
प्राचीन भारत का इतिहास भाग-02 MCQ-2026
हड़प्पा सभ्यता MCQs 2026 | 25 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न UPSC/SSC/Railway
क्या आप जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के कुछ क्षेत्रों में 5000 साल से भी पुरानी सभ्यता मिली है? हड़प्पा सभ्यता, जो सिंधु घाटी के आसपास फैली हुई थी, दुनिया की सबसे विकसित और संगठित प्राचीन सभ्यताओं में से एक मानी जाती है। इस सभ्यता के नगर, सड़कें, जल निकास प्रणाली और यहाँ तक कि विशाल स्नानागार (Great Bath) जैसे अनोखे निर्माण आज भी इतिहासकारों और पुरातत्वविदों को चकित कर देते हैं।
यदि आपको इतिहास और प्राचीन सभ्यताओं में रुचि है, तो यह पोस्ट आपके लिए परफेक्ट है! यहाँ हम आपको हड़प्पा सभ्यता के 25 सबसे महत्वपूर्ण MCQs के साथ इसके रोचक तथ्य और रहस्य बताएँगे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं या सामान्य ज्ञान दोनों के लिए मददगार होंगे।
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प्रश्न 1. हड़प्पा सभ्यता में किसकी उपासना की जाती थी?
(A) सूर्य पूजा
(B) मातृदेवी की उपासना
(C) नदी पूजा
(D) अग्नि पूजा
✅ उत्तर: (B) मातृदेवी की उपासना
📝 हड़प्पाकालीन धार्मिक जीवन में मातृदेवी की उपासना सर्वाधिक प्रचलित थी। इसकी जानकारी के स्रोत उत्खलन के समय यहाँ से प्राप्त मुहरें व मूर्तियाँ हैं। हड़प्पा से प्राप्त आयताकार व लेखमुक्त एक मुहर में सिर के बल खड़ी एक स्त्री के गर्भ से एक पौधे को निकलते हुए दिखाया गया है। हड़प्पावासी मातृदेवी की उपासना ‘जननी’ या ‘उर्वरता’ या ‘वनस्पति’ की देवी के रूप में करते थे। हड़प्पाकालीन धार्मिक विश्वासों में परवर्ती हिन्दू धर्म की अनेक विशेषताएँ शामिल थीं।
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प्रश्न 2. मोहनजोदड़ो से प्राप्त ‘पशुपति शिव’ की मुहर में क्या दर्शाया गया है?
(A) एक हाथी के चारों तरफ पशु
(B) सींग वाले एक त्रिमुखी पुरुष को योग की पद्मासन मुद्रा में बैठे और चारों ओर हाथी, बाघ, गैंडा, भैंसा
(C) एक महिला नर्तकी की आकृति
(D) एकश्रृंगीय बैल की आकृति
✅ उत्तर: (B) सींग वाले एक त्रिमुखी पुरुष को योग की पद्मासन मुद्रा में बैठे और चारों ओर हाथी, बाघ, गैंडा, भैंसा
📝 मोहनजोदड़ो से मैके नामक एक पुराविद् को एक ऐसी मुहर के साक्ष्य मिले हैं जिसमें सींग वाले एक त्रिमुखी पुरुष को योग की ‘पद्मासन मुद्रा’ में लगभग नग्न बैठे दिखलाया गया है। इसके दाहिनी ओर एक हाथी और एक बाघ व बायीं ओर एक गैंडा व भैंसा और सिंहासन के नीचे एक द्विश्रृंगीय हिरन की आकृति बनी है। मार्शल ने इसका संबंध ऐतिहासिक काल के शिव के साथ स्थापित किया है।
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प्रश्न 3. हड़प्पा सभ्यता में मृतकों के अंतिम संस्कार के कितने तरीके प्रचलित थे?
(A) एक — केवल दाह संस्कार
(B) दो — दाह संस्कार और समाधिकरण
(C) तीन — पूर्ण समाधिकरण, आंशिक समाधिकरण और दाह संस्कार
(D) चार — दाह संस्कार, जल में प्रवाह, समाधिकरण और ममीकरण
✅ उत्तर: (C) तीन — पूर्ण समाधिकरण, आंशिक समाधिकरण और दाह संस्कार
📝 हड़प्पावासी अपने मृतकों के साथ तीन प्रकार के अंतिम संस्कार करते थे — (1) पूर्ण समाधिकरण: शव के सिर को उत्तर और पैर को दक्षिण दिशा में रखकर दफनाना; (2) आंशिक समाधिकरण: शव को खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया जाता था, जानवरों द्वारा खाए जाने के बाद अवशिष्ट अस्थियों को दफनाना; (3) दाह संस्कार: शव को जलाना। इनमें से पूर्ण समाधिकरण सर्वाधिक प्रचलित था। युग्म शवाधान के साक्ष्य लोथल से मिले हैं।
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प्रश्न 4. हड़प्पा सभ्यता में कपास की खेती के संदर्भ में क्या महत्वपूर्ण है?
(A) हड़प्पावासी कपास नहीं उगाते थे
(B) हड़प्पावासियों ने ही सर्वप्रथम विश्व में कपास की खेती प्रारंभ की, इसलिए यूनानियों ने इसे ‘सिन्डन’ कहा
(C) कपास की खेती केवल लोथल में होती थी
(D) कपास का आयात मेसोपोटामिया से होता था
✅ उत्तर: (B) हड़प्पावासियों ने ही सर्वप्रथम विश्व में कपास की खेती प्रारंभ की, इसलिए यूनानियों ने इसे ‘सिन्डन’ कहा
📝 हड़प्पावासियों ने ही सर्वप्रथम विश्व में कपास की खेती प्रारंभ की थी। इसीलिए यूनानियों ने कपास को ‘सिन्डन’ (Sindon) कहकर पुकारा है। गेहूँ और जौ उनकी मुख्य खाद्य फसलें थीं। इसके अलावा वे चावल, मटर, सरसों, चना इत्यादि का भी उत्पादन करते थे। कालीबंगा के प्राक् हड़प्पाई चरण से जुते हुए खेत (Ploughed Field) के साक्ष्य मिले हैं। रंगपुर और लोथल से धान की भूसी के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
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प्रश्न 5. हड़प्पा सभ्यता की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार क्या था?
(A) व्यापार और वाणिज्य
(B) पशुपालन
(C) कृषि
(D) उद्योग और विनिर्माण
✅ उत्तर: (C) कृषि
📝 हड़प्पा सभ्यता एक नगरीय सभ्यता थी, जिसकी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि था। गेहूँ और जौ उनकी मुख्य खाद्य फसलें थीं। इसके अलावा कृषि के साथ-साथ व्यापार और वाणिज्य भी महत्वपूर्ण था। हड़प्पावासियों ने मेसोपोटामिया और फारस से घनिष्ठ व्यापारिक संबंध स्थापित किए थे। व्यापार वस्तु विनिमय प्रणाली (Barter System) पर आधारित था। हड़प्पावासी तौल के लिए 16 या उसके गुणक अंकों का प्रयोग करते थे। यह UPSC सहित सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
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प्रश्न 6. हड़प्पावासियों ने बाह्य व्यापार (External Trade) किन सभ्यताओं के साथ किया?
(A) मिस्र और यूनान के साथ
(B) मेसोपोटामिया (इराक) और फारस (ईरान) के साथ
(C) चीन और रोम के साथ
(D) अफ्रीका और यूरोप के साथ
✅ उत्तर: (B) मेसोपोटामिया (इराक) और फारस (ईरान) के साथ
📝 हड़प्पावासियों ने अपने समकालीन मेसोपोटामिया (इराक) और फारस (ईरान) की सभ्यता के लोगों के साथ घनिष्ठ व्यापारिक संबंध स्थापित किए। लोथल से फारस की मोहरें (Persian Seals) और मोहनजोदड़ो से मेसोपोटामिया मूल की मोहरों के साक्ष्य मिले हैं। मेसोपोटामिया के शासक सारगोन ने दावा किया है कि दिल्मुन, मकान और मेलुहा के जहाज उसके बंदरगाह पर लंगर डालते हैं। व्यापार वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था।
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प्रश्न 7. हड़प्पा सभ्यता में ‘अग्नि पूजा’ के साक्ष्य किस/किन स्थलों से मिले हैं?
(A) मोहनजोदड़ो और हड़प्पा से
(B) कालीबंगा और लोथल से
(C) धौलावीरा और रोपड़ से
(D) बणावली और सुरकोतड़ा से
✅ उत्तर: (B) कालीबंगा और लोथल से
📝 हड़प्पावासियों में अग्नि पूजा का भी प्रचलन था। कालीबंगा और लोथल से इसके साक्ष्य मिले हैं। कालीबंगा से तो एक कतार में 7 अग्नि-वेदिकाओं के साक्ष्य मिले हैं जिनमें पशुओं की हड्डियाँ व राख मिली हैं। लोथल से भी ऐसे अग्निकुण्ड के साक्ष्य प्राप्त होते हैं। अग्नि पूजा के साक्ष्यों की दृष्टि से कालीबंगा के साक्ष्य, लोथल की तुलना में अधिक श्रेष्ठ और विश्वसनीय हैं। यह तथ्य अनेक परीक्षाओं में पूछा जाता है।
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प्रश्न 8. हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए ‘आर्यों का आक्रमण’ का सिद्धांत किसने दिया?
(A) जॉन मार्शल ने
(B) ऑरेल स्टाइन ने
(C) व्हीलर महोदय ने
(D) कैनेडी ने
✅ उत्तर: (C) व्हीलर महोदय ने
📝 हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए विभिन्न विद्वानों ने भिन्न-भिन्न कारण बताए हैं — व्हीलर महोदय: आर्यों का आक्रमण; जॉन मार्शल: प्रशासनिक शिथिलता; ऑरेल स्टाइन: जलवायविक परिवर्तन; कैनेडी: मलेरिया; डेल्स: भूतात्विक परिवर्तन; मैके: बाढ़। वास्तव में इसके पतन का कोई एक कारण नहीं बल्कि भिन्न-भिन्न कारण रहे होंगे, यहाँ तक कि एक स्थल के भी पतन के भिन्न-भिन्न कारण रहे होंगे। UPSC 2021 में यह प्रश्न पूछा गया।
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प्रश्न 9. हड़प्पा सभ्यता के राजनीतिक जीवन के विषय में मैके (Mackay) महोदय की क्या राय थी?
(A) यहाँ राजतंत्र था
(B) मोहनजोदड़ो का शासन एक प्रतिनिधि शासन के रूप में था
(C) यहाँ सैन्य शासन था
(D) यहाँ धार्मिक शासन था
✅ उत्तर: (B) मोहनजोदड़ो का शासन एक प्रतिनिधि शासन के रूप में था
📝 हड़प्पा सभ्यता का राजनीतिक जीवन एक विवाद का विषय है। हण्टर महोदय: मोहनजोदड़ो की शासन प्रणाली जनतांत्रिक थी; मैके: मोहनजोदड़ो का शासन एक प्रतिनिधि शासन था; व्हीलर: सिंधु प्रदेश का शासन मध्यमवर्गीय जनतांत्रिक था; स्टुअर्ट पिग्गट: सिंधु प्रदेश पर पुरोहित वर्ग का प्रभाव था। भवनों के निर्माण में आश्चर्यजनक समरूपता यह सिद्ध करती है कि नगर पालिका जैसी कोई संस्था रही होगी।
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प्रश्न 10. कालीबंगा में किसकी अनुपस्थिति, इसे अन्य हड़प्पाई स्थलों से अलग करती है?
(A) अनाज भंडार
(B) सुव्यवस्थित जल निकास प्रणाली और पक्की ईंटों के मकान न होना
(C) किला
(D) सड़कें
✅ उत्तर: (B) सुव्यवस्थित जल निकास प्रणाली और पक्की ईंटों के मकान न होना
📝 हड़प्पा, मोहनजोदड़ो तथा कालीबंगा की नगर योजना में कुछ अंतर होते हुए भी यह करीब-करीब एक समान था, किंतु कालीबंगा में सुव्यवस्थित जल निकास प्रणाली न होने एवं कच्ची ईंटों के मकान बने होने के कारण यह एक दीन-हीन बस्ती प्रतीत होती है। लोथल व सुरकोतड़ा के दुर्ग और नगर दोनों एक ही रक्षा प्राचीर से घिरे हैं, जबकि कालीबंगा में दुर्ग और निचला हिस्सा दोनों अलग-अलग रक्षा प्राचीरों से घिरा है।
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प्रश्न 11. हड़प्पा सभ्यता में ‘लिंग व योनि पूजन’ (Worship of Phalics) के साक्ष्य कहाँ से मिले हैं?
(A) लोथल और बणावली से
(B) हड़प्पा और मोहनजोदड़ो से
(C) कालीबंगा और रोपड़ से
(D) धौलावीरा और सुरकोतड़ा से
✅ उत्तर: (B) हड़प्पा और मोहनजोदड़ो से
📝 मोहनजोदड़ो तथा हड़प्पा से विशाल संख्या में चक्र मिले हैं। प्रत्येक चक्र के मध्य में एक छिद्र है जिन्हें विद्वानों ने योनि का प्रतीक माना है। हड़प्पा व मोहनजोदड़ो से ही कुछ पत्थरों पर ऐसे निर्मित साक्ष्य मिले हैं जिनकी पहचान लिंग के रूप में की गई है। हाल के वर्षों में ऑरेल स्टाइन को पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित राणाघुण्डई व पेरियानो घुण्डई से भी लिंग और योनि के स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं।
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प्रश्न 12. हड़प्पा सभ्यता में मोहनजोदड़ो से प्राप्त ‘कांसे की नर्तकी की मूर्ति’ किस विधि से बनाई गई थी?
(A) ढलाई विधि से
(B) द्रवी मोम विधि या मधुच्छिष्ट विधि (Lost Wax Method) से
(C) पत्थर तराशकर
(D) हस्त-निर्मित विधि से
✅ उत्तर: (B) द्रवी मोम विधि या मधुच्छिष्ट विधि (Lost Wax Method) से
📝 मोहनजोदड़ो से प्राप्त कांसे की नर्तकी की मूर्ति (A bronze statue of female dancing girl) द्रवी मोम विधि या मधुच्छिष्ट विधि (Lost Wax Method) से निर्मित है। इस मूर्ति में दाहिना हाथ कूल्हे पर टिका है और बायाँ हाथ चूड़ियों से ढका है। यह मूर्ति हड़प्पावासियों की उन्नत धातु-कला का प्रमाण है। मोहनजोदड़ो से एक मेसोपोटामियाई मूल की बेलनाकार मुहरें और पशुपति शिव की आकृति वाली मुहर भी मिली है।
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प्रश्न 13. रोपड़ (Ropad) की क्या विशेषता है?
(A) यह पाकिस्तान में स्थित पहला हड़प्पाई स्थल है
(B) यह आजादी के बाद भारत में खोजा जाने वाला प्रथम हड़प्पाई पुरास्थल है
(C) यहाँ से विशाल स्नानागार मिला है
(D) यहाँ से कांसे की नर्तकी मिली है
✅ उत्तर: (B) यह आजादी के बाद भारत में खोजा जाने वाला प्रथम हड़प्पाई पुरास्थल है
📝 रोपड़ भारत के पंजाब प्रांत के रूपनगर जिले में सतलज नदी के बायें तट पर स्थित है। यह आजादी के बाद भारत में खोजा जाने वाला प्रथम हड़प्पाई पुरास्थल है। इसका उत्खनन 1953 ई० में यज्ञदत्त शर्मा द्वारा किया गया था। यहाँ से एक कब्र में मालिक के शव के साथ कुत्ते को भी दफनाया गया था। इसी प्रकार के साक्ष्य कश्मीर के नवपाषाण कालीन बस्ती बुर्जाहोम से भी मिले हैं।
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प्रश्न 14. बणावली (Banawali) कहाँ स्थित है और यहाँ से क्या प्रमुख साक्ष्य मिला था?
(A) गुजरात; बंदरगाह
(B) हरियाणा के हिसार जिले में लुप्त सरस्वती नदी के किनारे; मिट्टी का खिलौना हल (Terracotta Plough)
(C) राजस्थान; अग्नि कुण्ड
(D) पंजाब; अनाज भंडार
✅ उत्तर: (B) हरियाणा के हिसार जिले में लुप्त सरस्वती नदी के किनारे; मिट्टी का खिलौना हल (Terracotta Plough)
📝 बणावली हरियाणा के हिसार जिले में लुप्त सरस्वती नदी के किनारे स्थित है। इसका उत्खनन 1973 ई० में रवीन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा किया गया था। यहाँ से प्राप्त महत्वपूर्ण साक्ष्यों में मिट्टी का बना खिलौना हल (Terracotta Plough), बैलगाड़ी के पहियों के निशान और अच्छे किस्म के जौ (Barley) प्रमुख हैं। मिट्टी का खिलौना हल हड़प्पा सभ्यता में कृषि की उन्नत अवस्था का प्रमाण है।
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प्रश्न 15. धौलावीरा (Dholaveera) किस राज्य में स्थित है और इसकी विशेषता क्या है?
(A) राजस्थान; यहाँ से कांसे की मूर्ति मिली है
(B) गुजरात के कच्छ क्षेत्र में; शहर का त्रिवर्गीय विभाजन और हड़प्पाई लिपि में अभिलिखित वस्तुएँ
(C) हरियाणा; यहाँ से अलंकृत ईंटें मिली हैं
(D) पंजाब; यहाँ पहली बार सड़कें मिलीं
✅ उत्तर: (B) गुजरात के कच्छ क्षेत्र में; शहर का त्रिवर्गीय विभाजन और हड़प्पाई लिपि में अभिलिखित वस्तुएँ
📝 धौलावीरा गुजरात के कच्छ क्षेत्र में भचाउ तालुके में स्थित है। इसका उत्खनन 1990-91 ई० में रवीन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा किया गया था। यहाँ से शहर का त्रिवर्गीय विभाजन और हड़प्पाई लिपि में अभिलिखित वस्तुएँ मिली हैं। हाल ही में 2021 में इसे UNESCO की विश्व विरासत सूची (World Heritage List) में शामिल किया गया। यह भारत का सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल है।
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प्रश्न 16. हड़प्पा सभ्यता के सबसे बड़े हड़प्पाई स्थल क्रम से कौन-से हैं?
(A) हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, कालीबंगा, धौलावीरा
(B) मोहनजोदड़ो, गनेरीवाला, हड़प्पा, धौलावीरा, राखीगढ़ी
(C) धौलावीरा, राखीगढ़ी, कालीबंगा, लोथल, बणावली
(D) लोथल, हड़प्पा, धौलावीरा, रोपड़, मोहनजोदड़ो
✅ उत्तर: (B) मोहनजोदड़ो, गनेरीवाला, हड़प्पा, धौलावीरा, राखीगढ़ी
📝 हड़प्पा सभ्यता के सबसे बड़े हड़प्पाई स्थल क्रम से क्रमशः मोहनजोदड़ो, गनेरीवाला, हड़प्पा, धौलावीरा तथा राखीगढ़ी हैं। भारत में सबसे बड़े हड़प्पा स्थल धौलावीरा तथा राखीगढ़ी हैं। राखीगढ़ी हरियाणा के जींद जिले में स्थित है। हाल की खुदाई में राखीगढ़ी के और बड़े होने के प्रमाण मिले हैं, इसलिए कुछ विद्वान इसे भारत का सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल मानते हैं।
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प्रश्न 17. हड़प्पा सभ्यता में ताँबा (Copper) किस स्थान से प्राप्त होता था?
(A) कोलार (कर्नाटक) से
(B) खेतड़ी (राजस्थान) से
(C) बदख्शाँ (अफगानिस्तान) से
(D) बलूचिस्तान (पाकिस्तान) से
✅ उत्तर: (B) खेतड़ी (राजस्थान) से
📝 हड़प्पावासी अपनी जरूरत की विभिन्न वस्तुएँ भिन्न-भिन्न स्थलों से प्राप्त करते थे। ताँबा — खेतड़ी, राजस्थान; सोना — कोलार क्षेत्र, कर्नाटक; टिन और चाँदी — अफगानिस्तान और ईरान; सेलाखड़ी (Steatite) — बलूचिस्तान, पाकिस्तान; फिरोजा और जेड — मध्य एशिया। हड़प्पावासी एक कीमती पत्थर लाजवर्द मणि (Lapis Lazuli) का बहुतायत में प्रयोग करते थे जिसे वे बदख्शाँ (अफगानिस्तान) से प्राप्त करते थे।
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प्रश्न 18. हड़प्पा सभ्यता में ‘पशु-पूजा’ के संदर्भ में कौन-सा पशु सर्वाधिक लोकप्रिय था?
(A) घोड़ा
(B) गाय
(C) कूबडदार बैल (ककुदमान वृषभ / Humped Bull)
(D) हाथी
✅ उत्तर: (C) कूबडदार बैल (ककुदमान वृषभ / Humped Bull)
📝 हड़प्पा सभ्यता में गाय के किसी तरह के प्रमाण नहीं मिले हैं, परंतु कूबडदार बैल/ककुदमान वृषभ (Humped Bull) पशुओं में सर्वाधिक लोकप्रिय था और इसके कई प्रमाण विभिन्न पुरास्थलों से प्राप्त हुए हैं। वास्तविक पशुओं में गलकंबल युक्त डीलदार बैल (ककुदमान वृषभ), भैंसा, हाथी, गैंडा, बाघ, हिरण आदि का अंकन हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, कालीबंगा व लोथल आदि से प्राप्त मुहरों पर मिलता है।
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प्रश्न 19. मेसोपोटामिया के शासक सारगोन ने ‘मेलुहा’ (Meluhha) किसे कहा है?
(A) फारस को
(B) सिंधु क्षेत्र (हड़प्पा सभ्यता) को
(C) मिस्र को
(D) अफगानिस्तान को
✅ उत्तर: (B) सिंधु क्षेत्र (हड़प्पा सभ्यता) को
📝 मेसोपोटामिया (इराक) स्थित अक्काद के शासक सारगोन ने दावा किया है कि दिल्मुन (फारस की खाड़ी में स्थित बहरीन), मकान (मकरान, बलूचिस्तान, पाकिस्तान) और मेलुहा (सिंधु क्षेत्र) के जहाज उसके बंदरगाह पर लंगर डालते हैं। दिल्मुन को ‘सूर्योदय का क्षेत्र’, ‘साफ सुथरे नगरों वाला स्थान’ और ‘हाथियों का देश’ कहा गया है। लोथल के पूर्वी भाग में मिले पक्की ईंटों के घेरे की व्याख्या गोदीबाड़ा (Dockyard) के रूप में की गई है।
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प्रश्न 20. हड़प्पा सभ्यता में ‘योग की शाम्भवी मुद्रा’ का साक्ष्य किस स्थल से मिला है?
(A) हड़प्पा
(B) कालीबंगा
(C) मोहनजोदड़ो
(D) लोथल
✅ उत्तर: (C) मोहनजोदड़ो
📝 मोहनजोदड़ो से तिपतिया (Tripetal) अलंकरण वाले शाल ओढ़े एक खंडित पत्थर की मूर्ति के साक्ष्य मिले हैं, जिसमें व्यक्ति के बाल ऊपर की ओर संवरे व फीते से बंधे हैं। उसकी दृष्टि अर्द्धखुली व नासाग्र पर केन्द्रित है। इस मुद्रा को ‘योग की शाम्भवी मुद्रा’ कहा जाता है। मोहनजोदड़ो से ही पशुपति शिव की आकृति वाली मुहर और ‘योग की पद्मासन मुद्रा’ में बैठे पुरुष की आकृति के साक्ष्य भी मिले हैं।
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प्रश्न 21. हड़प्पा सभ्यता में मंदिरों के अस्तित्व के बारे में क्या सत्य है?
(A) प्रत्येक हड़प्पाई नगर में एक बड़ा मंदिर था
(B) धर्म के अभिन्न अंग के रूप में मंदिरों के होने के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले
(C) केवल मोहनजोदड़ो में एक मंदिर के अवशेष मिले हैं
(D) हड़प्पा में तीन मंदिरों के अवशेष मिले हैं
✅ उत्तर: (B) धर्म के अभिन्न अंग के रूप में मंदिरों के होने के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले
📝 हड़प्पा सभ्यता में धर्म के अभिन्न अंग के रूप में मंदिरों के होने के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं, जबकि समकालीन मेसोपोटामिया के उत्खननों में इस तरह के अनेक निश्चित व महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं। हड़प्पा सभ्यता में वृक्ष व नाग की पूजा के भी साक्ष्य मिलते हैं। सैंधव सभ्यता की मुहर व मृद्भाण्डों पर पीपल, बबूल, नीम, केला, ताड़, खजूर आदि पेड़ों का चित्रण मिलता है। पीपल की पूजा विशेष रूप से प्रचलित थी।
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प्रश्न 22. हड़प्पा सभ्यता का समाज किस प्रकार का था?
(A) पितृसत्तात्मक (Patriarchal)
(B) मातृसत्तात्मक (Matriarchal)
(C) सैन्य शासन आधारित
(D) ब्राह्मण प्रधान
✅ उत्तर: (B) मातृसत्तात्मक (Matriarchal)
📝 हड़प्पा सभ्यता का समाज सम्भवतः मातृसत्तात्मक समाज (Matriarchal Society) था। हड़प्पावासी मुख्यतः चार प्रजातियों से सम्बन्धित थे — भूमध्य सागरीय (Mediterranean), अल्पाईन (Alpine), मंगोलाइड (Mangoloid) और प्रोटो आस्ट्रेलॉयड (Proto-Australoid)। इनमें सर्वाधिक भूमध्य सागरीय प्रजाति के लोग निवास करते थे। सम्भवतः वहाँ पर वणिक वर्ग (Commercial Classes) के लोगों का शासन था। तलवारों और धारदार हथियारों के साक्ष्य न मिलने से यह माना जाता है कि वे शांतिप्रिय लोग थे।
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प्रश्न 23. चन्हुदड़ो (Chanhudaro) की क्या विशेषता है?
(A) यहाँ से विशाल स्नानागार मिला है
(B) शहर का कोई भी हिस्सा दुर्गीकृत नहीं है और यहाँ से दवात, लिपस्टिक और मनका बनाने का कारखाना मिला है
(C) यहाँ से कांसे की नर्तकी मिली है
(D) यहाँ से युग्म शवाधान के साक्ष्य मिले हैं
✅ उत्तर: (B) शहर का कोई भी हिस्सा दुर्गीकृत नहीं है और यहाँ से दवात, लिपस्टिक और मनका बनाने का कारखाना मिला है
📝 चन्हुदड़ो पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के बायें तट पर स्थित है। इसका उत्खनन 1931 ई० में ननी गोपाल मजूमदार द्वारा किया गया था। यहाँ से शहर का कोई भी हिस्सा दुर्गीकृत नहीं है — यह हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र ऐसा स्थल है। यहाँ से दवात (Inkpot), रंजन श्लाका (Lipstick), गुरिया या मनका (Beads) बनाने का कारखाना, कुछ ईंटों पर कुत्ते और बिल्ली के पंजों के निशान जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
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प्रश्न 24. हड़प्पा सभ्यता की सर्वाधिक मान्य तिथि (Most Widely Accepted Time Period) क्या है?
(A) 3250-2750 ई०पू० (जॉन मार्शल)
(B) 2300-1750 ई०पू० (डी०पी० अग्रवाल)
(C) 2800-2500 ई०पू० (मैके)
(D) 2500-1500 ई०पू० (व्हीलर)
✅ उत्तर: (B) 2300-1750 ई०पू० (डी०पी० अग्रवाल)
📝 हड़प्पा सभ्यता के काल निर्धारण को लेकर विभिन्न विद्वानों में मतभेद रहा है — जॉन मार्शल: 3250-2750 ई०पू०; फेयर सर्विस: 2000-1500 ई०पू०; मैके: 2800-2500 ई०पू०; व्हीलर: 2500-1500 ई०पू०। परंतु डी०पी० अग्रवाल ने 1964 ई० में हड़प्पीय संस्कृति के विभिन्न स्थलों जैसे कोटदीजी, कालीबंगा एवं लोथल से प्राप्त तिथियों के आधार पर हड़प्पीय संस्कृति की तिथि 2300-1750 ई०पू० मानी जो सर्वाधिक मान्य है।
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प्रश्न 25. 3000 ई०पू० के आस-पास हड़प्पा सभ्यता के विकास में क्या महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ?
(A) कुम्हार के चाक का आविष्कार हुआ
(B) बड़े पैमाने पर कृषक बस्तियों का निर्माण और नगरों को व्यवस्थित तरीके से बसाना शुरू हुआ
(C) मेसोपोटामिया से व्यापार शुरू हुआ
(D) लोहे का प्रयोग शुरू हुआ
✅ उत्तर: (B) बड़े पैमाने पर कृषक बस्तियों का निर्माण और नगरों को व्यवस्थित तरीके से बसाना शुरू हुआ
📝 3000 ई०पू० के आस-पास बड़े पैमाने पर कृषक बस्तियों का निर्माण प्रारंभ हुआ और मृद्भाण्ड निर्माण की क्षेत्रीय परम्पराएँ शुरू हुईं। 3000 ई०पू० के बाद मृद्भाण्ड निर्माण का क्षेत्रीय स्वरूप कमज़ोर हो गया और समरूप चरित्र सारे क्षेत्र में दिखा। नगरों को व्यवस्थित तरीकों से बसाया जाने लगा। प्रत्येक शहर को पूर्व व पश्चिम जैसे दो भागों में विभाजित कर पश्चिम को दुर्गीकृत किया जाने लगा — यही हड़प्पा सभ्यता का उद्भव था।