भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य – Quick Revision 2026

प्रस्तावना: भारत के राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य

भारत, अपनी विशाल जैव विविधता के लिए दुनिया में अनोखा है। यहाँ ऊँचे पर्वतों से लेकर घास के मैदान और समुद्री तट तक, हर प्रकार का प्राकृतिक आवास पाया जाता है। इन जगहों को सुरक्षित रखने और वन्यजीवों के जीवन को संरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) और वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) बनाए गए हैं।

ये स्थल न केवल बाघ, हाथी, तेंदुआ और दुर्लभ पक्षियों का घर हैं, बल्कि पर्यावरण और पारिस्थितिकी को संतुलित रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। भारत के हर राज्य में कुछ न कुछ विशेष जैविक संपदा और जीव-जंतुओं की अनोखी प्रजातियाँ मौजूद हैं।

इस सेक्शन में हम आपको राज्यों के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य के बारे में बताएंगे – जहाँ आप Quick Revision के लिए सभी महत्वपूर्ण तथ्य, स्थापना वर्ष, प्रमुख जीव और विशेषता एक नजर में समझ सकेंगे

झारखंड के राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य

झारखंड के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks)

Betla National Park (बेतला राष्ट्रीय उद्यान)

बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड के पालामू जिला में स्थित एक प्रमुख और ऐतिहासिक राष्ट्रीय उद्यान है। यह छोटा नागपुर पठार क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव विविधता तथा घने वनों के लिए प्रसिद्ध है। “BETLA” नाम का अर्थ है — Bamboo, Elephant, Tiger, Leopard, Axis (हिरण), जो यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख जीवों को दर्शाता है।

यह उद्यान पालामू टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और भारत के पहले Tiger Reserves (1973, Project Tiger) में शामिल रहा है, जो इसे परीक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है। यहाँ साल (Sal) और बांस के जंगल प्रमुख रूप से पाए जाते हैं।

वन्यजीवों में यहाँ हाथी, बाघ, तेंदुआ, हिरण, भालू आदि देखने को मिलते हैं। साथ ही यह क्षेत्र पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए भी जाना जाता है।

एक खास आकर्षण यहाँ स्थित पुराने किले (Betla Fort) हैं, जो पर्यटन को और भी रोचक बनाते हैं।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – पालामू | Project Tiger – 1973 | क्षेत्र – छोटा नागपुर पठार | प्रमुख जीव – बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरण

Hazaribagh National Park (हजारीबाग राष्ट्रीय उद्यान)

हजारीबाग राष्ट्रीय उद्यान झारखंड के हजारीबाग जिला में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1955 में स्थापित किया गया था और यह छोटा नागपुर पठार क्षेत्र में आता है। यह उद्यान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ी भू-भाग और घने साल (Sal) के जंगलों के लिए जाना जाता है।

पहले यह क्षेत्र ब्रिटिश काल में शिकारगाह (hunting ground) के रूप में प्रसिद्ध था, लेकिन बाद में इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए विकसित किया गया। यहाँ घास के मैदान और जल स्रोत भी मौजूद हैं, जो जीवों के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं।

इस उद्यान में तेंदुआ (Leopard), भालू (Bear), जंगली सूअर (Wild Boar) और हिरण (Deer) जैसे प्रमुख वन्यजीव पाए जाते हैं, जिससे यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण बनता है।

हालांकि वर्तमान में यहाँ वन्यजीवों की संख्या में कुछ कमी आई है, फिर भी यह झारखंड का एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक और पर्यटन स्थल है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – हजारीबाग | स्थापना – 1955 | क्षेत्र – छोटा नागपुर पठार | प्रमुख जीव – तेंदुआ, भालू, हिरण

Important National Parks & Wildlife Sanctuaries 2026

झारखंड के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries)

Dalma Wildlife Sanctuary (दलमा वन्यजीव अभयारण्य)

दलमा वन्यजीव अभयारण्य झारखंड के पूर्वी सिंहभूम (East Singhbhum) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1976 में स्थापित किया गया था। यह दलमा पर्वतमाला (Dalma Hills) में फैला हुआ है और अपने घने जंगलों तथा ऊँचे-नीचे पहाड़ी क्षेत्र के लिए जाना जाता है।

यह अभयारण्य खासतौर पर हाथियों (Elephants) के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ से हाथियों का प्रवास (migration) भी होता है, जो इसे पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है। यहाँ तेंदुआ, भालू, हिरण और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – पूर्वी सिंहभूम | स्थापना – 1976 | क्षेत्र – दलमा पहाड़ियाँ | प्रमुख जीव – हाथी, तेंदुआ, भालू, हिरण

Topchanchi Wildlife Sanctuary (टोपचांची वन्यजीव अभयारण्य)

टोपचांची वन्यजीव अभयारण्य झारखंड के धनबाद (Dhanbad) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1978 में स्थापित किया गया था। यह क्षेत्र टोपचांची झील (Topchanchi Lake) के आसपास फैला हुआ है, जो इसकी प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिक महत्व को बढ़ाता है।

यह अभयारण्य घने जंगलों, पहाड़ी क्षेत्र और जल स्रोतों के कारण वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। यहाँ हिरण (Deer), जंगली सूअर (Wild Boar), भालू (Bear) और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिससे यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण बनता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – धनबाद | स्थापना – 1978 | प्रमुख क्षेत्र – टोपचांची झील | प्रमुख जीव – हिरण, भालू, जंगली सूअर

Lawalong Wildlife Sanctuary (लावालौंग वन्यजीव अभयारण्य)

लावालौंग वन्यजीव अभयारण्य झारखंड के चतरा (Chatra) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1978 में स्थापित किया गया था। यह क्षेत्र छोटा नागपुर पठार में फैला हुआ है और अपने घने जंगलों तथा पहाड़ी भू-भाग के लिए जाना जाता है।

यह अभयारण्य वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करता है, जहाँ तेंदुआ (Leopard), भालू (Bear), हिरण (Deer) और जंगली सूअर (Wild Boar) जैसे प्रमुख जीव पाए जाते हैं। साथ ही यहाँ विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ भी मिलती हैं, जिससे यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – चतरा | स्थापना – 1978 | क्षेत्र – छोटा नागपुर पठार | प्रमुख जीव – तेंदुआ, भालू, हिरण, जंगली सूअर

Palamu Wildlife Sanctuary (पालामू वन्यजीव अभयारण्य)

पालामू वन्यजीव अभयारण्य झारखंड के पालामू (Palamu) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जो पालामू टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और भारत के पहले Tiger Reserves (1973, Project Tiger) में शामिल रहा है। यह क्षेत्र छोटा नागपुर पठार में फैला हुआ है और अपने घने साल (Sal) के जंगलों व विविध वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है।

यह अभयारण्य वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करता है, जहाँ बाघ (Tiger), तेंदुआ (Leopard), हाथी (Elephant), भालू (Bear) और हिरण (Deer) जैसे प्रमुख जीव पाए जाते हैं। यह क्षेत्र जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – पालामू | Project Tiger – 1973 | क्षेत्र – छोटा नागपुर पठार | प्रमुख जीव – बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, हिरण

मणिपुर के राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य

मणिपुर के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks)

काइबुल लाम्झो राष्ट्रीय उद्यान मणिपुर राज्य के बिष्णुपुर (Bishnupur) जिले में स्थित भारत का एक अनोखा राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1977 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। यह उद्यान प्रसिद्ध लोकटक झील (Loktak Lake) पर स्थित है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुनिया का एकमात्र Floating National Park है।

यहाँ की भूमि “फुमदी (Phumdi)” नामक तैरती हुई घास और वनस्पतियों से बनी होती है, जो इसे अन्य सभी राष्ट्रीय उद्यानों से अलग बनाती है। यह उद्यान विशेष रूप से संगाई हिरण (Sangai Deer) के लिए प्रसिद्ध है, जिसे मणिपुर का राजकीय पशु (State Animal) भी कहा जाता है।

इसके अलावा यहाँ जलीय पक्षियों, मछलियों और अन्य वन्यजीवों की भी कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिससे यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – बिष्णुपुर (मणिपुर) | स्थापना – 1977 | विशेषता – दुनिया का एकमात्र Floating National Park | प्रमुख जीव – संगाई हिरण | स्थान – लोकटक झील

मणिपुर के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries)

Yangoupokpi-Lokchao Wildlife Sanctuary (यांगौपोकपी-लोकचाओ वन्यजीव अभयारण्य)

यांगौपोकपी-लोकचाओ वन्यजीव अभयारण्य मणिपुर के चंदेल (Chandel) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1989 में स्थापित किया गया। यह अभयारण्य भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित है और अपनी घनी हरियाली, पहाड़ी भू-भाग और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है।

यह क्षेत्र इंडो-म्यांमार बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट का हिस्सा है, जिससे इसकी पारिस्थितिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। यहाँ उष्णकटिबंधीय (tropical) वनों का प्रभुत्व है, जो विभिन्न वन्यजीवों के लिए उपयुक्त आवास प्रदान करते हैं।

इस अभयारण्य में हूलॉक गिब्बन (Hoolock Gibbon), तेंदुआ (Leopard), जंगली सूअर (Wild Boar) और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह क्षेत्र विशेष रूप से प्राइमेट्स (Primates) और पक्षियों की विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – चंदेल (मणिपुर) | स्थापना – 1989 | क्षेत्र – भारत-म्यांमार सीमा | विशेषता – बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट | प्रमुख जीव – हूलॉक गिब्बन, तेंदुआ, जंगली सूअर

Zeilad Wildlife Sanctuary (ज़ीलाड वन्यजीव अभयारण्य)

ज़ीलाड वन्यजीव अभयारण्य मणिपुर के तमेंगलोंग (Tamenglong) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1989 में स्थापित किया गया। यह क्षेत्र अपनी घनी हरियाली, पहाड़ी भू-भाग और प्राकृतिक झीलों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ स्थित Zeilad Lake इस अभयारण्य का मुख्य आकर्षण है, जो इसे पारिस्थितिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

यह अभयारण्य उष्णकटिबंधीय (tropical) वनों से आच्छादित है, जो विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के लिए उपयुक्त आवास प्रदान करते हैं। यहाँ हूलॉक गिब्बन (Hoolock Gibbon), तेंदुआ (Leopard), भालू (Bear), जंगली सूअर (Wild Boar) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

यह क्षेत्र विशेष रूप से जैव विविधता और प्राकृतिक झीलों के कारण जाना जाता है, जो इसे मणिपुर के महत्वपूर्ण अभयारण्यों में शामिल करता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – तमेंगलोंग (मणिपुर) | स्थापना – 1989 | प्रमुख क्षेत्र – Zeilad Lake | प्रमुख जीव – हूलॉक गिब्बन, तेंदुआ, भालू, जंगली सूअर

Jiri-Makru Wildlife Sanctuary (जिरी-माक्रू वन्यजीव अभयारण्य)

जिरी-माक्रू वन्यजीव अभयारण्य मणिपुर के तमेंगलोंग (Tamenglong) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1988 में स्थापित किया गया। यह क्षेत्र जिरी और माक्रू नदियों के आसपास फैला हुआ है, जिससे यहाँ की हरियाली और पारिस्थितिक विविधता काफी समृद्ध है।

यह अभयारण्य उष्णकटिबंधीय (tropical) सदाबहार वनों से आच्छादित है, जो विभिन्न वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करते हैं। यहाँ हूलॉक गिब्बन (Hoolock Gibbon), तेंदुआ (Leopard), भालू (Bear), जंगली सूअर (Wild Boar) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

यह क्षेत्र विशेष रूप से प्राइमेट्स (Primates) और पक्षियों की विविधता के लिए जाना जाता है, जिससे यह जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – तमेंगलोंग (मणिपुर) | स्थापना – 1988 | क्षेत्र – जिरी व माक्रू नदी क्षेत्र | प्रमुख जीव – हूलॉक गिब्बन, तेंदुआ, भालू, जंगली सूअर

भारत के 25 प्रमुख अनुसंधान संस्थान | 100% Exam में आने वाले Questions (SSC/UPSC 2026)

सिक्किम के राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य

Khangchendzonga National Park (खांचनजोंगा राष्ट्रीय उद्यान)

खांचनजोंगा राष्ट्रीय उद्यान सिक्किम राज्य में स्थित भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1977 में स्थापित किया गया था। यह उद्यान हिमालय पर्वत क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी बर्फ से ढकी चोटियों, ग्लेशियर, नदियों और घने वनों के लिए प्रसिद्ध है।

इस उद्यान की सबसे खास बात यह है कि यह UNESCO World Heritage Site में शामिल है, जिससे इसकी वैश्विक महत्ता और भी बढ़ जाती है। यहाँ स्थित कंचनजंगा पर्वत (Mount Kanchenjunga), जो भारत की सबसे ऊँची चोटी है, इस पार्क का प्रमुख आकर्षण है।

यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है, जहाँ हिम तेंदुआ (Snow Leopard), लाल पांडा (Red Panda – State Animal of Sikkim), भालू और विभिन्न दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व इसे और भी खास बनाते हैं।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – सिक्किम | स्थापना – 1977 | विशेषता – UNESCO World Heritage Site | क्षेत्र – हिमालय | प्रमुख जीव – हिम तेंदुआ, लाल पांडा | प्रमुख शिखर – कंचनजंगा

सिक्किम के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries)

Fambong Lho Wildlife Sanctuary (फामबोंग ल्हो वन्यजीव अभयारण्य)

फामबोंग ल्हो वन्यजीव अभयारण्य सिक्किम के पूर्वी सिक्किम (East Sikkim) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1984 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य राजधानी गंगटोक (Gangtok) के पास स्थित है और अपनी घनी हरियाली, ऊँचे-नीचे पहाड़ी क्षेत्र और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

यह क्षेत्र हिमालयी वन पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है, जहाँ ओक, रोडोडेंड्रॉन और बांस के जंगल पाए जाते हैं। यह वातावरण कई वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास प्रदान करता है। यहाँ लाल पांडा (Red Panda – State Animal of Sikkim), हिमालयी काला भालू (Himalayan Black Bear), तेंदुआ (Leopard) और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण यह स्थान ट्रेकिंग और इको-टूरिज्म के लिए भी प्रसिद्ध है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – पूर्वी सिक्किम | स्थापना – 1984 | क्षेत्र – हिमालयी वन | प्रमुख जीव – लाल पांडा, काला भालू, तेंदुआ

Maenam Wildlife Sanctuary (मैनाम वन्यजीव अभयारण्य)

मैनाम वन्यजीव अभयारण्य सिक्किम के दक्षिण सिक्किम (South Sikkim) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1987 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य मैनाम पर्वत (Maenam Hill) क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी घनी हरियाली, ऊँचाई वाले हिमालयी वन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।

यह क्षेत्र हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है, जहाँ ओक, मैग्नोलिया और रोडोडेंड्रॉन के जंगल पाए जाते हैं। यहाँ का वातावरण वन्यजीवों के लिए अत्यंत अनुकूल है। इस अभयारण्य में लाल पांडा (Red Panda – State Animal of Sikkim), हिमालयी काला भालू (Himalayan Black Bear), तेंदुआ (Leopard) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

यह स्थान ट्रेकिंग और इको-टूरिज्म के लिए भी प्रसिद्ध है, खासकर मैनाम हिल तक की ट्रेकिंग बहुत लोकप्रिय है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – दक्षिण सिक्किम | स्थापना – 1987 | क्षेत्र – मैनाम पहाड़ी (हिमालय) | प्रमुख जीव – लाल पांडा, काला भालू, तेंदुआ

Kyongnosla Alpine Sanctuary (क्यॉन्गनोस्ला अल्पाइन अभयारण्य)

क्यॉन्गनोस्ला अल्पाइन अभयारण्य सिक्किम के पूर्वी सिक्किम (East Sikkim) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1984 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य त्सोमगो झील (Tsomgo Lake / Changu Lake) के आसपास स्थित है और अपनी उच्च हिमालयी (Alpine) पारिस्थितिकी के लिए प्रसिद्ध है।

यह क्षेत्र ऊँचाई वाले ठंडे रेगिस्तानी एवं अल्पाइन वनस्पति से युक्त है, जहाँ दुर्लभ औषधीय पौधे, घास और काई (moss) पाई जाती हैं। यहाँ का वातावरण अत्यंत ठंडा होता है, जिससे यह क्षेत्र विशेष रूप से अनोखा बनता है।

इस अभयारण्य में हिम तेंदुआ (Snow Leopard), ब्लू शीप (Blue Sheep), हिमालयी मर्मोट (Himalayan Marmot) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह क्षेत्र जैव विविधता और पारिस्थितिकी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – पूर्वी सिक्किम | स्थापना – 1984 | क्षेत्र – अल्पाइन (उच्च हिमालय) | प्रमुख जीव – हिम तेंदुआ, ब्लू शीप, मर्मोट | प्रमुख स्थल – त्सोमगो झील

Shingba Rhododendron Sanctuary (शिंगबा रोडोडेंड्रॉन अभयारण्य)

शिंगबा रोडोडेंड्रॉन अभयारण्य सिक्किम के उत्तरी सिक्किम (North Sikkim) जिले में स्थित एक प्रसिद्ध अभयारण्य है, जिसे 1984 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य युमथांग घाटी (Yumthang Valley) के पास स्थित है और अपनी रंग-बिरंगे रोडोडेंड्रॉन (Rhododendron) फूलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

यह क्षेत्र हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है, जहाँ वसंत ऋतु में सैकड़ों प्रकार के रोडोडेंड्रॉन फूल खिलते हैं, जिससे पूरा इलाका बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। यहाँ की ऊँचाई और ठंडा मौसम इसे एक अनोखा प्राकृतिक स्थल बनाते हैं।

वन्यजीवों में यहाँ लाल पांडा (Red Panda – State Animal of Sikkim), हिमालयी काला भालू (Himalayan Black Bear), तेंदुआ (Leopard) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – उत्तरी सिक्किम | स्थापना – 1984 | क्षेत्र – युमथांग घाटी | विशेषता – रोडोडेंड्रॉन फूल | प्रमुख जीव – लाल पांडा, काला भालू, तेंदुआ

Barsey Rhododendron Sanctuary (बार्से रोडोडेंड्रॉन अभयारण्य)

बार्से रोडोडेंड्रॉन अभयारण्य सिक्किम के पश्चिम सिक्किम (West Sikkim) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1996 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य अपनी रंग-बिरंगे रोडोडेंड्रॉन (Rhododendron) फूलों और घने हिमालयी वनों के लिए प्रसिद्ध है।

यह क्षेत्र सिंगालीला रेंज (Singalila Range) के पास स्थित है और यहाँ की ऊँचाई व ठंडा वातावरण इसे विशेष बनाते हैं। वसंत ऋतु में यहाँ विभिन्न प्रजातियों के रोडोडेंड्रॉन फूल खिलते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र अत्यंत आकर्षक दिखाई देता है।

यह अभयारण्य हिमालयी जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ लाल पांडा (Red Panda – State Animal of Sikkim), हिमालयी काला भालू (Himalayan Black Bear), तेंदुआ (Leopard) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – पश्चिम सिक्किम | स्थापना – 1996 | क्षेत्र – सिंगालीला रेंज | विशेषता – रोडोडेंड्रॉन फूल | प्रमुख जीव – लाल पांडा, काला भालू, तेंदुआ

त्रिपुरा के राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य

त्रिपुरा के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks)

Clouded Leopard National Park (क्लाउडेड लेपर्ड राष्ट्रीय उद्यान)

क्लाउडेड लेपर्ड राष्ट्रीय उद्यान त्रिपुरा राज्य के सेपाहीजाला (Sepahijala) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 2007 में National Park का दर्जा दिया गया। यह उद्यान पहले सेपाहीजाला वन्यजीव अभयारण्य का ही हिस्सा था, जिसे बाद में अपग्रेड किया गया।

यह क्षेत्र घने उष्णकटिबंधीय (tropical) जंगलों, बाँस और घास के मैदानों से आच्छादित है, जो वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास प्रदान करते हैं। इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत है Clouded Leopard (धुंधला तेंदुआ), जो एक दुर्लभ और लुप्तप्राय (endangered) प्रजाति है और इसी के नाम पर इस पार्क का नाम रखा गया है।

इसके अलावा यहाँ हूलॉक गिब्बन (Hoolock Gibbon), लंगूर, जंगली बिल्ली और कई पक्षी प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं। यह पार्क जैव विविधता और संरक्षण के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – सेपाहीजाला (त्रिपुरा) | स्थापना – 2007 | पहले – Sepahijala Sanctuary का हिस्सा | प्रमुख जीव – Clouded Leopard | वन प्रकार – उष्णकटिबंधीय जंगल

Bison (Rajbari) National Park (बाइसन / राजबाड़ी राष्ट्रीय उद्यान)

बाइसन (राजबाड़ी) राष्ट्रीय उद्यान त्रिपुरा राज्य के दक्षिण त्रिपुरा (South Tripura) क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 2007 में National Park का दर्जा दिया गया। यह उद्यान पहले Trishna Wildlife Sanctuary (त्रिश्ना वन्यजीव अभयारण्य) का हिस्सा था, जिसे बाद में राष्ट्रीय उद्यान में परिवर्तित किया गया।

यह क्षेत्र घने उष्णकटिबंधीय जंगलों, घास के मैदानों और जल स्रोतों से युक्त है, जो वन्यजीवों के लिए अनुकूल आवास प्रदान करते हैं। इस पार्क की सबसे खास पहचान Gaur (Indian Bison) है, जो यहाँ बड़ी संख्या में पाया जाता है और इसी कारण इसे Bison National Park भी कहा जाता है।

इसके अलावा यहाँ हिरण, जंगली सूअर, तेंदुआ और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं, जिससे यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – दक्षिण त्रिपुरा | स्थापना – 2007 | पहले – Trishna Sanctuary का हिस्सा | प्रमुख जीव – Gaur (Indian Bison) | वन प्रकार – उष्णकटिबंधीय जंगल

भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन (Top 25)

त्रिपुरा के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries)

Sepahijala Wildlife Sanctuary (सेपाहीजाला वन्यजीव अभयारण्य)

सेपाहीजाला वन्यजीव अभयारण्य त्रिपुरा के सेपाहीजाला (Sepahijala) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1972 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने उष्णकटिबंधीय जंगलों और झीलों के लिए प्रसिद्ध है।

यह क्षेत्र केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा और अनुसंधान (education & research) के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहाँ झीलों और हरियाली से घिरा शांत वातावरण वन्यजीवों के लिए अनुकूल आवास प्रदान करता है।

इस अभयारण्य की खास पहचान यहाँ पाए जाने वाले प्राइमेट्स (Primates) हैं, विशेष रूप से Phayre’s Leaf Monkey (दुर्लभ बंदर प्रजाति), जो इसे खास बनाता है। इसके अलावा यहाँ हूलॉक गिब्बन (Hoolock Gibbon), तेंदुआ (Leopard), जंगली बिल्ली, हिरण और कई पक्षी प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – सेपाहीजाला (त्रिपुरा) | स्थापना – 1972 | विशेषता – प्राइमेट्स (Phayre’s Leaf Monkey) | प्रमुख जीव – गिब्बन, तेंदुआ, हिरण | वन प्रकार – उष्णकटिबंधीय जंगल

Trishna Wildlife Sanctuary (त्रिश्ना वन्यजीव अभयारण्य)

त्रिश्ना वन्यजीव अभयारण्य त्रिपुरा के दक्षिण त्रिपुरा (South Tripura) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1988 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य अपनी घनी हरियाली, घास के मैदानों और प्राकृतिक जल स्रोतों के लिए जाना जाता है, जो वन्यजीवों के लिए अनुकूल आवास प्रदान करते हैं।

यह क्षेत्र विशेष रूप से Gaur (Indian Bison) के लिए प्रसिद्ध है, जो यहाँ बड़ी संख्या में पाया जाता है और इसे इस अभयारण्य की मुख्य पहचान बनाता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र का एक भाग बाद में Bison (Rajbari) National Park के रूप में विकसित किया गया।

इसके अलावा यहाँ हिरण (Deer), जंगली सूअर (Wild Boar), तेंदुआ (Leopard) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह अभयारण्य जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – दक्षिण त्रिपुरा | स्थापना – 1988 | विशेषता – Gaur (Indian Bison) | प्रमुख जीव – बाइसन, हिरण, तेंदुआ | वन प्रकार – उष्णकटिबंधीय जंगल

Gumti Wildlife Sanctuary (गुमटी वन्यजीव अभयारण्य)

गुमटी वन्यजीव अभयारण्य त्रिपुरा के दक्षिण त्रिपुरा (South Tripura) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1987 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य गुमटी नदी (Gumti River) और गुमटी जलाशय (Dumboor Lake) के आसपास फैला हुआ है, जिससे यहाँ का वातावरण अत्यंत समृद्ध और जैव विविधता से भरपूर बनता है।

यह क्षेत्र घने उष्णकटिबंधीय जंगलों, जल स्रोतों और पहाड़ी भू-भाग के लिए जाना जाता है, जो विभिन्न वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास प्रदान करता है। यहाँ हाथी (Elephant), तेंदुआ (Leopard), जंगली सूअर (Wild Boar), हिरण (Deer) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

यह अभयारण्य विशेष रूप से जल स्रोतों और पक्षियों की विविधता के कारण महत्वपूर्ण है और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अहम भूमिका निभाता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – दक्षिण त्रिपुरा | स्थापना – 1987 | क्षेत्र – गुमटी नदी व डंबूर झील | प्रमुख जीव – हाथी, तेंदुआ, हिरण | वन प्रकार – उष्णकटिबंधीय जंगल

Rowa Wildlife Sanctuary (रोवा वन्यजीव अभयारण्य)

रोवा वन्यजीव अभयारण्य त्रिपुरा के उत्तर त्रिपुरा (North Tripura) जिले में स्थित एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1988 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य आकार में छोटा होने के बावजूद अपनी घनी हरियाली और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है।

यह क्षेत्र उष्णकटिबंधीय (tropical) वनों से आच्छादित है, जो विभिन्न वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करता है। यहाँ तेंदुआ (Leopard), जंगली बिल्ली (Wild Cat), हिरण (Deer), जंगली सूअर (Wild Boar) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

यह अभयारण्य विशेष रूप से छोटे क्षेत्र में उच्च जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, जिससे यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – उत्तर त्रिपुरा | स्थापना – 1988 | विशेषता – छोटा क्षेत्र, उच्च जैव विविधता | प्रमुख जीव – तेंदुआ, जंगली बिल्ली, हिरण | वन प्रकार – उष्णकटिबंधीय जंगल

तमिलनाडु के राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य

तमिलनाडु के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks)

Gulf of Mannar National Park (गल्फ ऑफ मन्नार राष्ट्रीय उद्यान)

गल्फ ऑफ मन्नार राष्ट्रीय उद्यान तमिलनाडु के रामनाथपुरम (Ramanathapuram) और तूतीकोरिन (Thoothukudi) तट के पास स्थित एक अद्वितीय समुद्री (Marine) राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1986 में स्थापित किया गया था। यह भारत के पहले समुद्री राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है और गल्फ ऑफ मन्नार बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है।

यह उद्यान लगभग 21 छोटे द्वीपों (Islands) से मिलकर बना है और अपनी कोरल रीफ (Coral Reefs), समुद्री घास (Seagrass) और समृद्ध समुद्री जैव विविधता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस राष्ट्रीय उद्यान में डुगोंग (Dugong – Sea Cow), डॉल्फिन, समुद्री कछुए (Sea Turtles) और विभिन्न रंग-बिरंगी मछलियाँ व पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह क्षेत्र समुद्री जीवों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – तमिलनाडु तट (रामनाथपुरम/तूतीकोरिन) | स्थापना – 1986 | विशेषता – Marine National Park | क्षेत्र – 21 द्वीप | प्रमुख जीव – डुगोंग, डॉल्फिन, समुद्री कछुए

Indira Gandhi (Annamalai) National Park (इन्दिरा गांधी / अन्नामलाई राष्ट्रीय उद्यान)

इन्दिरा गांधी (अन्नामलाई) राष्ट्रीय उद्यान तमिलनाडु के कोयंबटूर (Coimbatore) और तिरुपुर (Tiruppur) जिलों में स्थित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1989 में National Park घोषित किया गया। यह उद्यान पश्चिमी घाट (Western Ghats) में फैला हुआ है, जो UNESCO World Heritage Site का हिस्सा है और अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

यह राष्ट्रीय उद्यान अन्नामलाई टाइगर रिजर्व का हिस्सा है, जिससे इसका संरक्षण महत्व और बढ़ जाता है। यहाँ घने सदाबहार वन, पहाड़ी क्षेत्र और जल स्रोत वन्यजीवों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं।

इस उद्यान में बाघ (Tiger), हाथी (Elephant), तेंदुआ (Leopard), गौर (Gaur) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह क्षेत्र विशेष रूप से टाइगर और एलीफेंट कॉरिडोर के लिए भी जाना जाता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – कोयंबटूर/तिरुपुर | स्थापना – 1989 | क्षेत्र – पश्चिमी घाट | विशेषता – Tiger Reserve | प्रमुख जीव – बाघ, हाथी, तेंदुआ, गौर

Mukurthi National Park (मुकुरूथी राष्ट्रीय उद्यान)

मुकुरूथी राष्ट्रीय उद्यान तमिलनाडु के नीलगिरि (Nilgiri) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1990 में National Park घोषित किया गया। यह उद्यान नीलगिरि पहाड़ियों (Nilgiri Hills) में स्थित है और पश्चिमी घाट (Western Ghats) का हिस्सा है, जो UNESCO World Heritage Site में शामिल है।

यह क्षेत्र अपनी उच्च हिमालयी जैसी घासभूमि (Montane Grasslands) और शोला वन (Shola Forests) के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे एक अनोखा पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। यहाँ का ठंडा और नम जलवायु वन्यजीवों के लिए अनुकूल है।

इस राष्ट्रीय उद्यान की सबसे खास पहचान Nilgiri Tahr है, जो एक दुर्लभ पर्वतीय जीव है। इसके अलावा यहाँ तेंदुआ (Leopard), जंगली कुत्ता (Wild Dog), भालू (Bear) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – नीलगिरि (तमिलनाडु) | स्थापना – 1990 | क्षेत्र – पश्चिमी घाट/नीलगिरि हिल्स | विशेषता – Shola Forest + Grassland | प्रमुख जीव – Nilgiri Tahr, तेंदुआ, जंगली कुत्ता

Guindy National Park (गुइंडी राष्ट्रीय उद्यान)

गुइंडी राष्ट्रीय उद्यान तमिलनाडु के चेन्नई (Chennai) शहर के भीतर स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1976 में National Park घोषित किया गया। यह भारत के सबसे छोटे National Parks में से एक है और इसकी सबसे खास बात यह है कि यह शहर के अंदर स्थित (Urban National Park) है।

यह उद्यान पहले ब्रिटिश काल में गवर्नर की एस्टेट (Governor’s Estate) का हिस्सा था, जिसे बाद में वन्यजीव संरक्षण के लिए सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया। यहाँ सूखा सदाबहार वन (Dry Evergreen Forest) पाया जाता है, जो दक्षिण भारत में दुर्लभ माना जाता है।

इस राष्ट्रीय उद्यान में काला हिरण (Blackbuck), चीतल (Spotted Deer), सियार (Jackal), मॉनिटर लिज़र्ड (Monitor Lizard) तथा कई पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह स्थान शिक्षा, अनुसंधान और पर्यावरण जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – चेन्नई | स्थापना – 1976 | विशेषता – Urban National Park (शहर के अंदर) | क्षेत्र – Dry Evergreen Forest | प्रमुख जीव – Blackbuck, चीतल, सियार

तमिलनाडु के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries)

Mudumalai Wildlife Sanctuary (मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य)

मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य तमिलनाडु के नीलगिरि (Nilgiri) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1940 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य पश्चिमी घाट (Western Ghats) में स्थित है और नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

यह क्षेत्र भारत के प्रमुख टाइगर रिजर्व्स में शामिल है और बाद में इसे Mudumalai Tiger Reserve के रूप में भी विकसित किया गया। यहाँ घने जंगल, घास के मैदान और जल स्रोत वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं।

इस अभयारण्य में बाघ (Tiger), हाथी (Elephant), तेंदुआ (Leopard), गौर (Gaur) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह क्षेत्र हाथियों के कॉरिडोर (Elephant Corridor) के लिए भी प्रसिद्ध है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – नीलगिरि (तमिलनाडु) | स्थापना – 1940 | क्षेत्र – पश्चिमी घाट | विशेषता – Tiger Reserve | प्रमुख जीव – बाघ, हाथी, तेंदुआ, गौर

Sathyamangalam Wildlife Sanctuary (सत्यमंगलम वन्यजीव अभयारण्य)

सत्यमंगलम वन्यजीव अभयारण्य तमिलनाडु के ईरोड (Erode) जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 2008 में Wildlife Sanctuary घोषित किया गया और बाद में इसे Sathyamangalam Tiger Reserve के रूप में विकसित किया गया। यह क्षेत्र पश्चिमी घाट (Western Ghats) और पूर्वी घाट (Eastern Ghats) के बीच स्थित है, जो इसे जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है।

यह अभयारण्य घने जंगल, पहाड़ी क्षेत्र और नदी घाटियों से युक्त है, जो वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास प्रदान करता है। यह क्षेत्र वन्यजीव कॉरिडोर (Wildlife Corridor) के रूप में भी कार्य करता है, जो विभिन्न अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों को जोड़ता है।

यहाँ बाघ (Tiger), हाथी (Elephant), तेंदुआ (Leopard), गौर (Gaur) तथा कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह क्षेत्र विशेष रूप से टाइगर और एलीफेंट मूवमेंट के लिए प्रसिद्ध है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – ईरोड | स्थापना – 2008 | क्षेत्र – पश्चिमी + पूर्वी घाट के बीच | विशेषता – Tiger Reserve/ Wildlife Corridor | प्रमुख जीव – बाघ, हाथी, तेंदुआ, गौर

Kalakkad Wildlife Sanctuary (कालक्कड़ वन्यजीव अभयारण्य)

कालक्कड़ वन्यजीव अभयारण्य तमिलनाडु के तुतिकोरिन (Thoothukudi) और कन्नiyakुमारी (Kanyakumari) जिलों में स्थित एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जिसे 1984 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य पश्चिमी घाट (Western Ghats) का हिस्सा है और इसकी जैव विविधता और पारिस्थितिकी के लिए विशेष महत्व है।

यह क्षेत्र उच्चतह का वन, घास के मैदान और जल स्रोत प्रदान करता है, जो विभिन्न वन्यजीवों के लिए आदर्श हैं। यह अभयारण्य टाइगर, हाथी और गौर के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ Nilgiri Tahr, तेंदुआ (Leopard), काला भालू (Black Bear) जैसी कई दुर्लभ प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

कालक्कड़ वन्यजीव अभयारण्य Kalakad-Mundanthurai Tiger Reserve (KMTR) का हिस्सा है, जो टाइगर और हाथियों के संरक्षण के लिए प्रमुख क्षेत्र है। यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – तुतिकोरिन/कन्नियाकुमारी | स्थापना – 1984 | क्षेत्र – पश्चिमी घाट | विशेषता – KMTR का हिस्सा, उच्च जैव विविधता | प्रमुख जीव – बाघ, हाथी, तेंदुआ, Nilgiri Tahr

Srivilliputhur Wildlife Sanctuary (श्रीविल्लीपुथुर वन्यजीव अभयारण्य)

श्रीविल्लीपुथुर वन्यजीव अभयारण्य तमिलनाडु के पुल्लियालूर (Virudhunagar) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1988 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य पश्चिमी घाट (Western Ghats) की तलहटी में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।

यह क्षेत्र घने वन, पहाड़ी क्षेत्र और नदी घाटियों से युक्त है, जो वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास प्रदान करते हैं। यहाँ के खुले मैदान और जंगलों में प्रजातियाँ जैसे Nilgiri Tahr, तेंदुआ (Leopard), हाथी (Elephant) और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

यह अभयारण्य Nilgiri Biosphere Reserve का हिस्सा भी है और टाइगर और हाथी जैसे बड़े स्तनधारियों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्यावरणीय अध्ययन और जैव विविधता संरक्षण के दृष्टिकोण से यह अभयारण्य अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – Virudhunagar, तमिलनाडु | स्थापना – 1988 | क्षेत्र – पश्चिमी घाट की तलहटी | विशेषता – Nilgiri Biosphere का हिस्सा | प्रमुख जीव – Nilgiri Tahr, तेंदुआ, हाथी

Point Calimere Wildlife Sanctuary (पॉइंट कैलिमेर अभयारण्य)

पॉइंट कैलिमेर वन्यजीव अभयारण्य तमिलनाडु के रामनाथपुरम (Ramanathapuram) जिले में स्थित एक प्रमुख अभयारण्य है, जिसे 1967 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य गुल्फ ऑफ मन्नार (Gulf of Mannar) के तटीय क्षेत्र के पास स्थित है और अपनी समुद्री और तटीय जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है.

यह क्षेत्र मिट्टी और दलदली भूभाग (mudflats & wetlands), पाम के जंगल और समुद्री तट से युक्त है, जो विशेष रूप से प्रवासी पक्षियों (Migratory Birds) के लिए आदर्श आवास प्रदान करता है। यहाँ सालभर कई जलपक्षी (Waterbirds), Flamingo, Grey Pelican और Spot-billed Pelican देखे जा सकते हैं।

इसके अलावा अभयारण्य में थार (Blackbuck), जंगली बिल्ली (Wild Cat), जंगली सूअर (Wild Boar) जैसी भूमि स्तनधारी प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं। यह क्षेत्र तटीय पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

Quick Revision (Exam Point)
स्थान – रामनाथपुरम, तमिलनाडु | स्थापना – 1967 | विशेषता – Coastal Wetlands & Migratory Birds | प्रमुख जीव – Blackbuck, Flamingo, Pelican, Wild Cat

निष्कर्ष: राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य

भारत के राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य हमें सिर्फ प्रकृति की सुंदरता नहीं दिखाते, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण, पारिस्थितिकी संतुलन और जैव विविधता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हर राज्य में फैले ये उद्यान और अभयारण्य हमें यह याद दिलाते हैं कि प्रकृति और वन्यजीव हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है।

16 महाजनपद MCQ | ये 25 सवाल नहीं आए तो कुछ नहीं आएगा (100% Exam Target)

Leave a Comment