
प्राचीन भारत का इतिहास भाग-04 MCQ-2026
हड़प्पा सभ्यता MCQ 2026 (Part-1) | 25 महत्वपूर्ण प्रश्न व्याख्या सहित
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प्रश्न 1. हड़प्पा सभ्यता को ‘सिंधु घाटी सभ्यता’ क्यों कहा जाता है?
(A) क्योंकि यह सभ्यता केवल सिंधु नदी के तट पर मिली थी
(B) क्योंकि इससे संबंधित प्रारंभिक पुरास्थल सिंधु तथा उसकी सहायक नदियों के इर्द-गिर्द मिले थे
(C) क्योंकि इसकी राजधानी सिंधु नदी पर थी
(D) क्योंकि सिंधु नदी इसकी जीवनरेखा थी
✅ उत्तर: (B)
📝 हड़प्पा सभ्यता को ‘सिंधु घाटी सभ्यता’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके प्रारंभिक पुरास्थल सिंधु नदी तथा उसकी सहायक नदियों के आस-पास मिले हैं, जैसे—हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, चन्हुदड़ो आदि। इसलिए इसे सिंधु घाटी सभ्यता कहा जाता है। साथ ही, सबसे पहले हड़प्पा स्थल की खुदाई होने के कारण इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है।
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प्रश्न 2. हड़प्पा सभ्यता को ‘कांस्य युगीन सभ्यता’ क्यों कहा जाता है?
(A) क्योंकि यहाँ केवल कांसे के बर्तन मिले हैं
(B) क्योंकि हड़प्पावासियों ने सर्वप्रथम कांस्य निर्माण की तकनीक की जानकारी प्राप्त की थी
(C) क्योंकि यहाँ कांसे के सिक्के प्रचलन में थे
(D) क्योंकि यहाँ के सभी औजार कांसे के बने थे
✅ उत्तर: (B)
📝 हड़प्पा सभ्यता को कांस्य युगीन सभ्यता कहा जाता है क्योंकि हड़प्पावासियों को कांस्य निर्माण की तकनीक का ज्ञान था। हालांकि, उन्होंने अपने अधिकांश औजारों के निर्माण में तांबे का अधिक उपयोग किया।
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प्रश्न 3. हड़प्पा सभ्यता को ‘आद्य ऐतिहासिक काल’ में क्यों रखा गया है?
(A) क्योंकि यहाँ कोई लिखित साक्ष्य नहीं मिला
(B) क्योंकि यहाँ की लिपि मिली है परंतु अभी तक अपठनीय है
(C) क्योंकि यह सभ्यता पूर्णतः काल्पनिक है
(D) क्योंकि यहाँ केवल पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं
✅ उत्तर: (B)
📝 हड़प्पा सभ्यता को आद्य ऐतिहासिक काल में रखा जाता है क्योंकि इसकी लिपि प्राप्त हुई है, लेकिन अभी तक उसे पढ़ा नहीं जा सका है। इसलिए इसका इतिहास मुख्यतः पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित है।
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प्रश्न 4. ‘वैदेशिक उद्भव के सिद्धांत’ के अनुसार हड़प्पा सभ्यता का जनक कौन था?
(A) आर्य लोग
(B) दक्षिण मेसोपोटामिया के सुमेरियाई लोग
(C) द्रविड़ लोग
(D) मंगोल जाति के लोग
✅ उत्तर: (B)
📝 वैदेशिक उद्भव सिद्धांत के अनुसार हड़प्पा सभ्यता के जनक दक्षिण मेसोपोटामिया के सुमेरियाई लोग थे। हालांकि, वर्तमान में यह सिद्धांत स्वीकार नहीं किया जाता है।
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प्रश्न 5. ‘स्थानीय उद्भव के सिद्धांत’ के प्रमुख समर्थक विद्वान कौन हैं?
(A) व्हीलर, गार्डनर और मैके
(B) ऑल्चिन दम्पति, डी०पी० अग्रवाल, रफीक मुगल, सर रंगनाथ राव और आर०एस० बिष्ट
(C) जॉन मार्शल, फेयर सर्विस और व्हीलर
(D) दयाराम साहनी और राखाल दास बनर्जी
✅ उत्तर: (B)
📝 स्थानीय उद्भव सिद्धांत के अनुसार हड़प्पा सभ्यता का विकास स्थानीय नवपाषाणकालीन बस्तियों से हुआ। वर्तमान में इस सिद्धांत को अधिक मान्यता प्राप्त है।
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प्रश्न 6. मेहरगढ़ (Mehrgarh) में सर्वप्रथम कृषि का प्रारंभ लगभग कब हुआ?
(A) 10,000 ई०पू०
(B) 7000 ई०पू०
(C) 5000 ई०पू०
(D) 3500 ई०पू०
✅ उत्तर: (B) 7000 ई०पू०
📝 7000 ई०पू० में बलूचिस्तान स्थित मेहरगढ़ से प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार यहाँ गेहूँ व जौ की खेती तथा भेड़-बकरी पालन प्रारंभ हुआ। यह हड़प्पा सभ्यता का पूर्वज माना जाता है।
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प्रश्न 7. हड़प्पा पुरास्थल के बारे में सर्वप्रथम किसने और कब जानकारी दी थी?
(A) जॉन मार्शल ने, 1921 में
(B) चार्ल्स मैसन ने, 1826 में
(C) अलेक्जेंडर कनिंघम ने, 1853 में
(D) राखाल दास बनर्जी ने, 1922 में
✅ उत्तर: (B) चार्ल्स मैसन ने, 1826 में
📝 1826 में चार्ल्स मैसन ने हड़प्पा की जानकारी दी। बाद में 1853 व 1873 में कनिंघम ने उत्खनन किया, लेकिन 1930 से पहले सभ्यता पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई।
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प्रश्न 8. ‘भारतीय पुरातत्व का पिता’ किसे कहा जाता है?
(A) जॉन मार्शल
(B) दयाराम साहनी
(C) अलेक्जेंडर कनिंघम
(D) राखाल दास बनर्जी
✅ उत्तर: (C) अलेक्जेंडर कनिंघम
📝 अलेक्जेंडर कनिंघम को भारतीय पुरातत्व का पिता कहा जाता है। उन्होंने 1853 और 1873 में उत्खनन कार्य कराए और ASI में महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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प्रश्न 9. हड़प्पा स्थल की विधिवत् खुदाई किस वर्ष और किसके नेतृत्व में हुई?
(A) 1922 में; राखाल दास बनर्जी
(B) 1921 में; जॉन मार्शल के नेतृत्व में दयाराम साहनी
(C) 1931 में; ननी गोपाल मजूमदार
(D) 1953 में; यज्ञदत्त शर्मा
✅ उत्तर: (B)
📝 1921 में जॉन मार्शल के नेतृत्व में दयाराम साहनी ने हड़प्पा की खुदाई की। इसके बाद 1922 में मोहनजोदड़ो की खुदाई हुई और सभ्यता उजागर हुई।
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प्रश्न 10. मोहनजोदड़ो का उत्खनन किसने और कब किया?
(A) दयाराम साहनी, 1921
(B) राखाल दास बनर्जी, 1922
(C) ननी गोपाल मजूमदार, 1931
(D) जॉन मार्शल, 1930
✅ उत्तर: (B) राखाल दास बनर्जी, 1922
📝 1922 में राखाल दास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो का उत्खनन किया। इसका अर्थ ‘मुर्दों का टीला’ है। इसी खोज से हड़प्पा सभ्यता पूरी तरह सामने आई।
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प्रश्न 11. हड़प्पा सभ्यता का आकार और क्षेत्रफल क्या था?
(A) आयताकार; 10,99,600 वर्ग किमी
(B) त्रिभुजाकार; 12,99,600 वर्ग किमी
(C) वृत्ताकार; 15,00,000 वर्ग किमी
(D) वर्गाकार; 8,50,000 वर्ग किमी
✅ उत्तर: (B) त्रिभुजाकार; 12,99,600 वर्ग किमी
📝 हड़प्पा सभ्यता का आकार त्रिभुजाकार था और इसका क्षेत्रफल लगभग 12,99,600 वर्ग किमी था। यह पूर्व-पश्चिम 1600 किमी तथा उत्तर-दक्षिण 1400 किमी तक फैली थी। स्टुअर्ट पिग्गट के अनुसार इसकी जुड़वा राजधानी हड़प्पा और मोहनजोदड़ो थी।
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प्रश्न 12. स्टुअर्ट पिग्गट के अनुसार हड़प्पा सभ्यता की जुड़वा राजधानी कौन-सी थी?
(A) लोथल और कालीबंगा
(B) हड़प्पा और मोहनजोदड़ो
(C) धौलावीरा और राखीगढ़ी
(D) सुरकोतड़ा और बणावली
✅ उत्तर: (B) हड़प्पा और मोहनजोदड़ो
📝 स्टुअर्ट पिग्गट के अनुसार हड़प्पा सभ्यता की जुड़वा राजधानी हड़प्पा और मोहनजोदड़ो थी। ये दोनों इस सभ्यता के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण नगर थे।
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प्रश्न 13. हड़प्पा सभ्यता की सीमाएँ (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) क्या हैं?
(A) माण्डा, दैमाबाद, आलमगीरपुर, सुत्कागेन्डोर
(B) आलमगीरपुर, लोथल, माण्डा, कालीबंगा
(C) सुत्कागेन्डोर, माण्डा, दैमाबाद, आलमगीरपुर
(D) कालीबंगा, रोपड़, लोथल, धौलावीरा
✅ उत्तर: (A)
📝 हड़प्पा सभ्यता की सीमाएँ क्रमशः उत्तरतम सीमा: माण्डा (चिनाव नदी, अखनूर जिला, कश्मीर); दक्षिणतम सीमा: दैमाबाद (प्रवरा नदी, अहमदनगर जिला, महाराष्ट्र); पूर्वतम सीमा: आलमगीरपुर (हिण्डन नदी, मेरठ, उ०प्र०); पश्चिमतम सीमा: सुत्कागेन्डोर (दश्क नदी, बलूचिस्तान, पाकिस्तान)। ये तथ्य UPSC, UPPCS, SSC सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। इन्हें याद रखना अत्यंत आवश्यक है।
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प्रश्न 14. हड़प्पा सभ्यता के पुरास्थल किन देशों में पाए गए हैं?
(A) केवल भारत और पाकिस्तान
(B) भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान
(C) भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान
(D) केवल पाकिस्तान
✅ उत्तर: (B)
📝 हड़प्पा सभ्यता से सम्बंधित पुरास्थल भारतीय उपमहाद्वीप के भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों से प्राप्त हुए हैं। अफगानिस्तान में मुण्डीगाक तथा सोर्तुघाय जैसे दो हड़प्पाई बस्ती के साक्ष्य मिले हैं। 1947 के पश्चात् भारत एवं पाकिस्तान में उत्खनन कार्य तेजी से बढ़ा। भारत में राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण हड़प्पाई स्थल मिले हैं।
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प्रश्न 15. भारत के किस राज्य में कालीबंगा स्थित है?
(A) पंजाब
(B) हरियाणा
(C) राजस्थान
(D) गुजरात
✅ उत्तर: (C) राजस्थान
📝 कालीबंगा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पाई पुरास्थल है। यह घग्घर नदी के किनारे स्थित है। यहाँ से शहर के दोनों हिस्सों का अलग-अलग रक्षा प्राचीरों दिवालो से घिरा होना, अलंकृत ईंट (Decorated Bricks) के साक्ष्य, अग्नि कुण्ड के साक्ष्य, युग्म शवाधान के साक्ष्य, पेड़ के तनों को खोखला कर नाली के रूप में प्रयोग जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। कालीबंगा का उत्खनन 1961 ई० में ब्रजवासी लाल द्वारा किया गया था।
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प्रश्न 16. लोथल किस राज्य में स्थित है और यह किस लिए प्रसिद्ध है?
(A) राजस्थान; अग्नि कुण्ड
(B) गुजरात; बंदरगाह (Dockyard)
(C) पंजाब; अनाज भंडार
(D) हरियाणा; हल
✅ उत्तर: (B) गुजरात; बंदरगाह
📝 लोथल गुजरात के अहमदाबाद जिले में, खंभात की खाड़ी में भोगवा नदी के किनारे स्थित है। इसका उत्खनन 1954 ई० में श्री रंगनाथ राव ने किया था। लोथल ‘लघु हड़प्पा या लघु मोहनजोदड़ो’ के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ से बंदरगाह या गोदीबाड़ा (Dockyard) के साक्ष्य मिले हैं जो हड़प्पावासियों के समुद्री व्यापार का प्रमाण हैं। यह वह दूसरा पुरास्थल है जिसमें शहर के दोनों हिस्से एक ही रक्षा प्राचीर से घिरे हैं।
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प्रश्न 17. सुरकोतड़ा किस राज्य में स्थित है और यहाँ से क्या साक्ष्य मिले हैं?
(A) राजस्थान; हल
(B) गुजरात; घोड़े की अस्थि
(C) हरियाणा; चावल
(D) पंजाब; कांसे की मूर्ति
✅ उत्तर: (B) गुजरात; घोड़े की अस्थि
📝 सुरकोतड़ा गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। यह वह दूसरा पुरास्थल है जिसमें शहर के दोनों हिस्से एक ही रक्षा प्राचीर से घिरे हैं, — पहला शहर लोथल है। यहाँ से घोड़े की तथाकथित हड्डी के साक्ष्य मिले हैं, जो हड़प्पा सभ्यता में घोड़े की उपस्थिति के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है। धौलावीरा भी गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित है। धौलावीरा को हाल ही में UNESCO की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है।
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प्रश्न 18. आलमगीरपुर किस नदी के तट पर स्थित है?
(A) यमुना
(B) गंगा
(C) हिण्डन
(D) सरस्वती
✅ उत्तर: (C) हिण्डन
📝 आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हिण्डन नदी के तट पर स्थित है। यह हड़प्पा सभ्यता की पूर्वतम सीमा (Easternmost Boundary) है। हिण्डन नदी यमुना की एक सहायक नदी है। आलमगीरपुर की खोज से यह सिद्ध हुआ है कि हड़प्पा सभ्यता का विस्तार उत्तर प्रदेश तक था। उ०प्र० के सहारनपुर जिले में स्थित हुलास भी एक महत्वपूर्ण हड़प्पाई पुरास्थल है। यह तथ्य UPPCS और UPSC में अनेक बार पूछा गया है।
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प्रश्न 19. हड़प्पाई लिपि की प्रमुख विशेषता क्या है?
(A) सरल
(B) चित्रात्मक और अपठनीय
(C) देवनागरी रूप
(D) केवल संख्याएँ
✅ उत्तर: (B)
📝 हड़प्पाई लिपि मेसोपोटामिया की कीलाक्षर व मिस्र की हायरोग्लिफिक लिपि की भाँति अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है। इसके अपठनीय होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह वर्णमाला में न लिखकर चित्र के रूप में (Pictographical) लिखी गई है। इस लिपि में लगभग 400 अक्षर (Syllable) हैं। इसे पढ़ने की शुरुआत सर्वप्रथम 1925 में वैडिल महोदय ने की और वैज्ञानिक पद्धति से पढ़ने का प्रथम प्रयास 1934 में हण्टर महोदय द्व्रारा किया गया।
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प्रश्न 20. हड़प्पाई लिपि की लेखन शैली क्या कहलाती है?
(A) बायें से दायें
(B) दायें से बायें
(C) बाउस्ट्रोफेदन
(D) ऊपर से नीचे
✅ उत्तर: (C) बाउस्ट्रोफेदन
📝 हड़प्पाई लिपि के लेखन की शैली को ‘बाउस्ट्रोफेदन’ (Boustrophedan) या ‘गौमुत्रिका’ या ‘हलावर्त शैली’ कहा जाता है। इसके लिखे जाने का क्रम पहले दायें से बायें और तत्पश्चात् बायें से दायें होता था। कुछ विद्वानों के अनुसार यह ‘ब्राह्मी लिपि’ की भाँति बायें से दायें, जबकि कुछ विद्वानों के अनुसार ‘खरोष्ठी लिपि’ की भाँति दायें से बायें लिखी जाती थी। उल्लेखनीय है कि अशोक के ‘येरांगुडी’ अभिलेख भी इसी शैली में लिखे गए हैं।
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प्रश्न 21. हड़प्पा सभ्यता के नगरों की प्रमुख विशेषता क्या थी?
(A) केवल नदी किनारे बसे
(B) दो भागों में विभाजित — दुर्ग और आवासीय क्षेत्र
(C) बिना योजना के बसे
(D) केवल धार्मिक भवन
✅ उत्तर: (B)
📝 हड़प्पा सभ्यता की नगर नियोजन प्रणाली अत्यंत विकसित थी। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, कालीबंगा जैसी बस्तियाँ दो भागों में विभाजित थीं — पश्चिम और पूर्व। पश्चिम का हिस्सा ‘किलेबन्द’ होता था जहाँ प्रशासकीय वर्ग निवास करता था। पूर्वी भाग में सामान्य लोग रहते थे। दुर्ग शेष नगर से ऊँचे ईंट के चबूतरे पर बनाया जाता था जो बाढ़ से भी सुरक्षा प्रदान करता था। UPSC सहित अनेक परीक्षाओं में यह महत्वपूर्ण है।
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प्रश्न 22. हड़प्पा सभ्यता में सड़कों की विशेषता क्या थी?
(A) टेढ़ी-मेढ़ी
(B) 90° पर काटती और ग्रिड पद्धति
(C) केवल नदी किनारे
(D) मिट्टी की सड़कें
✅ उत्तर: (B)
📝 हड़प्पा सभ्यता में सड़कें प्रायः एक-दूसरे को समकोण (90° Angle) पर काटती थीं, जिससे पूरा शहर जाल-सी पद्धति (Grid on Method) या शतरंज के बोर्ड (Chess Board) की भाँति बिछ जाता था। मुख्य सड़क 8 से 10 मीटर चौड़ी होती थी। जहाँ यह प्रथम सड़क से मिलती थी उसे ‘ऑक्सफोर्ड सर्किल’ कहा जाता था। मोहनजोदड़ो की मुख्य सड़कों को ठीकरों व खंडित ईंटों से पक्का बनाने का प्रयास किया गया था।
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प्रश्न 23. हड़प्पा सभ्यता की जल निकास प्रणाली के बारे में क्या सत्य है?
(A) कोई व्यवस्था नहीं
(B) प्राचीन सभ्यताओं में सर्वश्रेष्ठ
(C) केवल राजमहल तक सीमित
(D) केवल मोहनजोदड़ो में
✅ उत्तर: (B)
📝 प्राचीन सभ्यताओं में जल निकास नालियों का इतना सुंदर प्रबंध और कहीं नहीं मिलता, जितना सिंधु सभ्यता में मिलता है। मोहनजोदड़ो की जल निकास प्रणाली अद्भुत थी और हड़प्पा की तो और भी विलक्षण थी। वहाँ के अधिकांश घरों में स्नानागार होते थे जो गली के पास होते थे। सार्वजनिक नालियों में नरमोखे (Main Hall) भी बने होते थे जो लकड़ी या पत्थर से ढके जाते थे। समय-समय पर इनकी सफाई भी की जाती थी।
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प्रश्न 24. हड़प्पा सभ्यता में ईंटों का अनुपात क्या था?
(A) 2:1:1
(B) 3:2:1
(C) 4:2:1
(D) 5:3:2
✅ उत्तर: (C) 4:2:1
📝 हड़प्पा सभ्यता में भवनों के निर्माण हेतु घनाकार ईंटों का प्रयोग किया जाता था। ये घनाकार ईंटें प्रायः 4:2:1 के अनुपात में बनती थीं और इनकी माप प्रायः 24:14:7 सेमी होती थी। ईंटें सामान्यतः अलंकरण विहीन होती थीं, परंतु इसका एकमात्र अपवाद कालीबंगा है जहाँ से अलंकृत ईंट (Decorated Bricks) के साक्ष्य प्राप्त हुए है, यहाँ की ईंटों पर प्रतिच्छेदी वृत्त (Intersected Circle) का अंकन मिलता है। ईंटों की चिनाई या चिपकाने के लिए ‘इंग्लिश बॉन्ड मेथड’ का प्रयोग होता था।
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प्रश्न 25. विशाल स्नानागार किस स्थल से प्राप्त हुआ है?
(A) हड़प्पा
(B) कालीबंगा
(C) लोथल
(D) मोहनजोदड़ो
✅ उत्तर: (D) मोहनजोदड़ो
📝 मोहनजोदड़ो से विशाल स्नानागार (Great Bath) के साक्ष्य मिले हैं। इस तरह के स्नानागार के निर्माण के साक्ष्य अन्य किसी भी स्थान से प्राप्त नहीं होते हैं। यह हड़प्पा सभ्यता की एक विशिष्ट उपलब्धि मानी जाती है। मार्शल ने इसके आधार पर यह मान्यता स्थापित की, कि आज की तरह ही हड़प्पावासी धार्मिक कृत्य से पूर्व सामूहिक स्नान करते थे। UPSC 2014, 2018 और अनेक अन्य परीक्षाओं में यह पूछा गया है।