक्षाकृत मोटी, परिपक्व तथा स्थायी होती है। यह सेल्यूलोज, पेक्टिन और लिग्निन जैसे पदार्थों से बनी होती है। लिग्निन के कारण यह अत्यंत कठोर हो जाती है, जिससे कोशिका को यांत्रिक शक्ति मिलती है। परिपक्व होने पर ऐसी कोशिकाएं जैविक क्रियाएं बंद कर देती हैं और मृत हो जाती हैं। द्वितीयक भित्ति पौधों को मजबूती प्रदान करती है और ऊर्ध्वाधर वृद्धि तथा स्थायित्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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Q39. किस वैज्ञानिक ने कोशिका सिद्धांत में यह जोड़ा कि “नई कोशिका पुरानी कोशिका से बनती है”?
(A) श्लाइडेन
(B) श्वान
(C) विर्चो (Virchow)
(D) रॉबर्ट हुक
✅ उत्तर: (C) विर्चो (Virchow)
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रुडोल्फ विर्चो (Rudolf Virchow) ने 1858 में कोशिका सिद्धांत में यह महत्वपूर्ण तथ्य जोड़ा कि “Omnis cellula e cellula“, अर्थात प्रत्येक नई कोशिका पूर्व-विद्यमान कोशिका से ही बनती है। इससे पहले, श्लाइडेन और श्वान ने 1839 में मूल कोशिका सिद्धांत दिया था। विर्चो के इस योगदान ने कोशिका सिद्धांत को पूर्णता प्रदान की और इसे आधुनिक जीव विज्ञान का आधार बना दिया। यह सिद्धांत आज भी सभी जीवों की संरचना और जीवन प्रक्रियाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है और जीव विज्ञान के अध्ययन में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
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Q40. कोशिकाओं के बीच पदार्थों का आवागमन मुख्यतः किसके माध्यम से होता है?
(A) कोशिका भित्ति के माध्यम से सीधे
(B) जीवद्रव्य तन्तु (Plasmodesmata) के माध्यम से
(C) माइटोकॉन्ड्रिया के माध्यम से
(D) केन्द्रक के माध्यम से
✅ उत्तर: (B) जीवद्रव्य तन्तु (Plasmodesmata) के माध्यम से
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दो कोशिकाओं के मध्य पदार्थों का आवागमन जीवद्रव्य तन्तु (Plasmodesmata) के माध्यम से होता है। ये महीन जीवद्रव्य सूत्र कोशिका भित्ति के Pits में से होकर गुजरते हैं और एक कोशिका को दूसरी कोशिका से जोड़ते हैं। इनके द्वारा पोषक तत्व, हार्मोन, जल आदि पदार्थ एक कोशिका से दूसरी कोशिका में स्थानांतरित होते हैं। यह संरचना पादप कोशिकाओं की संचार प्रणाली का आधार है और पौधों में कोशिकाओं के बीच सामंजस्य और जीवन क्रियाओं का समन्वय सुनिश्चित करती है।