
प्राचीन भारत का इतिहास भाग-12 MCQ-2026
चारों वेद MCQs: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के महत्वपूर्ण सवाल (UPSC/SSC)
प्रश्न 1. ऋग्वेद मूलतः किसका संकलन है?
✅ उत्तर: (B) विभिन्न देवताओं की स्तुति में गाये गये मंत्रों का
प्रश्न 2. आरण्यक ग्रंथ किस रूप में लिखे गये हैं?
✅ उत्तर: (C) गद्य और पद्य दोनों में
प्रश्न 3. उपनिषदों का प्रतिपाद्य (मुख्य) विषय क्या है?
✅ उत्तर: (B) ब्रह्म, दर्शन और अध्यात्म
प्रश्न 4. ऋग्वेद का नवम् मण्डल किस देवता को समर्पित है?
✅ उत्तर: (C) सोम
प्रश्न 5. वैदिक काल के इतिहास की जानकारी मुख्यतः किस साहित्य से प्राप्त होती है?
✅ उत्तर: (B) वैदिक साहित्य से
प्रश्न 6. पद्यात्मक वेदों का गद्यात्मक विश्लेषण किस साहित्य में मिलता है?
✅ उत्तर: (C) ब्राह्मण साहित्य में
प्रश्न 7. वैदिक साहित्य में सर्वाधिक प्राचीन ग्रंथ कौन सा है?
✅ उत्तर: (C) ऋग्वेद
प्रश्न 8. ऋग्वेद का पुरोहित कौन होता था?
✅ उत्तर: (C) होता या होतृ
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प्रश्न 9. सामवेद का पुरोहित कौन होता था?
✅ उत्तर: (B) उद्गाता
प्रश्न 10. यजुर्वेद का पुरोहित कौन होता था?
✅ उत्तर: (C) अध्वर्यु
प्रश्न 11. अथर्ववेद का पुरोहित कौन होता था?
✅ उत्तर: (D) ब्रह्मा
अथर्ववेद का पुरोहित ‘ब्रह्मा’ कहलाता था। ब्रह्मा यज्ञ का निरीक्षणकर्ता होता था। वह यज्ञ में होने वाली गलतियों को सुधारता और समग्र अनुष्ठान पर नजर रखता था। ब्रह्मा को चारों वेदों का ज्ञान होना आवश्यक था, क्योंकि उसे पूरे यज्ञ का संचालन करना होता था। यह पद वैदिक यज्ञ की सही और सुरक्षित प्रक्रिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था।
प्रश्न 12. ऋग्वेद का उपवेद कौन सा है?
✅ उत्तर: (C) आयुर्वेद
आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद माना जाता है। इसके संकलनकर्ता प्रजापत्य माने जाते हैं। हालांकि कुछ ग्रंथों जैसे सुश्रुत के अनुसार आयुर्वेद अथर्ववेद का उपवेद है। चरक ने लिखा कि चिकित्सक को अथर्ववेद के प्रति अधिक भक्ति दिखानी चाहिए। परीक्षाओं में इस विषय पर दोनों मत याद रखना आवश्यक है। यह उपवेद चिकित्सा और स्वास्थ्य विज्ञान से संबंधित है।
प्रश्न 13. सामवेद का उपवेद कौन सा है?
✅ उत्तर: (C) गांधर्ववेद
सामवेद का उपवेद ‘गांधर्ववेद’ है। इसके संकलनकर्ता नारद माने जाते हैं। गांधर्ववेद में संगीत, नृत्य और नाट्यकला का ज्ञान है। चूँकि सामवेद स्वयं संगीतात्मक है, इसलिए इसका उपवेद गांधर्ववेद (संगीत-शास्त्र) बना। नारद को भारतीय संगीत का आदि आचार्य माना जाता है। यह उपवेद संगीत और कला की प्राचीन वैदिक परंपरा का आधार है।
प्रश्न 14. यजुर्वेद का उपवेद कौन सा है?
✅ उत्तर: (D) धनुर्वेद
यजुर्वेद का उपवेद ‘धनुर्वेद’ है। इसके संकलनकर्ता विश्वामित्र माने जाते हैं। धनुर्वेद में युद्धकला, अस्त्र-शस्त्र विद्या और सैन्य विज्ञान का ज्ञान है। यजुर्वेद में यज्ञ और कर्मकांड का विवरण है, इसलिए इसका उपवेद क्रिया-प्रधान विद्या यानी युद्धकला बना। यह उपवेद वैदिक युद्धकला और रणनीति का प्रमुख स्रोत है।
प्रश्न 15. अथर्ववेद का उपवेद कौन सा है?
✅ उत्तर: (D) शिल्पवेद
अथर्ववेद का उपवेद ‘शिल्पवेद’ है। इसके संकलनकर्ता विश्वकर्मा माने जाते हैं। शिल्पवेद में वास्तुकला, मूर्तिकला, शिल्पकारी और निर्माण कला का ज्ञान है। विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी माना जाता है। शिल्पवेद भारतीय कला और स्थापत्य की प्राचीन परंपरा का आधार है और यह वैदिक समय की सृजनात्मक विद्या को दर्शाता है।
प्रश्न 16. गांधर्ववेद के संकलनकर्ता कौन माने जाते हैं?
✅ उत्तर: (C) नारद
गांधर्ववेद के संकलनकर्ता देवर्षि नारद माने जाते हैं। नारद को भारतीय पुराणों में संगीत के देवता और ईश्वर के भक्त के रूप में प्रसिद्ध माना गया है। गांधर्ववेद सामवेद का उपवेद है और इसमें संगीत, नृत्य एवं नाट्यकला का विस्तृत ज्ञान है। नारद की वीणा भारतीय संगीत परंपरा की प्रमुख प्रतीक मानी जाती है।
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प्रश्न 17. धनुर्वेद के संकलनकर्ता कौन माने जाते हैं?
✅ उत्तर: (C) विश्वामित्र
धनुर्वेद के संकलनकर्ता ऋषि विश्वामित्र माने जाते हैं। विश्वामित्र एक महान ऋषि थे जो क्षत्रिय से ब्राह्मण बने। उन्होंने ऋग्वेद का तृतीय मण्डल रचा और राम व लक्ष्मण को युद्धकला की शिक्षा दी। धनुर्वेद यजुर्वेद का उपवेद है और इसमें युद्धकला और सैन्य विज्ञान का ज्ञान मिलता है।
प्रश्न 18. शिल्पवेद के संकलनकर्ता कौन माने जाते हैं?
✅ उत्तर: (C) विश्वकर्मा
शिल्पवेद के संकलनकर्ता विश्वकर्मा माने जाते हैं। उन्हें देवताओं का दिव्य शिल्पी कहा जाता है। शिल्पवेद में वास्तुकला, भवन निर्माण, मूर्तिकला और यंत्र-निर्माण का ज्ञान है। यह अथर्ववेद का उपवेद है और भारतीय स्थापत्यकला और मंदिर निर्माण की प्राचीन परंपरा इसी पर आधारित मानी जाती है।
प्रश्न 19. ऋग्वेद में पत्नी को किस रूप में सम्मानित किया गया है?
✅ उत्तर: (B) ‘जायेदस्तम्’ (पत्नी ही गृह है)
ऋग्वेद में पत्नी को ‘जायेदस्तम्’ कहा गया है, जिसका अर्थ है — पत्नी ही गृह है। इससे स्पष्ट होता है कि ऋग्वैदिक काल में स्त्रियों को अत्यंत सम्मानजनक स्थान प्राप्त था। परिवार और घर की संपूर्ण धुरी पत्नी को माना जाता था। यह उद्धरण प्राचीन भारत में नारी की उच्च सामाजिक स्थिति का प्रमाण है।
प्रश्न 20. ऋग्वेद के किस मण्डल में यह उल्लेख है कि अश्विनी ने मनु को हल चलाना सिखाया?
✅ उत्तर: (C) प्रथम मण्डल
ऋग्वेद के प्रथम मण्डल में उल्लेख है कि अश्विनी देवताओं ने मनु को हल चलाना सिखाया। अश्विनी कुमार वैदिक काल के चिकित्सा और कृषि से जुड़े देवता माने जाते हैं। यह तथ्य प्राचीन भारत में कृषि के उद्भव से जुड़ा महत्वपूर्ण पौराणिक साक्ष्य है। यह UPSC और राज्य PSC परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है।
प्रश्न 21. प्रसिद्ध ‘दाशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) का वर्णन ऋग्वेद के किस मण्डल में है?
✅ उत्तर: (C) सप्तम मण्डल
ऋग्वेद के सप्तम मण्डल में ‘दाशराज्ञ युद्ध’ (दस राजाओं का युद्ध) का वर्णन है। यह युद्ध परुष्णी (रावी) नदी के तट पर भरत राजा सुदास और दस राजाओं के गठबंधन के बीच हुआ था। सुदास विजयी हुआ। यह ऋग्वैदिक काल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना मानी जाती है। सप्तम मण्डल को वशिष्ठ ऋषि द्वारा रचित माना जाता है।
प्रश्न 22. चारों वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) का एक साथ उल्लेख सर्वप्रथम कहाँ मिलता है?
✅ उत्तर: (B) ऋग्वेद के दशम् मण्डल के ‘पुरुष सूक्त’ में
ऋग्वेद के दशम् मण्डल के ‘पुरुष सूक्त’ में पहली बार चारों वर्ण का एक साथ उल्लेख मिलता है। इसमें कहा गया है कि विराट पुरुष के मुख से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय, जंघाओं से वैश्य और पैरों से शूद्र उत्पन्न हुए। यह दशम मण्डल परवर्ती काल का है और वर्ण-व्यवस्था का महत्वपूर्ण वैदिक साक्ष्य प्रदान करता है।
प्रश्न 23. ऋग्वेद के नवम् मण्डल में कुल कितने सूक्त हैं और वे किस देवता को समर्पित हैं?
✅ उत्तर: (B) 144 सूक्त — सोम देवता को
ऋग्वेद के नवम् मण्डल में कुल 144 सूक्त सोम देवता को समर्पित हैं। इसलिए इसे ‘सोम मण्डल’ भी कहा जाता है। सोम एक दिव्य पेय था जिसे यज्ञों में देवताओं को अर्पित किया जाता था और इसे वनस्पति और चंद्रमा से भी जोड़ा गया है। यह तथ्य UPSC और BPSC परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है।
प्रश्न 24. यजुर्वेद में किस अनाज की पाँच किस्मों का उल्लेख मिलता है?
✅ उत्तर: (C) चावल
यजुर्वेद में चावल की पाँच किस्में का उल्लेख मिलता है। इनमें ‘महाव्रीहि’ नामक चावल को सबसे उत्तम गुणवत्ता वाला माना गया था। यह तथ्य उत्तर वैदिक काल में कृषि के विकास और धान की खेती की प्रगति का प्रमाण है। उस समय गंगा-यमुना दोआब में कृषि का विस्तार हुआ था, जहाँ धान की खेती विशेष रूप से उपयुक्त थी।
प्रश्न 25. यजुर्वेद में सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले चावल का क्या नाम बताया गया है?
✅ उत्तर: (C) महाव्रीहि
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