
जीव विज्ञान-भाग-15 MCQ-2026
कोशिका विज्ञान के 30 हाई-स्कोरिंग MCQs | प्रश्न 1-30 2026
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प्रश्न 1. पौधों में वृद्धि किन भागों में होती है?
(A) सभी भागों में समान रूप से
(B) मुख्यतः तने और जड़ों के शिखरों (Apex) पर
(C) केवल पत्तियों में
(D) केवल जड़ों में
✅ उत्तर: (B) मुख्यतः तने और जड़ों के शिखरों (Apex) पर
📝 पौधों में वृद्धि उनके जीवन काल तक होती रहती है और यह विशेष रूप से तने और जड़ों के शिखरों (Apex) पर होती है। यहाँ विभज्योतक (Meristem) ऊतक पाए जाते हैं जो सक्रिय रूप से विभाजित होते हैं। जंतुओं में वृद्धि सभी अंगों में समान रूप से होती है और एक निश्चित आयु के बाद रुक जाती है। पौधों के शरीर का आकार अनिश्चित होता है जबकि जंतुओं का आकार प्रायः निश्चित होता है।
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प्रश्न 2. यूग्लिना (Euglena) किस कारण से जंतु और पौधे दोनों के गुण रखता है?
(A) क्योंकि इसमें माइटोकॉण्ड्रिया होता है
(B) क्योंकि इसमें पर्णहरिम (क्लोरोफिल) होता है
(C) क्योंकि इसमें DNA होता है
(D) क्योंकि इसमें कोशिका भित्ति होती है
✅ उत्तर: (B) क्योंकि इसमें पर्णहरिम (क्लोरोफिल) होता है
📝 यूग्लिना (Euglena) एक एककोशिकीय जीव है जो जंतुओं में एकमात्र ऐसा जीव है जिसमें पर्णहरिम (क्लोरोफिल) पाया जाता है। इस कारण यह प्रकाश की उपस्थिति में अपना भोजन स्वयं बना सकता है (स्वपोषी)। परंतु यह गति भी करता है जो जंतु का गुण है। इसीलिए यूग्लिना को पौधे और जंतु के बीच की कड़ी माना जाता है। सामान्यतः किसी भी जंतु में पर्णहरिम नहीं पाया जाता।
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प्रश्न 3. प्रकाश संश्लेषण का रासायनिक समीकरण क्या है?
(A) 6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂
(B) 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
(C) C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O
(D) 6CO₂ + 6O₂ → C₆H₁₂O₆ + 6H₂O
✅ उत्तर: (B) 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
📝 प्रकाश संश्लेषण का पूर्ण समीकरण है: प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O। इसमें 6 अणु CO₂ और 12 अणु जल मिलकर एक अणु ग्लूकोज, 6 अणु ऑक्सीजन और 6 अणु जल बनाते हैं। सूर्य का प्रकाश ऊर्जा स्रोत है और क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करता है। इस प्रक्रिया से ही पृथ्वी पर जीवन के लिए ऑक्सीजन उत्पन्न होती है।
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प्रश्न 4. 80S राइबोसोम की छोटी सब-यूनिट कितनी होती है?
(A) 30S
(B) 50S
(C) 40S
(D) 60S
✅ उत्तर: (C) 40S
📝 80S राइबोसोम उच्च विकसित पौधों और जंतु कोशिकाओं में पाए जाते हैं। इनकी बड़ी सब-यूनिट 60S और छोटी सब-यूनिट 40S होती है। जब दोनों सब-यूनिट Mg²⁺ आयन की उपस्थिति में जुड़ती हैं तो पूर्ण 80S राइबोसोम बनता है। 70S राइबोसोम (प्रोकैरियोट्स में) की बड़ी सब-यूनिट 50S और छोटी 30S होती है। इस संख्या में ‘S’ Svedberg Unit (अवसादन गुणांक) का संकेत है।
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प्रश्न 5. इलायोप्लास्ट (Elaioplast) का कार्य क्या है?
(A) स्टार्च का संचय
(B) प्रोटीन का संचय
(C) वसा का संचय
(D) क्लोरोफिल का निर्माण
✅ उत्तर: (C) वसा का संचय
📝 इलायोप्लास्ट (Elaioplast) ल्यूकोप्लास्ट का एक प्रकार है जो प्रायः बीजों में पाया जाता है और वसा का संचय करता है। एमाइलोप्लास्ट स्टार्च का संचय करता है और प्रोटीनोप्लास्ट प्रोटीन का संचय करता है। ये तीनों ल्यूकोप्लास्ट के कार्यात्मक प्रकार हैं। ल्यूकोप्लास्ट रंगहीन होते हैं और प्रकाश न मिलने वाले स्थानों जैसे भूमिगत भागों में पाए जाते हैं। सूर्य के प्रकाश में ये क्लोरोप्लास्ट में परिवर्तित हो जाते हैं।
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प्रश्न 6. माइटोकॉण्ड्रिया के बाह्य कोष्ठ (Outer Chamber) की चौड़ाई कितनी होती है?
(A) 10-20 Å
(B) 60-80 Å
(C) 100-150 Å
(D) 200-300 Å
✅ उत्तर: (B) 60-80 Å
📝 माइटोकॉण्ड्रिया का बाह्य कोष्ठ (Outer Chamber) बाहरी और भीतरी झिल्लियों के बीच का स्थान होता है जो लगभग 60-80 Å होता है। भीतरी कोष्ठ (Inner Chamber) भीतरी झिल्ली से घिरा बड़ा स्थान है जिसमें मैट्रिक्स भरा रहता है। मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र के एन्जाइम, DNA, राइबोसोम और अन्य पदार्थ होते हैं। क्रेब्स चक्र मैट्रिक्स में और इलेक्ट्रॉन अभिगमन क्रिस्टी में होती है।
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प्रश्न 7. कौन-सा कोशिकांग कैंसर के निर्माण में भूमिका निभाता है जब यह नष्ट होता है?
(A) माइटोकॉण्ड्रिया
(B) लाइसोसोम
(C) राइबोसोम
(D) गॉल्जीकाय
✅ उत्तर: (B) लाइसोसोम
📝 लाइसोसोम के नष्ट होने पर कैंसर के निर्माण में सहायता मिलती है। सामान्यतः लाइसोसोम क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को नष्ट करके ट्यूमर के विकास को रोकता है। जब लाइसोसोम स्वयं नष्ट हो जाते हैं तो यह नियंत्रण समाप्त हो जाता है। लाइसोसोम को “आत्मघाती थैलियाँ” कहते हैं। डी डुवे को लाइसोसोम की खोज के लिए 1974 में नोबेल पुरस्कार मिला। एपॉप्टॉसिस (Programmed Cell Death) में भी लाइसोसोम की भूमिका होती है।
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प्रश्न 8. जंतु कोशिका में सेन्ट्रोसोम कहाँ पाया जाता है?
(A) दूर कोने में
(B) केन्द्रक के पास
(C) माइटोकॉण्ड्रिया के पास
(D) कोशिका भित्ति के पास
✅ उत्तर: (B) केन्द्रक के पास
📝 जंतु कोशिका में सेन्ट्रोसोम (Centrosome) केन्द्रक के पास पाया जाता है। यह गोलाकार रचना है जिसमें दो सेन्ट्रिओल होते हैं। सेन्ट्रिओल के चारों ओर का स्वच्छ कोशाद्रव्य का घेरा सेन्ट्रोस्फीयर कहलाता है। कोशिका विभाजन के समय सेन्ट्रोसोम स्पिन्डल (Spindle) बनाता है। अधिकांश पौधों में सेन्ट्रोसोम अनुपस्थित होता है — यह पौधे और जंतु का महत्वपूर्ण अंतर है।
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प्रश्न 9. ऑक्सीकरण की इलेक्ट्रॉन अभिगमन तंत्र एवं फॉस्फोरिलीकरण की प्रक्रिया कहाँ होती है?
(A) मैट्रिक्स में
(B) बाहरी कोष्ठ में
(C) ऑक्सीसोम या F₁ कण में
(D) राइबोसोम में
✅ उत्तर: (C) ऑक्सीसोम या F₁ कण में
📝 ऑक्सीकरण की इलेक्ट्रॉन अभिगमन तंत्र (ETS) और ऑक्सीकीय फॉस्फोरिलीकरण की प्रक्रिया ऑक्सीसोम या F₁ कण में होती है। F₁ कण माइटोकॉण्ड्रिया की भीतरी झिल्ली और क्रिस्टी पर पाए जाते हैं। इनमें ETS और ATP संश्लेषण के एन्जाइम होते हैं। क्रेब्स चक्र मैट्रिक्स में होता है। ETS में क्रेब्स चक्र से उत्पन्न इलेक्ट्रॉन विभिन्न वाहकों से होकर अंततः O₂ और H⁺ से मिलकर जल बनाते हैं।
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प्रश्न 10. कोशिका के किस भाग को पावर हाउस (Power House) कहते हैं?
(A) कोशिका भित्ति
(B) केन्द्रक
(C) माइटोकॉण्ड्रिया
(D) सम्पूर्ण कोशिका
✅ उत्तर: (C) माइटोकॉण्ड्रिया
📝 माइटोकॉण्ड्रिया को “कोशिका का पावर हाउस” (Power House of Cell) कहते हैं क्योंकि यहाँ सभी खाद्य पदार्थों — कार्बोहाइड्रेट्स, वसा और प्रोटीन — का ऑक्सीकरण होता है। इससे ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न होती है। ATP को ऊर्जा की मुद्रा (Energy Currency) कहते हैं। यह MPPCS, UPPCS और IAS परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाने वाला प्रश्न है। माइटोकॉण्ड्रिया में क्रेब्स चक्र, इलेक्ट्रॉन अभिगमन तंत्र और फॉस्फोरिलीकरण होते हैं।
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प्रश्न 11. गैर-हरित विषम-पोषी (Non-green Heterotrophic) पौधे कौन-से होते हैं?
(A) एल्गा (Algae)
(B) फंजाई (Fungi)
(C) मॉसेस
(D) फर्न
✅ उत्तर: (B) फंजाई (Fungi)
📝 वनस्पति जगत में फंजाई (Fungi — कवक) गैर-हरित विषम-पोषी (Non-green Heterotrophic) पौधे होते हैं। इनमें क्लोरोफिल नहीं होता और ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते। ये मृत या जीवित कार्बनिक पदार्थों से पोषण लेते हैं। एल्गा (शैवाल) और मॉसेस में क्लोरोफिल होता है और ये प्रकाश संश्लेषण कर सकते हैं। कवक में काइटिन की कोशिका भित्ति होती है। यह BPPCS 2010 में पूछा गया था।
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प्रश्न 12. पौधों में पोषण कैसे होता है?
(A) ठोस भोजन ग्रहण करके
(B) सदैव घोल के रूप में
(C) ठोस और घोल दोनों रूप में
(D) केवल गैस के रूप में
✅ उत्तर: (B) सदैव घोल के रूप में
📝 पौधे अपना भोजन सदैव घोल (Solution) के रूप में ग्रहण करते हैं। इसीलिए इनमें पाचक अंग नहीं होते। पौधे मिट्टी से जल और खनिज लवण घोल के रूप में अवशोषित करते हैं और वायुमंडल से CO₂ लेते हैं। जंतु अपना भोजन ठोस और घोल दोनों रूप में लेते हैं इसलिए उनमें सुविकसित पाचन तंत्र होता है। यह पोषण विधि पौधे और जंतु का एक महत्वपूर्ण अंतर है।
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प्रश्न 13. क्लोरोप्लास्ट में प्रोटीन कितने प्रतिशत होता है?
(A) 10-20%
(B) 35-55%
(C) 5-10%
(D) 25-35%
✅ उत्तर: (B) 35-55%
📝 क्लोरोप्लास्ट के रासायनिक संगठन में प्रोटीन 35-55%, फॉस्फोलिपिड्स 25-35%, क्लोरोफिल 5-10%, कैरोटीनॉयड्स 1-4.5%, RNA 2-3% और DNA 0.5% होता है। इसके अलावा विटामिन E, विटामिन K, एन्जाइम और धातुएँ (Mg²⁺, Fe, Cu, Mn, Zn) भी होती हैं। माइटोकॉण्ड्रिया में प्रोटीन 65-70%, फॉस्फोलिपिड 25%, RNA 0.5% और कुछ DNA होता है।
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प्रश्न 14. जंतुओं में किन कोशिकाओं में माइटोकॉण्ड्रिया नहीं पाया जाता?
(A) यकृत कोशिकाओं में
(B) परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं (R.B.C.) में
(C) मांसपेशी कोशिकाओं में
(D) तंत्रिका कोशिकाओं में
✅ उत्तर: (B) परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं (R.B.C.) में
📝 जंतुओं में परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells/R.B.C.) में माइटोकॉण्ड्रिया नहीं पाया जाता। परिपक्व R.B.C. अपना केन्द्रक भी खो देती है इसलिए यह एन्यूक्लिएट (Anucleate) होती है। इसके अलावा बैक्टीरिया और नीले-हरे शैवालों में भी माइटोकॉण्ड्रिया नहीं होता। यकृत, मांसपेशी और तंत्रिका कोशिकाओं में माइटोकॉण्ड्रिया की संख्या बहुत अधिक होती है क्योंकि इन्हें अधिक ऊर्जा चाहिए।
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प्रश्न 15. पौधों में कोशिकाओं की गति (Plant Movement) के उदाहरण कौन-से हैं?
(A) सभी पौधे गति करते हैं
(B) डायटम्स, ऑक्सीलेटोरिया, क्लेमाइडोमोनास गति करते हैं
(C) केवल पत्तियाँ गति करती हैं
(D) पौधे बिल्कुल गति नहीं करते
✅ उत्तर: (B) डायटम्स, ऑक्सीलेटोरिया, क्लेमाइडोमोनास गति करते हैं
📝 अधिकांश पौधे अपनी जड़ों या मूलाभासों द्वारा एक स्थान पर रहकर अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। परंतु कुछ पौधे जैसे डायटम्स (Diatoms), ऑक्सीलेटोरिया (Oscillatoria), क्लेमाइडोमोनास (Chlamydomonas) गमन करते हैं। इसके विपरीत प्रायः सभी जंतुओं में गमन होता है। कुछ जंतु जैसे मूँगा (Coral), स्पंज आदि स्थिर रहते हैं। यह पौधे और जंतु का एक और महत्वपूर्ण अंतर है।
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प्रश्न 16. कवकों (Fungi) में कोशिका भित्ति किससे बनी होती है?
(A) सेलुलोज
(B) पेप्टिडोग्लाइकन
(C) काइटिन (Chitin)
(D) प्रोटीन
✅ उत्तर: (C) काइटिन (Chitin)
📝 कवकों (Fungi) में कोशिका भित्ति काइटिन (Chitin) की बनी होती है। पादपों में सेलुलोज, जीवाणुओं में पेप्टिडोग्लाइकन (Peptidoglycan/Murein) की कोशिका भित्ति होती है। जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है। काइटिन एक नाइट्रोजन-युक्त पॉलिसैकेराइड है। यह कीड़ों के बाहरी कंकाल (Exoskeleton) में भी पाया जाता है। कवक न तो पौधे हैं न जंतु — ये अपना अलग जगत बनाते हैं।
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प्रश्न 17. पादप कोशिका, जंतु कोशिका से किस प्रकार भिन्न होती है?
(A) माइटोकॉण्ड्रिया की उपस्थिति से
(B) जीवद्रव्य की उपस्थिति से
(C) कोशिका भित्ति की उपस्थिति से
(D) केन्द्रक की उपस्थिति से
✅ उत्तर: (C) कोशिका भित्ति की उपस्थिति से
📝 पादप कोशिका जंतु कोशिका से कोशिका भित्ति (Cell Wall) की उपस्थिति के कारण भिन्न होती है। पादप कोशिका में सेलुलोज की कोशिका भित्ति होती है जबकि जंतु कोशिका में यह अनुपस्थित होती है। इसके अलावा पादप कोशिका में लवक (Plastids), बड़ी रिक्तिकाएँ और टोनोप्लास्ट होते हैं। जंतु कोशिका में सेन्ट्रोसोम होता है जो अधिकांश पादप कोशिकाओं में अनुपस्थित होता है। UPPCS 1991 में यह प्रश्न पूछा गया था।
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प्रश्न 18. माइटोकॉण्ड्रिया के रासायनिक संघटन में फॉस्फोलिपिड कितना प्रतिशत होता है?
(A) 65-70%
(B) 25%
(C) 0.5%
(D) 5%
✅ उत्तर: (B) 25%
📝 माइटोकॉण्ड्रिया के रासायनिक संघटन में प्रोटीन 65-70%, फॉस्फोलिपिड 25%, RNA 0.5% और कुछ मात्रा में DNA होता है। माइटोकॉण्ड्रिया की झिल्ली लिपोप्रोटीन (Lipoprotein) की बनी होती है। यह द्विपरतीय झिल्ली संरचना होती है। माइटोकॉण्ड्रिया में वसा-प्रोटीन की बाहरी और भीतरी दो झिल्लियाँ होती हैं। भीतरी झिल्ली पर क्रिस्टी और F₁ कण होते हैं।
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प्रश्न 19. क्लोरोप्लास्ट में कैरोटीनॉयड्स कितने प्रतिशत होते हैं?
(A) 5-10%
(B) 35-55%
(C) 1-4.5%
(D) 25-35%
✅ उत्तर: (C) 1-4.5%
📝 क्लोरोप्लास्ट के रासायनिक संगठन में कैरोटीनॉयड्स 1-4.5% होते हैं। ये पीले, नारंगी और लाल रंग के सहायक वर्णक हैं जो प्रकाश ऊर्जा अवशोषित करने और क्लोरोफिल को UV क्षति से बचाने में सहायक होते हैं। क्लोरोफिल 5-10%, फॉस्फोलिपिड्स 25-35% और प्रोटीन 35-55% होता है। कैरोटीन (C₄₀H₅₆) और जैन्थोफिल (C₄₀H₅₆O₂) दोनों कैरोटीनॉयड के प्रकार हैं।
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प्रश्न 20. ग्रैनम (Granum) में थाइलैकॉयड की संख्या कितनी हो सकती है?
(A) 1 से 5
(B) 10 से 100
(C) 100 से 500
(D) 5 से 10
✅ उत्तर: (B) 10 से 100
📝 ग्रैनम (Granum) की प्रत्येक गोल-चपटी पटलिका को थाइलैकॉयड (Thylakoid) कहते हैं। प्रत्येक ग्रैना में थाइलैकॉयड की संख्या लगभग 10 से 100 तक हो सकती है। एक क्लोरोप्लास्ट में लगभग 40-60 ग्रैनम होते हैं। ग्रैना सिक्कों के ढेर जैसे दिखाई देते हैं। थाइलैकॉयड की भित्ति पर क्वाण्टासोम होते हैं जिनमें क्लोरोफिल के अणु होते हैं। प्रकाश संश्लेषण की प्रकाशिक अभिक्रिया इन्हीं में होती है।
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प्रश्न 21. जीवद्रव्य का वह भाग जो केन्द्रक के बाहर और कोशिका कला के अंदर होता है, उसे क्या कहते हैं?
(A) केन्द्रकद्रव्य
(B) कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
(C) जीवद्रव्य कला
(D) मीसोप्लाज्म
✅ उत्तर: (B) कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
📝 जीवद्रव्य का वह भाग जो केन्द्रक के बाहर और कोशिका कला के अंदर होता है उसे कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कहते हैं। केन्द्रक के भीतर के द्रव्य को केन्द्रकद्रव्य (Nucleoplasm) कहते हैं। जीवद्रव्य के दो प्रमुख भाग होते हैं — कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) और केन्द्रक (Nucleus)। कोशिकाद्रव्य में सभी उपापचयी सक्रिय कोशिकांग जैसे माइटोकॉण्ड्रिया, राइबोसोम, ER, गॉल्जीकाय आदि स्थित होते हैं।
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प्रश्न 22. कोशिका विभाजन के बाद केन्द्रक आवरण का निर्माण कौन करती है?
(A) माइटोकॉण्ड्रिया
(B) अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (ER)
(C) राइबोसोम
(D) लाइसोसोम
✅ उत्तर: (B) अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (ER)
📝 अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) कोशिका विभाजन के बाद केन्द्रक आवरण (Nuclear Envelope) के निर्माण में सहायक है। यह कोशिका भित्ति के निर्माण में भी सहायता करती है। ER केन्द्रक कला से लेकर कोशिका कला तक फैली एक विस्तृत झिल्ली प्रणाली है। यह कोशिका का कंकाल तंत्र है जो कोशिका को यांत्रिक शक्ति देती है और कोशिका विभाजन के तल को निश्चित करती है।
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प्रश्न 23. लाइसोसोम का निर्माण किससे होता है?
(A) माइटोकॉण्ड्रिया से
(B) गॉल्जीकाय या ER से
(C) राइबोसोम से
(D) क्लोरोप्लास्ट से
✅ उत्तर: (B) गॉल्जीकाय या ER से
📝 लाइसोसोम का निर्माण गॉल्जीकाय (Golgi Bodies) अथवा अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) से होता है। ये एकल झिल्ली से बनी गोलाकार थैलियाँ होती हैं। इनमें अम्लीय हाइड्रोलेज एन्जाइम होते हैं। लाइसोसोम का मुख्य कार्य अंतःकोशिकीय पाचन, बाह्य कोशिकीय पाचन और आत्मलयन है। इनकी खोज डी डुवे ने की और उन्हें 1974 में नोबेल पुरस्कार मिला।
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प्रश्न 24. स्फेरोसोम केवल किन कोशिकाओं में पाए जाते हैं?
(A) जंतु कोशिकाओं में
(B) पादप कोशिकाओं में
(C) जीवाणुओं में
(D) कवकों में
✅ उत्तर: (B) पादप कोशिकाओं में
📝 स्फेरोसोम (Spherosome) केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये सूक्ष्म, गोलाकार और एकल झिल्ली से निर्मित कोशिकांग हैं। इनका मुख्य कार्य वसा पदार्थों का संचय करना है। मूँगफली, सरसों जैसे तिलहन बीजों में ये प्रचुर मात्रा में होते हैं। जंतु कोशिकाओं में लाइसोसोम इनके समकक्ष कार्य करते हैं। स्फेरोसोम का निर्माण ER और गॉल्जीकाय के छोटे-छोटे भागों के टूटने से होता है।
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प्रश्न 25. प्रोटीन संश्लेषण में सर्वाधिक महत्वपूर्ण कोशिकांग कौन-से हैं?
(A) लाइसोसोम और सेन्ट्रोसोम
(B) ER और राइबोसोम
(C) गॉल्जीकाय और माइटोकॉण्ड्रिया
(D) लाइसोसोम और माइटोकॉण्ड्रिया
✅ उत्तर: (B) ER और राइबोसोम
📝 प्रोटीन संश्लेषण में ER (अन्तःप्रद्रव्यी जालिका) और राइबोसोम की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण की मुख्य मशीनरी है जहाँ अमीनो अम्ल पॉलिपेप्टाइड श्रृंखला बनाते हैं। कणिकामय ER पर राइबोसोम होते हैं जहाँ प्रोटीन संश्लेषण होता है। यह IAS परीक्षा में पूछा गया महत्वपूर्ण प्रश्न है। tRNA अमीनो अम्ल को राइबोसोम तक लाता है और mRNA टेम्पलेट का कार्य करता है।
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प्रश्न 26. ब्राउनीयन गति के कारण जीवद्रव्य में कोलाइडी कण तल पर क्यों नहीं बैठते?
(A) क्योंकि ये बहुत हल्के होते हैं
(B) क्योंकि ये आपस में टकराकर गतिशील रहते हैं
(C) क्योंकि इन पर विद्युत आवेश होता है
(D) क्योंकि ये पानी के अणुओं से जुड़े होते हैं
✅ उत्तर: (B) क्योंकि ये आपस में टकराकर गतिशील रहते हैं
📝 सॉल (Sol) अवस्था में निलम्बित कोलाइडी कण एक-दूसरे से टकराकर इधर-उधर गति करते रहते हैं। इस गति को ब्राउनीयन गति (Brownian Movement) कहते हैं। इसी गति के कारण ये कण तल पर नहीं बैठ पाते। इस गति की खोज रॉबर्ट ब्राउन ने की थी। यह जीवद्रव्य की स्थिरता और समरूपता बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। जेल अवस्था में कण अधिक निकट और जुड़े होते हैं इसलिए गति नहीं होती।
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प्रश्न 27. जंतुओं के किस अंग में परऑक्सीसोम पाए जाते हैं?
(A) हृदय और फेफड़े में
(B) यकृत (Liver) और वृक्क (Kidney) में
(C) मस्तिष्क और थायरॉइड में
(D) प्लीहा और अग्न्याशय में
✅ उत्तर: (B) यकृत (Liver) और वृक्क (Kidney) में
📝 जंतु कोशिकाओं में परऑक्सीसोम यकृत (Liver) और वृक्क (Kidney) में पाए जाते हैं। इसके अलावा ये प्रोटोजून्स में भी मिलते हैं। पौधों में ये C₃ पौधों में प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) के दौरान सक्रिय होते हैं। परऑक्सीसोम में ऑक्सीडेज और कैटालेस प्रमुख एन्जाइम हैं। जंतुओं में वसा उपापचय (Fat Metabolism) का कार्य भी परऑक्सीसोम करते हैं। इनकी खोज टोलबर्ट (1969) ने की।
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प्रश्न 28. प्लाज्मा झिल्ली की आकृति के अनुसार यह जंतु कोशिका में कौन-सी पर्त होती है?
(A) प्रथम पर्त (सबसे बाहर)
(B) दूसरी पर्त
(C) तीसरी पर्त
(D) सबसे अंदर की पर्त
✅ उत्तर: (A) प्रथम पर्त (सबसे बाहर)
📝 प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) जंतु कोशिका में सबसे बाहरी (पहली) पर्त होती है क्योंकि जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती। वनस्पति कोशिका में यह दूसरी पर्त होती है क्योंकि उसमें सबसे बाहर कोशिका भित्ति (Cell Wall) होती है और उसके अंदर प्लाज्मा झिल्ली होती है। यह अंतर जंतु और पादप कोशिका की संरचना में एक मूलभूत भिन्नता है।
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प्रश्न 29. ग्लाइऑक्सीसोम की खोज किसने और कब की?
(A) टोलबर्ट, 1969
(B) बीबर्स (Beevers), 1961
(C) डी डुवे, 1974
(D) कोलिकर, 1880
✅ उत्तर: (B) बीबर्स (Beevers), 1961
📝 ग्लाइऑक्सीसोम (Glyoxysome) की खोज बीबर्स (Beevers) ने 1961 में की। ये वसीय बीजों जैसे मूँगफली और अरण्ड में पाए जाते हैं जहाँ वसा का कार्बोहाइड्रेट में परिवर्तन होता है। यह परिवर्तन ग्लाइऑक्सिलेट चक्र (Glyoxylate Cycle) द्वारा होता है। परऑक्सीसोम की खोज टोलबर्ट ने 1969 में की। माइक्रोबॉडीज के ये दो प्रकार — परऑक्सीसोम और ग्लाइऑक्सीसोम — पूर्णतः अलग कार्य करते हैं।
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प्रश्न 30. कोशिका विज्ञान (Cell Biology) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(A) सभी कोशिकाओं में केन्द्रक होता है
(B) माइटोकॉण्ड्रिया केवल जंतु कोशिकाओं में होता है
(C) प्रकाश संश्लेषण की प्रकाशिक अभिक्रिया ग्रैना में और अप्रकाशिक अभिक्रिया स्ट्रोमा में होती है
(D) राइबोसोम केवल केन्द्रक में होते हैं
✅ उत्तर: (C) प्रकाश संश्लेषण की प्रकाशिक अभिक्रिया ग्रैना में और अप्रकाशिक अभिक्रिया स्ट्रोमा में होती है
📝 यह कथन पूर्णतः सत्य है कि प्रकाश संश्लेषण की प्रकाशिक अभिक्रिया (Light Reaction) ग्रैना में और अप्रकाशिक अभिक्रिया (Dark Reaction/Calvin Cycle) स्ट्रोमा में होती है। अन्य कथन असत्य हैं — परिपक्व R.B.C. में केन्द्रक नहीं होता; माइटोकॉण्ड्रिया पादप और जंतु दोनों कोशिकाओं में होता है (सिवाय R.B.C. आदि के); और राइबोसोम माइटोकॉण्ड्रिया, ER, क्लोरोप्लास्ट आदि में भी होते हैं।