हड़प्पा सभ्यता Practice Set 2026 | 25 MCQs with Detailed Explanation

हड़प्पा नगर योजना और जल निकासी प्रणाली | Ancient Urban Planning

प्राचीन भारत का इतिहास भाग-07 MCQ-2026

हड़प्पा सभ्यता Practice Set 2026 | 25 MCQs with Detailed Explanation

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प्रश्न 1. हड़प्पा सभ्यता के राजनीतिक जीवन के बारे में मैके का क्या मत था?

(A) राजतंत्र
(B) प्रतिनिधि शासन
(C) पुरोहित शासन
(D) सैन्य शासन

उत्तर: (B) प्रतिनिधि शासन

📚 हड़प्पा सभ्यता के राजनीतिक स्वरूप के बारे में निश्चित जानकारी नहीं मिलती, लेकिन विद्वानों ने कुछ अनुमान लगाए हैं। **Ernest J. H. Mackay** के अनुसार मोहनजोदड़ो में प्रतिनिधि प्रकार की शासन व्यवस्था हो सकती थी। **William Wilson Hunter** ने इसे जनतंत्रात्मक माना, जबकि **Mortimer Wheeler** ने मध्यमवर्गीय जनतंत्र का विचार दिया। **Stuart Piggott** के अनुसार पुरोहित वर्ग का प्रभाव रहा होगा। हड़प्पा के लोग व्यापार में अधिक रुचि रखते थे, इसलिए कुछ इतिहासकार वणिक वर्ग के शासन की भी संभावना बताते हैं। नगरों की सुव्यवस्थित योजना और समानता से एक मजबूत केंद्रीय प्रशासन का अनुमान लगाया जाता है, जो शहरों का नियंत्रण करता था।
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प्रश्न 2. व्हीलर ने सिंधु प्रदेश के शासन को क्या कहा?

(A) राजतंत्र
(B) मध्यमवर्गीय जनतंत्र
(C) सैन्य शासन
(D) पुरोहित शासन

उत्तर: (B) मध्यमवर्गीय जनतंत्र

📚 हड़प्पा सभ्यता के शासन के बारे में स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते, इसलिए इतिहासकारों ने अलग-अलग मत दिए हैं। Mortimer Wheeler के अनुसार सिंधु क्षेत्र में मध्यमवर्गीय जनतंत्रात्मक शासन था और इस पर धर्म का प्रभाव भी था। William Wilson Hunter ने इसे जनतंत्रात्मक शासन माना। वहीं Ernest J. H. Mackay के अनुसार मोहनजोदड़ो में प्रतिनिधि शासन की व्यवस्था हो सकती थी। Stuart Piggott ने शासन में पुरोहित वर्ग के प्रभाव की बात कही। व्हीलर ने हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए आर्यों के आक्रमण सिद्धांत का भी समर्थन किया और हड़प्पा की नगर योजना के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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प्रश्न 3. हड़प्पा सभ्यता के पतन के वर्तमान शोधकर्ताओं का क्या दृष्टिकोण है?

(A) आर्य आक्रमण
(B) प्रभाव अध्ययन
(C) बाढ़
(D) मलेरिया

उत्तर: (B) प्रभाव अध्ययन

📚 हड़प्पा सभ्यता के पतन के बारे में विद्वानों में मतभेद हैं। पहले इतिहासकार इसके **एक निश्चित कारण** को खोजने का प्रयास करते थे, लेकिन आज अधिकांश विद्वान मानते हैं कि पतन का **कोई एक कारण नहीं था**। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग कारण रहे होंगे, जैसे बाढ़, नदी के मार्ग में परिवर्तन, जलवायु बदलाव या आर्थिक कमजोरी। इसलिए अब शोधकर्ता यह समझने पर अधिक ध्यान देते हैं कि **हड़प्पा सभ्यता ने बाद की भारतीय सभ्यता और संस्कृति को किस प्रकार प्रभावित किया**। यह दृष्टिकोण अधिक **वैज्ञानिक और व्यापक** माना जाता है, क्योंकि यह कई कारणों और उनके संयुक्त प्रभाव को स्वीकार करता है। 📚
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प्रश्न 4. हड़प्पा से तरबूज के बीज मिलने का क्या अर्थ है?

(A) कृषि विविधता
(B) आयात
(C) धार्मिक प्रयोग
(D) प्रिय भोजन

उत्तर: (A) कृषि विविधता

📚 हड़प्पा से **तरबूज के बीज** मिलने से पता चलता है कि वहाँ के लोग केवल गेहूँ और जौ जैसी मुख्य फसलें ही नहीं, बल्कि फल-सब्जियाँ भी उगाते थे। यह हड़प्पावासियों की **कृषि विविधता** का प्रमाण है। हड़प्पा से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं, जैसे **अन्नागार (Granary)**, **मातृदेवी की मुहर**, **शंख से बना बैल** तथा **R-37 नामक कब्रिस्तान (Cemetery R-37)**। ये साक्ष्य वहाँ के धार्मिक जीवन, शिल्पकला और दफनाने की परंपरा के बारे में जानकारी देते हैं। हड़प्पा स्थल की खोज और उत्खनन **Daya Ram Sahni** ने 1921 में किया था, जो भारतीय पुरातत्व के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। 📚
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प्रश्न 5. हड़प्पा सभ्यता में ‘अग्नि पूजा’ के साक्ष्यों की दृष्टि से कालीबंगा के साक्ष्य लोथल से क्यों श्रेष्ठ माने जाते हैं?

(A) पुराना नगर
(B) सात वेदिकाएँ
(C) मंदिर
(D) बड़ा नगर

उत्तर: (B) सात वेदिकाएँ

📚 हड़प्पा सभ्यता में **अग्नि पूजा** के प्रमाण मिलते हैं। राजस्थान में घग्घर नदी के किनारे स्थित **Kalibangan** से एक पंक्ति में **7 अग्नि-वेदिकाएँ** मिली हैं, जिनमें पशुओं की हड्डियाँ और राख पाई गई है। यह साक्ष्य संख्या और गुणवत्ता दोनों दृष्टि से गुजरात के **Lothal** से प्राप्त अग्निकुण्डों से अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कालीबंगा और लोथल दोनों स्थानों से ऐसे प्रमाण मिलने से यह स्पष्ट होता है कि **अग्नि पूजा हड़प्पावासियों के धार्मिक जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग थी**। यह उनके धार्मिक अनुष्ठानों और आस्था को दर्शाता है। 📚
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प्रश्न 6. गिलगमिश किस सभ्यता से संबंधित है?

(A) हड़प्पा
(B) मेसोपोटामिया
(C) मिस्र
(D) चीन

उत्तर: (B) मेसोपोटामिया

📚 मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक मुहर में **अर्द्ध मानव-अर्द्ध पशु आकृति** को एक **श्रृंगी बाघ से लड़ते हुए** दिखाया गया है। यह दृश्य मेसोपोटामिया की प्रसिद्ध कथा **Gilgamesh** से मिलता-जुलता माना जाता है। गिलगमिश मेसोपोटामिया की पौराणिक कथाओं का एक शक्तिशाली नायक था, जो कई राक्षसों से युद्ध करता है। इस प्रकार की समानता से इतिहासकार मानते हैं कि **Mohenjo-daro** और **Mesopotamia** के बीच सांस्कृतिक संपर्क रहा होगा। यह संपर्क संभवतः दोनों सभ्यताओं के **व्यापारिक संबंधों** के कारण विकसित हुआ, जिससे विचारों और प्रतीकों का आदान-प्रदान हुआ। 📚
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प्रश्न 7. हड़प्पाई मुहरों पर कौन-सा वृक्ष विशेष रूप से मिलता है?

(A) आम
(B) पीपल
(C) नारियल
(D) चंदन

उत्तर: (B) पीपल

📚 हड़प्पा सभ्यता के लोग **वृक्ष और नाग पूजा** में विश्वास करते थे। सैंधव मुहरों और मृद्भाण्डों पर **पीपल, बबूल, नीम, केला, ताड़ और खजूर** जैसे पेड़ों के चित्र मिलते हैं। कुछ मुहरों में **पीपल के वृक्ष को बाड़े से घिरा हुआ** दिखाया गया है, जिससे अनुमान लगाया जाता है कि पीपल को पवित्र मानकर उसकी पूजा की जाती थी। इसके साथ ही नाग से संबंधित प्रतीक भी मिलते हैं, जो नाग पूजा की परंपरा का संकेत देते हैं। इतिहासकारों के अनुसार यह परंपरा बाद की भारतीय संस्कृति में भी जारी रही, और आज भी हिंदू धर्म में **पीपल के वृक्ष की पूजा** की परंपरा प्रचलित है। 📚
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प्रश्न 8. हड़प्पा सभ्यता में मंदिरों के बारे में क्या प्रमाण है?

(A) हर नगर में मंदिर
(B) स्पष्ट प्रमाण नहीं
(C) केवल मोहनजोदड़ो
(D) सभी स्थलों पर

उत्तर: (B) स्पष्ट प्रमाण नहीं

📚 हड़प्पा सभ्यता में धर्म का महत्वपूर्ण स्थान था, लेकिन **मंदिरों के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं**। उत्खननों में अब तक ऐसा कोई निश्चित अवशेष नहीं मिला जो मंदिर होने की पुष्टि करता हो। इस तथ्य का उल्लेख इतिहासकारों ने विशेष रूप से किया है, जिससे इसका महत्व स्पष्ट होता है। इसके विपरीत समकालीन **Mesopotamia** के उत्खननों में अनेक भव्य मंदिरों और धार्मिक भवनों के प्रमाण मिले हैं। इसलिए यह **Indus Valley Civilization** और मेसोपोटामिया सभ्यता के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर माना जाता है। यही तथ्य **UPSC 2006 और 2018** की परीक्षाओं में भी पूछा जा चुका है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। 📚
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प्रश्न 9. लोथल के कब्रिस्तान से क्या साक्ष्य मिला?

(A) सोना
(B) बकरी हड्डी
(C) मूर्ति
(D) मुहर

उत्तर: (B) बकरी हड्डी

📚 लोथल के एक कब्रिस्तान से **बकरी की हड्डियाँ** मिली हैं, जबकि **Ropar** में एक व्यक्ति के शव के साथ **कुत्ते को भी दफनाने** के प्रमाण मिले हैं। इन साक्ष्यों से पता चलता है कि हड़प्पावासी कभी-कभी **पशुओं को मनुष्यों के साथ दफनाते थे**। इसके अलावा **Lothal** से **युग्म शवाधान (Joint Burial)** तथा **मम्मी जैसे अवशेष** मिलने की भी जानकारी मिलती है। इसी प्रकार कश्मीर के **Burzahom** से भी शव के साथ पशु दफनाने के प्रमाण मिले हैं। ये साक्ष्य उस समय की **दफनाने की परंपरा और धार्मिक विश्वासों** को दर्शाते हैं। 📚
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प्रश्न 10. हड़प्पा शासन व्यवस्था के अच्छे होने का प्रमाण क्या है?

(A) महल
(B) नगर योजना
(C) सेना
(D) आदेश

उत्तर: (B) नगर योजना

📚 हड़प्पा सभ्यता में **संगठित और सुव्यवस्थित शासन व्यवस्था** के प्रमाण मिलते हैं। नगरों में **सीधी और योजनाबद्ध सड़कों**, पक्की **नालियों द्वारा जल निकास**, तथा सुव्यवस्थित **नगर योजना** से स्पष्ट होता है कि प्रशासन काफी विकसित था। इन व्यवस्थाओं से यह अनुमान लगाया जाता है कि शासक वर्ग का जनजीवन पर **मजबूत नियंत्रण** था। साथ ही उत्खननों में युद्ध या बड़े संघर्ष के अधिक प्रमाण नहीं मिलते, जिससे पता चलता है कि वहाँ के लोग लंबे समय तक **शांतिपूर्ण और स्थिर जीवन** जीते थे। यह हड़प्पा सभ्यता के **संगठित सामाजिक और प्रशासनिक ढाँचे** का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है। 📚
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प्रश्न 11. धौलावीरा का उत्खनन किसने किया?

(A) साहनी
(B) बिष्ट
(C) लाल
(D) राव

उत्तर: (B) बिष्ट

📚 **Dholavira** का उत्खनन **1990–91** में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् **Ravindra Singh Bisht** द्वारा किया गया था। उल्लेखनीय है कि **Banawali** का उत्खनन भी 1973 में रवीन्द्र सिंह बिष्ट ने ही किया था। धौलावीरा गुजरात के **कच्छ क्षेत्र के भचाउ तालुका** में स्थित है। यहाँ से नगर का **त्रिवर्गीय विभाजन (ऊपरी नगर, मध्य नगर और निचला नगर)** तथा **हड़प्पाई लिपि वाले अभिलेख** मिले हैं। वर्ष **2021 में UNESCO** ने धौलावीरा को **विश्व विरासत सूची** में शामिल किया। यह भारत में **सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल** माना जाता है, इसलिए इतिहास में इसका विशेष महत्व है। 📚
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प्रश्न 12. कालीबंगा का उत्खनन किसने किया था?

(A) साहनी
(B) बनर्जी
(C) ब्रजवासी लाल
(D) मजूमदार

उत्तर: (C) ब्रजवासी लाल

📚**Kalibangan** का उत्खनन **1961 ई.** में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् **Braj Basi Lal** द्वारा किया गया था। यह स्थल राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में **घग्घर नदी के किनारे** स्थित है और हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहाँ के उत्खनन से पता चलता है कि नगर के दोनों भाग अलग-अलग **रक्षा प्राचीरों** से घिरे हुए थे, जिससे नगर की सुरक्षा व्यवस्था का अनुमान होता है। कालीबंगा से **अलंकृत ईंटों (सजावटी ईंटों)** के साक्ष्य भी मिले हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ **एक कतार में 7 अग्नि-वेदिकाएँ**, **युग्म शवाधान (दो शवों को साथ दफनाने की परंपरा)** तथा **पेड़ के तनों को खोखला कर नाली के रूप में उपयोग** करने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। ये सभी साक्ष्य कालीबंगा की उन्नत **नगर योजना, धार्मिक विश्वास और तकनीकी कौशल** को दर्शाते हैं, जिससे इसका इतिहास में विशेष महत्व सिद्ध होता है। 📚
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प्रश्न 13. बणावली का उत्खनन किसने किया था?

(A) बिष्ट
(B) लाल
(C) राव
(D) शर्मा

उत्तर: (A) बिष्ट

📚 बणावली का उत्खनन 1973 ई. में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् रवींद्र सिंह बिष्ट द्वारा किया गया था। बणावली हरियाणा के हिसार जिले में लुप्त सरस्वती नदी के किनारे स्थित है और यह हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख स्थल माना जाता है। यहाँ से उत्खनन में मिट्टी से बना खिलौना हल (Terracotta Plough), बैलगाड़ी के पहियों के निशान और उत्तम किस्म का जौ के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो उस समय की कृषि और जीवन शैली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। रवींद्र सिंह बिष्ट ने इसके अलावा धौलावीरा का उत्खनन 1990–91 में भी किया था। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर उत्खनन वर्ष और उत्खननकर्ता को मिलाने के प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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प्रश्न 14. लोथल का उत्खनन किसने किया था?

(A) दयाराम साहनी
(B) श्री रंगनाथ राव
(C) ब्रजवासी लाल
(D) ननी गोपाल मजूमदार

उत्तर: (B) राव

📚 **लोथल** का उत्खनन **1954 ई.** में पुरातत्वविद् **श्री रंगनाथ राव** द्वारा किया गया था। लोथल गुजरात के **काठियावाड़ क्षेत्र, अहमदाबाद जिले, खंभात की खाड़ी में भोगवा नदी के किनारे** स्थित है और इसे हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह स्थल माना जाता है। यहाँ से उत्खनन में **बंदरगाह (Dockyard), फारस की मुहरें, धान की भूसी, युग्म शवाधान, अग्निकुण्ड और पंचतंत्र की लोमड़ी जैसा चित्रण** जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। लोथल को इसकी विशेषताओं के कारण कभी-कभी **‘लघु हड़प्पा’ या ‘लघु मोहनजोदड़ो’** भी कहा जाता है। ये साक्ष्य उस समय के **व्यापार, धार्मिक और सामाजिक जीवन** के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। 📚
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प्रश्न 15. रोपड़ का उत्खनन किसने किया था?

(A) दयाराम साहनी
(B) राखाल दास बनर्जी
(C) यज्ञदत्त शर्मा
(D) श्री रंगनाथ राव

उत्तर: (C) यज्ञदत्त शर्मा

📚 **रोपड़** का उत्खनन **1953 ई.** में पुरातत्वविद् **यज्ञदत्त शर्मा** द्वारा किया गया था। रोपड़ भारत के **पंजाब प्रांत, रूपनगर जिले में सतलज नदी के बायें तट** पर स्थित है। यह आजादी के बाद भारत में खोजा गया **प्रथम हड़प्पाई पुरास्थल** माना जाता है। यहाँ से उत्खनन में एक कब्र मिली, जिसमें **मालिक के शव के साथ कुत्ते को दफन किए जाने** के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। यह स्थल हड़प्पा सभ्यता के **धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों** को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर **उत्खनन वर्ष, उत्खननकर्ता और स्थान** को मिलाने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। 📚
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प्रश्न 16. चन्हुदड़ो का उत्खनन किस वर्ष और किसने किया?

(A) 1921; दयाराम साहनी
(B) 1922; राखाल दास बनर्जी
(C) 1931; ननी गोपाल मजूमदार
(D) 1953; यज्ञदत्त शर्मा

उत्तर: (C) 1931; ननी गोपाल मजूमदार

📚 **चन्हुदड़ो** का उत्खनन **1931 ई.** में पुरातत्वविद् **ननी गोपाल मजूमदार** द्वारा किया गया था। यह स्थल पाकिस्तान के **सिंध प्रांत में सिंधु नदी के बायें तट** पर स्थित है। चन्हुदड़ो की विशेषता यह है कि यहाँ का **कोई भी हिस्सा दुर्गीकृत नहीं था**, यानी नगर में किसी प्रकार की रक्षा प्राचीर नहीं थी। यहाँ से उत्खनन में **दवात (Inkpot), रंजन श्लाका (Lipstick), मनका बनाने का कारखाना** और **ईंटों पर कुत्ते-बिल्ली के पंजों के निशान** जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। ये सभी साक्ष्य उस समय के **व्यावसायिक और सामाजिक जीवन** के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर **चन्हुदड़ो के विशेष साक्ष्य** से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। 📚
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प्रश्न 17. हड़प्पाई धर्म में किस देवता की उपासना ‘योग’ से जोड़ी जाती है?

(A) मातृदेवी
(B) पशुपति शिव
(C) नाग देवता
(D) सूर्य देव

उत्तर: (B) पशुपति शिव

📚 हड़प्पावासियों को **योग में विश्वास** था। मोहनजोदड़ो से प्राप्त **पशुपति शिव** की आकृति वाली मुहर में एक त्रिमुखी पुरुष को **पद्मासन मुद्रा** में बैठा दिखाया गया है। इसके अतिरिक्त मोहनजोदड़ो से **शाम्भवी मुद्रा में योग करते हुए मूर्ति** भी मिली है। चूँकि ऋग्वेद में योग की मुद्राओं का कोई उल्लेख नहीं मिलता, इसलिए यह माना जाता है कि **योग की परंपरा हड़प्पाई सभ्यता या गैर-आर्य लोगों** से उत्पन्न हुई। ये साक्ष्य हड़प्पा सभ्यता की **धार्मिक और आध्यात्मिक प्रथाओं** के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। 📚
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प्रश्न 18. हड़प्पा सभ्यता में ‘नाग पूजा’ के साक्ष्य किस रूप में मिलते हैं?

(A) नाग मूर्तियाँ
(B) मुहरों व मृद्भाण्डों पर चित्र
(C) नाग मंदिर
(D) लिखित साक्ष्य

उत्तर: (B) मुहरों व मृद्भाण्डों पर चित्र

📚 हड़प्पावासी **वृक्ष और नाग** की पूजा भी किया करते थे। सैंधव सभ्यता की **मुहरों और मृद्भाण्डों** पर वृक्षों के साथ-साथ नाग का चित्रण मिलता है। यह परंपरा आज भी **हिंदू धर्म** में जारी है, जैसे **नाग पंचमी** का पर्व इसका प्रमाण है। हड़प्पाकालीन धार्मिक विश्वासों में **मातृदेवी, शिव, लिंग-योनि, वृक्ष और नाग पूजा** जैसी परवर्ती हिंदू धर्म की अनेक विशेषताएँ शामिल थीं। ये साक्ष्य हड़प्पा सभ्यता की **धार्मिक प्रथाओं और सांस्कृतिक निरंतरता** को दर्शाते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। 📚
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प्रश्न 19. हड़प्पा सभ्यता में ‘आंशिक समाधिकरण’ विधि में क्या किया जाता था?

(A) शव जलाना
(B) पशुओं द्वारा खाने के बाद अस्थि दफन
(C) नदी में प्रवाह
(D) मोम संरक्षण

उत्तर: (B) पशुओं द्वारा खाने के बाद अस्थि दफन

📚 हड़प्पावासियों की अंतिम संस्कार की दूसरी विधि **’आंशिक समाधिकरण’** थी, जिसमें शव को **खुले आसमान के नीचे** रखा जाता था। यहाँ चील, कौआ, गिद्ध आदि शव के मांस को खाने के बाद **अवशिष्ट हड्डियाँ और अन्य अवशेषों** को समाधि में दफन कर दिया जाता था। यह विधि पारसी धर्म की **‘दखमा’ (Tower of Silence)** परंपरा से मिलती-जुलती है। इसके अलावा तीसरी विधि **दाह संस्कार** थी, जिसमें शव को **जलाया जाता था**। इन तीनों विधियों में **पूर्ण समाधिकरण** सबसे अधिक प्रचलित था। यह जानकारी हड़प्पा सभ्यता की **धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं** को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। 📚
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प्रश्न 20. हड़प्पावासियों का जीवन लंबे समय तक शांतिपूर्ण रहा — यह किसका प्रमाण है?

(A) शक्तिशाली सेना
(B) अच्छी शासन व्यवस्था
(C) युद्ध कौशल
(D) कमजोर पड़ोसी

उत्तर: (B) अच्छी शासन व्यवस्था

📚 हड़प्पा सभ्यता में **शासन व्यवस्था बहुत अच्छी** थी। सड़कों की सुव्यवस्था, नालियों द्वारा जल निकास की उत्तम व्यवस्था, नगर योजना और शांतिपूर्ण जीवन इसके स्पष्ट प्रमाण हैं। इससे यह पता चलता है कि **शासक वर्ग का जनजीवन पर सख्त नियंत्रण** था और लोग **विप्लव तथा अशांति से मुक्त** रहे। हड़प्पा समाज में **धारदार हथियारों की अनुपस्थिति** भी उनके शांतिप्रिय स्वभाव का प्रमाण है। इन सभी साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि हड़प्पा सभ्यता में **संगठित और स्थिर सामाजिक जीवन** रहा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य हैं। 📚
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प्रश्न 21. लोथल और सुरकोतड़ा की नगर योजना में क्या विशेषता है जो उन्हें अन्य हड़प्पाई स्थलों से अलग करती है?

(A) दुर्ग नहीं
(B) एक ही रक्षा प्राचीर
(C) तीन भाग
(D) कच्ची ईंटें

उत्तर: (B) एक ही रक्षा प्राचीर

📚 **लोथल और सुरकोतड़ा** हड़प्पाई स्थलों में विशेष हैं क्योंकि इन दोनों में **शहर के दोनों हिस्से एक ही रक्षा प्राचीर** से घिरे हुए थे। इसके विपरीत, **कालीबंगा** में दुर्ग और निचला आवासीय हिस्सा अलग-अलग रक्षा प्राचीरों से सुरक्षित थे। वहीं, **चन्हुदड़ो** में नगर का कोई भी हिस्सा दुर्गीकृत नहीं था। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में **पश्चिमी भाग दुर्गीकृत और पूर्वी भाग सामान्य आवासीय** होता था। यह भिन्न-भिन्न संरचना **हड़प्पाई नगर नियोजन की मानक विशेषता** को दर्शाती है और प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर इसका उल्लेख आता है। 📚
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प्रश्न 22. हड़प्पावासी ‘पशु-पूजा’ किया करते थे — इसका प्रमाण किस रूप में मिलता है?

(A) पशु मंदिर
(B) मुहरों पर पशु अंकन
(C) लिखित ग्रंथ
(D) विशाल मूर्तियाँ

उत्तर: (B) मुहरों पर पशु अंकन

📚 आज की भाँति ही हड़प्पावासी पशु-पूजा भी किया करते थे। मुहरों पर गलकम्बल युक्त डीलदार बैल (ककुदमान वृषभ), भैंसा, हाथी, गैंडा, बाघ, हिरण आदि का अंकन हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, कालीबंगा व लोथल से प्राप्त मुहरों पर मिलता है। पशुपति शिव की मुहर में भी चारों ओर पशुओं का अंकन है जो पशु-पूजा की परंपरा को दर्शाता है। सामान्य पशुओं में कूबडदार बैल (Humped Bull) सर्वाधिक लोकप्रिय था।
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प्रश्न 23.हड़प्पा सभ्यता में ‘नाग पूजा’ और ‘वृक्ष पूजा’ को किस धर्म की विशेषता से जोड़ा जाता है?

(A) बौद्ध धर्म
(B) परवर्ती हिंदू धर्म
(C) इस्लाम
(D) जैन धर्म

उत्तर: (B) परवर्ती हिंदू धर्म

📚 हड़प्पाकालीन धार्मिक विश्वासों में **परवर्ती हिंदू धर्म** की कई विशेषताएँ दिखाई देती हैं। इसमें **मातृदेवी की उपासना, पशुपति शिव, लिंग-योनि पूजन, वृक्ष पूजा (विशेषकर पीपल), नाग पूजा और अग्नि पूजा** प्रमुख हैं, जो आज भी हिंदू धर्म में प्रचलित हैं। इन साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि **हड़प्पा सभ्यता परवर्ती भारतीय संस्कृति और धर्म की जननी** थी। यह हड़प्पा सभ्यता और हिंदू धर्म के बीच **सांस्कृतिक और धार्मिक निरंतरता** का प्रमाण देती है और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य मानी जाती है। 📚
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प्रश्न 24. हड़प्पा से प्राप्त मुहर में स्त्री आकृति का विशेष चित्रण क्या है?

(A) नृत्य करती
(B) प्रार्थना करती
(C) गर्भ से पौधा
(D) योग मुद्रा

उत्तर: (C) गर्भ से पौधा

📚 हड़प्पा से प्राप्त **आयताकार और लेखयुक्त मुहर** में एक **स्त्री आकृति सिर के बल खड़ी** दिखाई देती है, जिसके **गर्भ से पौधा निकल रहा** है। यह साक्ष्य हड़प्पावासियों द्वारा **मातृदेवी को ‘वनस्पति देवी’** के रूप में पूजने का प्रमाण है। यह मुहर **हड़प्पाई धर्म की सबसे विशिष्ट कलाकृतियों** में से एक मानी जाती है और **UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं** में कई बार इसका उल्लेख आया है। इसे देखकर हड़प्पा सभ्यता की **धार्मिक आस्थाओं और कला की उन्नति** का अंदाजा लगाया जा सकता है। 📚
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प्रश्न 25. हड़प्पा सभ्यता में ‘शंख उद्योग’ के विकास का साक्ष्य कब से मिलता है?

(A) 7000 ई०पू०
(B) 5000 ई०पू०
(C) 3500 ई०पू०
(D) 2500 ई०पू०

उत्तर: (C) 3500 ई०पू०

📚 लगभग **3500 ईसा पूर्व** के समय हड़प्पा सभ्यता में **कुम्हार का चाक** प्रयोग में आया और बड़े पैमाने पर **मृद्भाण्ड निर्माण** शुरू हुआ। इसी दौर में **शंख, सीपी, फिरोजा और लाजवर्दमणि** जैसे उद्योग-धंधों का विकास भी हुआ। हड़प्पा से प्राप्त **शंख का बना बैल** इस उद्योग की प्रगति का स्पष्ट प्रमाण है। 3500 ईसा पूर्व से ही **विभिन्न शिल्प और उद्योगों** का विकास हड़प्पा सभ्यता के **क्रमिक उद्भव और सांस्कृतिक उन्नति** का महत्वपूर्ण चरण साबित होता है। यह तथ्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 📚

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