रॉबर्ट क्लाइव से लॉर्ड एमहर्स्ट तक: बंगाल के गवर्नर

परिचय बंगाल में ब्रिटिश शासन की शुरुआत भारतीय इतिहास का एक निर्णायक मोड़ था। यह वह समय था जब एक व्यापारिक कंपनी धीरे-धीरे एक विशाल साम्राज्य में तब्दील हो रही थी। बंगाल के गवर्नरों ने इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।23 जून 1757 को प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों की स्थिति बंगाल में मजबूत … Read more

आलमगीर द्वितीय: मुगल पतन और सत्ता का संघर्ष (1754-59)

परिचय: कौन थे आलमगीर द्वितीय? आलमगीर द्वितीय (जन्म नाम: अजीज-उद-दीन) मुगल साम्राज्य के पंद्रहवें बादशाह थे जिन्होंने 1754 से 1759 तक शासन किया। वे बादशाह जहांदार शाह के पुत्र और औरंगजेब के प्रपौत्र थे। उनका शासनकाल मुगल इतिहास के सबसे कमजोर और अंधकारमय दौर में से एक था, जब साम्राज्य केवल नाममात्र का रह गया … Read more

बहादुरशाह जफर: 1857 की क्रांति की अनसुनी कहानी

परिचय (Introduction) बहादुरशाह जफर भारतीय इतिहास और मुग़ल सल्तनत के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक थे। ये मुगल साम्राज्य के अंतिम सम्राट थे और 1857 की क्रांति के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक बन गए। उनका जीवन एक महान साम्राज्य के पतन और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत का साक्षी रहा। बहादुरशाह जफर न … Read more

तृतीय आंग्ल–मराठा युद्ध 1817–1818: कारण, घटनाक्रम और परिणाम

1. प्रस्तावना (Introduction) भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना की प्रक्रिया में आंग्ल–मराठा युद्धों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा संघ के बीच तीन प्रमुख युद्ध हुए — प्रथम (1775–1782), द्वितीय (1803–1805) और तृतीय (1817–1819)। इन युद्धों की परिणति ने भारत के राजनीतिक भूगोल को पूर्णतः बदल दिया। तृतीय आंग्ल–मराठा … Read more