हड़प्पा सभ्यता के टॉप MCQs | पतन, शासन, नगर योजना (Exam Special)

हड़प्पा सभ्यता MCQs ब्लॉग इमेज, पतन और शासन से जुड़े प्रश्न

प्राचीन भारत का इतिहास भाग-06 MCQ-2026

हड़प्पा सभ्यता के टॉप MCQs | पतन, शासन, नगर योजना (Exam Special)

Real Education Factory


प्रश्न 1: हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए ‘जलवायविक परिवर्तन’ का सिद्धांत किसने दिया?

(A) व्हीलर
(B) ऑरेल स्टाइन
(C) जॉन मार्शल
(D) कैनेडी

उत्तर: (B) ऑरेल स्टाइन

📚 हड़प्पा सभ्यता के पतन के बारे में इतिहासकारों ने अलग-अलग कारण बताए हैं। Mortimer Wheeler के अनुसार इसका कारण आर्यों का आक्रमण था। John Marshall ने प्रशासनिक शिथिलता को जिम्मेदार माना। Aurel Stein ने जलवायु परिवर्तन को कारण बताया। Kenneth A. R. Kennedy के अनुसार मलेरिया जैसी बीमारियाँ भी कारण हो सकती हैं। वहीं Robert Raikes और George F. Dales ने भूतात्विक परिवर्तन और बाढ़ को महत्वपूर्ण कारण माना। वास्तव में अधिकतर इतिहासकार मानते हैं कि हड़प्पा सभ्यता का पतन किसी एक कारण से नहीं, बल्कि प्राकृतिक और सामाजिक कारणों के संयुक्त प्रभाव से हुआ। यह विषय UPSC सहित कई परीक्षाओं में पूछा जाता है।
Real Education Factory


प्रश्न 2: हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए ‘भूतात्विक परिवर्तन’ का सिद्धांत किसने दिया?

(A) मैके
(B) जॉन मार्शल
(C) डेल्स
(D) ऑरेल स्टाइन

उत्तर: (C) डेल्स

📚 हड़प्पा सभ्यता के पतन के बारे में अलग-अलग विद्वानों ने विभिन्न कारण बताए हैं। George F. Dales ने भूतात्विक परिवर्तन (Tectonic Changes) को कारण माना। Ernest J. H. Mackay ने बाढ़ को प्रमुख कारण बताया। Mortimer Wheeler के अनुसार आर्यों का आक्रमण इसका कारण था, जबकि John Marshall ने प्रशासनिक शिथिलता को जिम्मेदार माना। Aurel Stein ने जलवायु परिवर्तन और Kenneth A. R. Kennedy ने मलेरिया को कारण बताया। वर्तमान में इतिहासकार मानते हैं कि हड़प्पा सभ्यता का पतन किसी एक कारण से नहीं हुआ, बल्कि कई प्राकृतिक और सामाजिक कारणों के संयुक्त प्रभाव से हुआ होगा।
हड़प्पा सभ्यता Part-4 UPSC/SSC/UPPSC के लिए 25 Expected MCQs 2026
हड़प्पा सभ्यता Part-4 से जुड़े 25 धमाकेदार MCQs 2026
Real Education Factory


प्रश्न 3: हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए ‘बाढ़’ का सिद्धांत किसने दिया?

(A) व्हीलर
(B) डेल्स
(C) मैके
(D) कैनेडी

उत्तर: (C) मैके

✍️ हड़प्पा सभ्यता के पतन के बारे में अलग-अलग विद्वानों ने विभिन्न कारण बताए हैं। Ernest J. H. Mackay के अनुसार इसका मुख्य कारण बाढ़ था। Mortimer Wheeler ने आर्यों के आक्रमण को कारण माना। John Marshall ने प्रशासनिक शिथिलता को जिम्मेदार बताया। Aurel Stein ने जलवायु परिवर्तन और Kenneth A. R. Kennedy ने मलेरिया को कारण बताया। वहीं George F. Dales ने भूतात्विक परिवर्तन का सिद्धांत दिया। वास्तव में इतिहासकार मानते हैं कि हड़प्पा सभ्यता का पतन किसी एक कारण से नहीं, बल्कि अलग-अलग प्राकृतिक और सामाजिक कारणों के संयुक्त प्रभाव से हुआ होगा।
Real Education Factory


प्रश्न 4: हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए ‘प्रशासनिक शिथिलता’ का सिद्धांत किसने दिया?

(A) व्हीलर
(B) जॉन मार्शल
(C) ऑरेल स्टाइन
(D) डेल्स

उत्तर: (B) जॉन मार्शल

✍️ हड़प्पा सभ्यता के पतन के विषय में इतिहासकारों ने अलग-अलग मत दिए हैं। जॉन मार्शल के अनुसार इसका मुख्य कारण प्रशासनिक शिथिलता था। उनका मानना था कि समय के साथ शासन व्यवस्था कमजोर हो गई, जिससे नगरों का नियंत्रण और व्यवस्था बिगड़ने लगी और सभ्यता धीरे-धीरे पतन की ओर बढ़ गई। हालांकि आधुनिक विद्वान मानते हैं कि हड़प्पा सभ्यता के पतन का कोई एक निश्चित कारण नहीं था। अलग-अलग स्थानों पर इसके पतन के कारण भी भिन्न हो सकते थे। इसलिए आज शोधकर्ता यह भी अध्ययन कर रहे हैं कि इस सभ्यता का प्रभाव बाद की भारतीय सभ्यताओं पर किस प्रकार पड़ा।
Real Education Factory


प्रश्न 5: हड़प्पा सभ्यता के राजनीतिक जीवन के बारे में हण्टर महोदय का क्या मत था?

(A) राजतंत्र
(B) जनतंत्र
(C) पुरोहित शासन
(D) सैन्य शासन

उत्तर: (B) जनतंत्र

✍️ हड़प्पा सभ्यता का राजनीतिक जीवन इतिहासकारों के बीच आज भी विवाद का विषय है। हंटर के अनुसार मोहनजोदड़ो की शासन व्यवस्था राजतंत्र नहीं बल्कि जनतंत्रात्मक थी। मैके ने इसे प्रतिनिधि शासन माना। वहीं व्हीलर के मत में यहाँ मध्यमवर्गीय जनतंत्र था, जिस पर धर्म का प्रभाव भी दिखाई देता है। स्टुअर्ट पिग्गट का मानना था कि पुरोहित वर्ग का शासन में प्रभाव रहा होगा। कुल मिलाकर कई विद्वान यह अनुमान लगाते हैं कि हड़प्पा सभ्यता का शासन संभवतः व्यापार-उन्मुख वणिक (व्यापारी) वर्ग के हाथों में रहा होगा, क्योंकि उस समय व्यापार और नगर जीवन काफी विकसित था।
Real Education Factory


प्रश्न 6. स्टुअर्ट पिग्गट के अनुसार हड़प्पा सभ्यता के शासन पर किस वर्ग का प्रभाव था?

(A) वणिक वर्ग
(B) सैन्य वर्ग
(C) पुरोहित वर्ग
(D) कृषक वर्ग

उत्तर: (C) पुरोहित वर्ग

✍️ हड़प्पा सभ्यता की राजनीतिक व्यवस्था आज भी इतिहासकारों के बीच विवाद का विषय है। स्टुअर्ट पिग्गट के अनुसार सिंधु क्षेत्र के शासन पर पुरोहित वर्ग का प्रभाव था। व्हीलर ने इसे मध्यमवर्गीय जनतंत्रात्मक शासन बताया और इस पर धर्म के प्रभाव को स्वीकार किया। मैके के अनुसार यह प्रतिनिधि शासन प्रणाली थी, जबकि हण्टर ने इसे जनतंत्रात्मक व्यवस्था माना। वास्तव में हड़प्पा निवासी व्यापार की ओर अधिक आकर्षित थे, इसलिए कुछ विद्वान शासन में वणिक (व्यापारी) वर्ग की भूमिका का भी अनुमान लगाते हैं। इस कारण हड़प्पा काल की राजनीतिक व्यवस्था आज भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
Real Education Factory


प्रश्न 7. हड़प्पा सभ्यता में ‘केंद्रीय शक्ति’ के अस्तित्व का क्या प्रमाण है?

(A) राजमहल
(B) नगर समरूपता
(C) सिक्के
(D) भाषा

उत्तर: (B) नगर समरूपता

✍️ हड़प्पा सभ्यता के नगरों की योजना में आश्चर्यजनक समानता दिखाई देती है। ये नगर एक-दूसरे से काफी दूर स्थित थे, फिर भी उनकी सड़कों की बनावट, जल निकासी व्यवस्था और भवन निर्माण में लगभग एक जैसी योजना मिलती है। इससे इतिहासकार अनुमान लगाते हैं कि इस सभ्यता का प्रशासन किसी केंद्रीय शक्ति के नियंत्रण में रहा होगा। भवनों के निर्माण में मिली समानता से यह भी संभावना व्यक्त की जाती है कि उस समय नगरपालिका या नगर निगम जैसी कोई स्थानीय प्रशासनिक संस्था मौजूद रही होगी। यह तथ्य हड़प्पा सभ्यता के संगठित और सुव्यवस्थित प्रशासन का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है।
Real Education Factory


प्रश्न 8. हड़प्पा सभ्यता में ‘नगर पालिका’ जैसी संस्था के अनुमान का आधार क्या है?

(A) दस्तावेज
(B) भवन समरूपता
(C) भवन अवशेष
(D) लिपि उल्लेख

उत्तर: (B) भवन समरूपता

✍️ **हड़प्पा सभ्यता में नगर योजना और प्रशासन** अत्यंत व्यवस्थित था। भवनों के निर्माण में मिली आश्चर्यजनक समानता से यह संभावना व्यक्त की जाती है कि वहाँ **नगर पालिका या नगर निगम (Municipality)** जैसी कोई संस्था रही होगी। संभव है कि लोग किसी निश्चित **नक्शे के अनुसार ही भवन निर्माण** करते रहे हों। इसके अलावा सड़कों की सीधी और सुव्यवस्थित बनावट, नालियों की उत्कृष्ट जल निकासी व्यवस्था तथा शांतिपूर्ण जीवन के प्रमाण यह दर्शाते हैं कि उस समय **शासन व्यवस्था मजबूत और सुव्यवस्थित** थी। इससे यह भी संकेत मिलता है कि शासक वर्ग का जनजीवन और नगर व्यवस्था पर अच्छा नियंत्रण था। 🏛️📜
Real Education Factory


प्रश्न 9. हड़प्पा स्थल के पश्चिमी दुर्गीकृत भाग को ‘माउन्ट-AB’ नाम किसने दिया?

(A) जॉन मार्शल
(B) दयाराम साहनी
(C) व्हीलर
(D) बनर्जी

उत्तर: (C) व्हीलर

✍️ **हड़प्पा स्थल के पश्चिमी दुर्गीकृत भाग** को प्रसिद्ध पुरातत्वविद् **सर मार्टिमर व्हीलर** ने **“माउन्ट-AB”** नाम दिया था। हड़प्पा के सामान्य बस्ती क्षेत्र के दक्षिण में **R-37 (Cemetery R-37)** नामक एक प्रमुख **समाधि स्थल** भी मिला है, जहाँ से कई कब्रें प्राप्त हुई हैं। हड़प्पा से **अन्नागार (Granary House)** के अवशेष भी मिले हैं, जो अनाज भंडारण की विकसित व्यवस्था को दर्शाते हैं। इसके अलावा यहाँ से **तरबूज के बीज**, **सिर के बल खड़ी स्त्री के गर्भ से पौधा निकलती हुई आकृति वाली मुहर** तथा **शंख से बना बैल** जैसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। ये सभी तथ्य हड़प्पा सभ्यता की उन्नत संस्कृति और जीवन शैली को दर्शाते हैं। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 10. हड़प्पा से प्राप्त ‘R-37 (Cemetery R-37)’ क्या है?

(A) व्यापार केंद्र
(B) समाधि स्थल
(C) धार्मिक स्थल
(D) अनाज भंडार

उत्तर: (B) समाधि स्थल

✍️ **हड़प्पा स्थल** से कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसके सामान्य बस्ती क्षेत्र के दक्षिण में **R-37 (Cemetery R-37)** नामक एक प्रमुख **समाधि स्थल** मिला है। हड़प्पा के पश्चिमी दुर्गीकृत भाग को **सर मार्टिमर व्हीलर** ने **“माउन्ट-AB”** नाम दिया। यहाँ से **अन्नागार (Granary House)**, **तरबूज के बीज**, **मातृदेवी की मुहर** तथा **शंख से बना बैल** जैसे महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं। हड़प्पा का उत्खनन **1921 में जॉन मार्शल के नेतृत्व में दयाराम साहनी** द्वारा किया गया था, जिससे इस प्राचीन सभ्यता के कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 11. मोहनजोदड़ो से प्राप्त ‘अन्नागार’ (Granary House) का क्या महत्व है?

(A) धार्मिक स्थल
(B) अनाज भंडारण केंद्र
(C) मुद्रा निर्माण
(D) आवासीय भवन

उत्तर: (B) अनाज भंडारण केंद्र

✍️ **मोहनजोदड़ो और हड़प्पा** दोनों स्थलों से **अन्नागार (Granary House)** के अवशेष प्राप्त हुए हैं। यह स्थान अनाज को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग किया जाता था और प्रशासनिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। अन्नागार की उपस्थिति से पता चलता है कि हड़प्पावासियों के पास **कृषि उत्पादन को संग्रहित करने की विकसित व्यवस्था** थी और संभवतः इसका नियंत्रण **केंद्रीय प्रशासन** के हाथों में था। इसके अतिरिक्त **मोहनजोदड़ो** से **सूती कपड़े के अवशेष**, **बेलनाकार मुहरें**, प्रसिद्ध **कांसे की नर्तकी की मूर्ति** तथा **पशुपति शिव की मुहर** जैसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं, जो इस सभ्यता की उन्नत संस्कृति को दर्शाते हैं। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 12. मोहनजोदड़ो से प्राप्त ‘सूती कपड़े का साक्ष्य’ क्या दर्शाता है?

(A) आयात वस्त्र
(B) कपास खेती
(C) धार्मिक उपयोग
(D) आर्य प्रभाव

उत्तर: (B) कपास खेती

✍️ **मोहनजोदड़ो** से **सूती कपड़े का एक टुकड़ा (A piece of woven cloth)** प्राप्त हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि **हड़प्पावासी कपास की खेती करते थे और वस्त्र निर्माण में निपुण थे**। इतिहासकारों के अनुसार **विश्व में सबसे पहले कपास की खेती हड़प्पा सभ्यता में ही शुरू हुई थी**। इसी कारण **यूनानियों ने कपास को “सिन्डन (Sindon)”** नाम से पुकारा। मोहनजोदड़ो का **उत्खनन 1922 में राखाल दास बनर्जी** द्वारा किया गया था। यह तथ्य **UPSC सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं** में अक्सर पूछा जाता है। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 13. मोहनजोदड़ो से प्राप्त ‘कांसे की नर्तकी’ की विशेषता क्या है?

(A) दोनों हाथ ऊपर
(B) हाथ कूल्हे पर
(C) प्रणाम मुद्रा
(D) नृत्य मुद्रा

उत्तर: (B) हाथ कूल्हे पर

✍️ **मोहनजोदड़ो** से प्राप्त **कांसे की नर्तकी की मूर्ति (Bronze Dancing Girl)** हड़प्पा सभ्यता की प्रसिद्ध कलाकृतियों में से एक है। इस मूर्ति में **दाहिना हाथ कूल्हे पर टिका हुआ** है, जबकि **बायाँ हाथ चूड़ियों (Bangles) से भरा हुआ** दिखाया गया है। यह मूर्ति **द्रवी मोम विधि या मधुच्छिष्ट विधि (Lost Wax Method)** से बनाई गई थी, जो उस समय की उन्नत **धातु-कला और शिल्प कौशल** का प्रमाण है। यह कलाकृति हड़प्पावासियों की कलात्मक प्रतिभा को दर्शाती है। यह तथ्य **UPSC 2012, 2018 सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं** में पूछा जा चुका है। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 14. मोहनजोदड़ो से प्राप्त ‘बेलनाकार मुहरों’ का क्या महत्व है?

(A) धार्मिक उपयोग
(B) व्यापार प्रमाण
(C) सोने की मुहर
(D) हड़प्पा लिपि

उत्तर: (B) व्यापार प्रमाण

✍️ मोहनजोदड़ो से मेसोपोटामिया मूल की बेलनाकार मुहरें (Cylindrical Seals) प्राप्त हुई हैं, जो हड़प्पा और मेसोपोटामिया के बीच घनिष्ठ व्यापारिक संबंधों का प्रमाण देती हैं। इसी प्रकार लोथल से फारसी मोहरें (Persian Seals) भी मिली हैं, जो बाहरी क्षेत्रों से संपर्क को दर्शाती हैं। इसके अलावा मेसोपोटामिया के शासक सारगोन ने भी अपने अभिलेखों में मेलुहा (सिंधु क्षेत्र) से आने वाले जहाजों का उल्लेख किया है। इन सभी साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि हड़प्पा सभ्यता का विस्तृत बाह्य व्यापार था, जो मुख्यतः वस्तु विनिमय प्रणाली (Barter System) पर आधारित था।
Real Education Factory


प्रश्न 15. चन्हुदड़ो से प्राप्त ‘दवात’ (Inkpot) क्या दर्शाता है?

(A) लेखन कला
(B) व्यापार
(C) राज उपयोग
(D) धार्मिक कार्य

उत्तर: (A) लेखन कला

✍️ **चन्हुदड़ो** हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी खोज **1931 में ननी गोपाल मजूमदार** ने की थी। यहाँ से **दवात (Inkpot)** प्राप्त हुई है, जो हड़प्पावासियों की **लेखन कला और शिक्षा** के विकास का संकेत देती है। इसके अलावा यहाँ से **रंजन श्लाका (Lipstick)**, **मनका बनाने का कारखाना** तथा कुछ ईंटों पर **कुत्ते और बिल्ली के पंजों के निशान** भी मिले हैं। चन्हुदड़ो **पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के बाएँ तट पर** स्थित है। यह **एकमात्र हड़प्पाई नगर** माना जाता है जहाँ शहर का **कोई भी भाग दुर्गीकृत (Fortified) नहीं था**। 📜
हड़प्पा सभ्यता के 25 MCQs UPSC/SSC/UPPSC में बार-बार पूछे गए
हड़प्पा सभ्यता के 25 MCQs UPSC/SSC/UPPSC में बार-बार पूछे गए
Real Education Factory


प्रश्न 16. चन्हुदड़ो से ‘रंजन श्लाका’ (Lipstick) का मिलना क्या दर्शाता है?

(A) चित्रकारी
(B) सौंदर्य प्रसाधन
(C) व्यापार वस्तु
(D) धार्मिक उपयोग

उत्तर: (B) सौंदर्य प्रसाधन

✍️ **चन्हुदड़ो** हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहाँ से **रंजन श्लाका (Lipstick)** प्राप्त हुई है। इससे पता चलता है कि **हड़प्पाई महिलाएँ सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करती थीं**, जो उस समय के विकसित सामाजिक जीवन का प्रमाण है। इसके अलावा यहाँ से **दवात (Inkpot)** भी मिली है, जो लेखन कला के ज्ञान का संकेत देती है। चन्हुदड़ो में **मनका (Beads) बनाने का कारखाना** भी मिला है, जिससे शिल्प और उद्योग के विकास का पता चलता है। कुछ ईंटों पर **कुत्ते और बिल्ली के पंजों के निशान** भी मिले हैं। इस नगर की सबसे विशिष्ट विशेषता यह है कि **यहाँ शहर का कोई भी भाग दुर्गीकृत (Fortified) नहीं था**। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 17. कालीबंगा से ‘पेड़ के तनों को नाली’ के रूप में प्रयोग का क्या महत्व है?

(A) वनस्पति ज्ञान
(B) जल निकास
(C) धार्मिक प्रयोग
(D) लकड़ी व्यापार

उत्तर: (B) जल निकास

✍️ **कालीबंगा** हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहाँ से **पेड़ के तनों को खोखला करके उन्हें नाली के रूप में प्रयोग करने** के साक्ष्य मिले हैं। यह तथ्य हड़प्पावासियों की **उन्नत और व्यावहारिक जल निकास तकनीक** को दर्शाता है। कालीबंगा **राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में घग्घर नदी के किनारे** स्थित है। यहाँ का **उत्खनन 1961 में ब्रजवासी लाल** के नेतृत्व में किया गया था। इस स्थल से **अग्नि कुण्ड (Fire Altars)**, **अलंकृत ईंटें** तथा **युग्म शवाधान (Double Burial)** के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं, जो हड़प्पा सभ्यता के धार्मिक और सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण प्रमाण माने जाते हैं। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 18. बणावली से ‘बैलगाड़ी के पहियों के निशान’ क्या दर्शाते हैं?

(A) परिवहन
(B) धर्म
(C) आयात
(D) युद्ध

उत्तर: (A) परिवहन

✍️ **बणावली** हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जो **हरियाणा के हिसार जिले में लुप्त सरस्वती नदी के किनारे** स्थित है। इसका **उत्खनन 1973 में रवीन्द्र सिंह बिष्ट** के नेतृत्व में किया गया था। यहाँ से **बैलगाड़ी के पहियों के निशान** प्राप्त हुए हैं, जो हड़प्पावासियों के **परिवहन के साधनों** का महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। इसके अलावा बणावली से **मिट्टी का बना खिलौना हल (Terracotta Plough)** भी मिला है, जो कृषि के विकास को दर्शाता है। यहाँ से **अच्छी किस्म के जौ (Barley)** के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं। ये सभी साक्ष्य बताते हैं कि बणावली में **कृषि और परिवहन दोनों का अच्छा विकास** हुआ था। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 19. धौलावीरा के ‘शहर के त्रिवर्गीय विभाजन’ की विशेषता क्या है?

(A) तीन मंदिर
(B) तीन भाग
(C) तीन बाजार
(D) तीन अन्नागार

उत्तर: (B) तीन भाग

✍️ **धौलावीरा** हड़प्पा सभ्यता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी सबसे प्रमुख विशेषता **शहर का त्रिवर्गीय विभाजन** है— **दुर्ग (Citadel), मध्य नगर (Middle Town) और निचला नगर (Lower Town)**। यह व्यवस्था अन्य अधिकांश हड़प्पाई नगरों से अलग है, क्योंकि वहाँ सामान्यतः केवल **दो भाग—दुर्ग और निचला नगर** ही पाए जाते हैं। धौलावीरा **गुजरात के कच्छ क्षेत्र के भचाउ तालुके** में स्थित है। इसका **उत्खनन 1990–91 में रवीन्द्र सिंह बिष्ट** के नेतृत्व में किया गया था। यहाँ की उन्नत **जल प्रबंधन प्रणाली** भी बहुत प्रसिद्ध है। इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए **2021 में इसे UNESCO की विश्व विरासत सूची (World Heritage List)** में शामिल किया गया। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 20. धौलावीरा से ‘हड़प्पाई लिपि’ मिलने का क्या महत्व है?

(A) लिपि पढ़ना
(B) लेखन प्रमाण
(C) राजधानी
(D) संस्कृत भाषा

उत्तर: (B) लेखन प्रमाण

✍️ **धौलावीरा** हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जो **गुजरात के कच्छ क्षेत्र** में स्थित है। इसका **उत्खनन 1990–91 में रवीन्द्र सिंह बिष्ट** के नेतृत्व में किया गया था। यहाँ से **हड़प्पाई लिपि में अभिलिखित अनेक वस्तुएँ** प्राप्त हुई हैं, जो इस सभ्यता में **लेखन कला के व्यापक प्रसार** का प्रमाण देती हैं। धौलावीरा की सबसे प्रमुख विशेषता **शहर का त्रिवर्गीय विभाजन—दुर्ग (Citadel), मध्य नगर (Middle Town) और निचला नगर (Lower Town)** है। भारत में **धौलावीरा और राखीगढ़ी** को सबसे बड़े हड़प्पाई स्थलों में गिना जाता है। इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए **2021 में UNESCO ने धौलावीरा को विश्व धरोहर सूची (World Heritage List)** में शामिल किया। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 21. लोथल से ‘लोमड़ी कथा जैसा साक्ष्य’ क्या दर्शाता है?

(A) मूर्ति
(B) मुहर
(C) कथा दृश्य
(D) अस्थि

उत्तर: (C) कथा दृश्य

✍️ **लोथल** हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जो **गुजरात में खंभात की खाड़ी के पास** स्थित है। यहाँ से एक ऐसा साक्ष्य मिला है जो **पंचतंत्र की “चालाक लोमड़ी” की कथा जैसा दृश्य** प्रस्तुत करता है। इससे कुछ विद्वान अनुमान लगाते हैं कि **पंचतंत्र जैसी कहानियों की परंपरा हड़प्पा काल से भी प्राचीन हो सकती है**। लोथल से कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं, जैसे **बंदरगाह (Dockyard)**, **फारस की मुहरें (Persian Seals)**, **धान की भूसी**, **युग्म शवाधान** और **अग्नि कुण्ड**। समुद्री व्यापार के कारण लोथल का विशेष महत्व था, इसलिए इसे अक्सर **“लघु हड़प्पा” या “लघु मोहनजोदड़ो”** भी कहा जाता है। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 22. मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ क्या है?

(A) नदियों का टीला
(B) मुर्दों का टीला
(C) सिंध बाग
(D) जीवन केंद्र

उत्तर: (B) मुर्दों का टीला

✍️ **मोहनजोदड़ो** हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख नगर था। इसका शाब्दिक अर्थ **“मुर्दों का टीला” (Mound of the Dead)** होता है। इस क्षेत्र की भूमि अत्यंत **उर्वर** होने के कारण इसे **“नखलिस्तान (Oasis)”** या **“सिंध का बाग (Garden of Sindh)”** भी कहा जाता है। मोहनजोदड़ो **पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना जिले में सिंधु नदी के दाएँ तट** पर स्थित है। इस स्थल का **उत्खनन 1922 में राखाल दास बनर्जी** द्वारा किया गया था। यह हड़प्पा सभ्यता के **सबसे बड़े और विकसित नगरों** में से एक माना जाता है, जहाँ से अनेक महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 23. मोहनजोदड़ो को ‘नखलिस्तान’ क्यों कहा जाता है?

(A) बाग अधिक
(B) उर्वरा भूमि
(C) उद्यान
(D) नदी तट

उत्तर: (B) उर्वरा भूमि

✍️ **मोहनजोदड़ो** का शाब्दिक अर्थ **“मुर्दों का टीला” (Mound of the Dead)** है, लेकिन इसके आस-पास की भूमि अत्यंत **उर्वरा** होने के कारण इसे **“नखलिस्तान (Oasis)”** या **“सिंध का बाग (Garden of Sindh)”** भी कहा जाता है। यह हड़प्पा सभ्यता का एक अत्यंत विकसित नगर था, जहाँ से कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इनमें **विशाल स्नानागार (Great Bath)**, **अन्नागार (Granary)**, प्रसिद्ध **कांसे की नर्तकी की मूर्ति**, **पशुपति शिव की मुहर**, **सूती कपड़े के अवशेष**, **मेसोपोटामियाई मुहरें** तथा **योग की शाम्भवी मुद्रा में बैठी मूर्ति** जैसे साक्ष्य शामिल हैं। ये सभी अवशेष हड़प्पा सभ्यता की उन्नत **नगर योजना, कला, धर्म और व्यापार** को दर्शाते हैं। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 24. हड़प्पा की मुहर में ‘स्त्री के गर्भ से पौधा’ क्या दर्शाता है?

(A) पशुपति
(B) मातृदेवी
(C) नाग पूजा
(D) सूर्य पूजा

उत्तर: (B) मातृदेवी

✍️ **हड़प्पा** से प्राप्त एक प्रसिद्ध **मुहर** में सिर के बल खड़ी एक **नग्न स्त्री आकृति** दिखाई देती है, जिसके **फैले हुए पैरों के बीच गर्भ से एक पौधा निकलता हुआ** दर्शाया गया है। इतिहासकार इस आकृति को **मातृदेवी की पूजा** से जोड़ते हैं और इसे **‘वनस्पति देवी’** का प्रतीक मानते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि हड़प्पावासी **प्रकृति, उर्वरता और सृजन शक्ति** की उपासना करते थे। इसी प्रकार अन्य मुहरों और मूर्तियों में भी **मातृदेवी को ‘जननी’ तथा ‘उर्वरता की देवी’** के रूप में दर्शाया गया है। ये साक्ष्य हड़प्पा सभ्यता में **मातृदेवी पूजा और प्रजनन शक्ति के महत्व** को स्पष्ट करते हैं। 📜
Real Education Factory


प्रश्न 25. हड़प्पा से ‘शंख का बना बैल’ मिलने का क्या महत्व है?

(A) व्यापार
(B) शिल्पकला
(C) धार्मिक प्रतीक
(D) B और C दोनों

उत्तर: (D) B और C दोनों

✍️ **हड़प्पा** से **शंख का बना बैल** प्राप्त हुआ है, जो हड़प्पावासियों की उन्नत **शिल्पकला** और शंख जैसी विशेष सामग्री के प्रयोग का प्रमाण देता है। हड़प्पा सभ्यता में **बैल**, विशेषकर **कूबड़दार बैल**, एक महत्वपूर्ण **धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक** माना जाता था। लगभग **3500 ई०पू० के आसपास** शंख, सीपी, **फिरोजा** और **लाजवर्दमणि** से जुड़े उद्योगों का भी विकास हो चुका था। इसके अलावा हड़प्पा से **अन्नागार (Granary)**, **तरबूज के बीज** तथा **मातृदेवी की मुहर** जैसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं, जो इस सभ्यता की उन्नत आर्थिक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाते हैं। 📜
हड़प्पा सभ्यता के 25 धमाकेदार MCQs 2026
हड़प्पा सभ्यता MCQs से जुड़े 25 धमाकेदार MCQs 2026

Leave a Comment